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Politics: खरगे की टिप्पणी पर पीएम मोदी का पलटवार, बोले- अंतिम सांस तक करता रहूंगा देश की सेवा

Politics: गुजरात में जनसभा के दौरान प्रधानमंत्री ने विपक्ष पर अफवाह फैलाने का आरोप लगाया, किसानों और खाद की कीमतों को लेकर सरकार का पक्ष रखा।

Politics: कांग्रेस अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खरगे की प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी को लेकर की गई विवादित टिप्पणी के बाद सियासी बयानबाजी तेज हो गई है। प्रधानमंत्री मोदी ने गुजरात के बनासकांठा जिले के भिलडी में एक जनसभा को संबोधित करते हुए कहा कि वह अपनी आखिरी सांस तक भारत के लोगों की सेवा करते रहेंगे। उन्होंने विपक्ष पर देश के मुश्किल दौर में अफवाहें फैलाने और सरकार को बदनाम करने की कोशिश करने का आरोप भी लगाया।

प्रधानमंत्री की यह प्रतिक्रिया ऐसे समय आई है, जब खरगे के पटना में दिए गए बयान को लेकर भाजपा और कांग्रेस के बीच आरोप-प्रत्यारोप जारी हैं। मोदी ने अपने संबोधन में किसानों के कल्याण, खाद की कीमतों और सरकार की योजनाओं का भी जिक्र किया।

पटना में खरगे ने क्या कहा था?

दरअसल, 25 अक्टूबर 2026 को कांग्रेस अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खरगे बिहार के पहले मुख्यमंत्री श्रीकृष्ण सिंह की 139वीं जयंती के कार्यक्रम में शामिल होने पटना पहुंचे थे। कार्यक्रम के दौरान दर्शकों में मौजूद एक व्यक्ति ने कथित तौर पर कहा, “मोदी कहीं नहीं जाएगा।” इसके जवाब में खरगे ने कहा, “मोदी का बाप भी जाएगा।”

खरगे की इस टिप्पणी के बाद राजनीतिक विवाद खड़ा हो गया। भाजपा नेताओं ने इसे प्रधानमंत्री और उनके परिवार के प्रति अपमानजनक भाषा बताते हुए कांग्रेस की आलोचना की। वहीं, कांग्रेस ने खरगे के बयान का बचाव करते हुए कहा कि उन्होंने कार्यक्रम के दौरान की गई टिप्पणी के जवाब में यह बात कही थी।

‘जीवन के अंतिम क्षण तक जनता की सेवा करता रहूंगा’

गुजरात में जनसभा को संबोधित करते हुए प्रधानमंत्री मोदी ने कहा कि उनका उद्देश्य जीवन के अंतिम क्षण तक देशवासियों की सेवा करना है। उन्होंने विपक्ष पर निशाना साधते हुए आरोप लगाया कि कुछ राजनीतिक दल देश के सामने चुनौतियां आने पर भी राजनीतिक लाभ तलाशते हैं।

प्रधानमंत्री ने कहा कि ईरान युद्ध के दौरान विपक्ष ने खाद और एलपीजी की उपलब्धता को लेकर अफवाहें फैलाने की कोशिश की। उनके मुताबिक, विपक्ष ने यह प्रचार किया कि किसानों को खाद नहीं मिलेगी और लोगों को एलपीजी की आपूर्ति में परेशानी होगी। मोदी ने आरोप लगाया कि ऐसा सरकार की छवि खराब करने के उद्देश्य से किया गया।

प्रधानमंत्री के इन आरोपों पर विपक्ष की प्रतिक्रिया और संबंधित दावों की स्वतंत्र पुष्टि अलग विषय है। उनके बयान को गुजरात में दिए गए राजनीतिक संबोधन के संदर्भ में देखा जाना चाहिए।

किसानों के हितों को लेकर सरकार का पक्ष रखा

प्रधानमंत्री मोदी ने अपने संबोधन में किसानों के कल्याण को सरकार की प्राथमिकता बताया। उन्होंने कहा कि वैश्विक परिस्थितियों के कारण खाद की कीमतों में बढ़ोतरी का दबाव बना, लेकिन सरकार ने इसका पूरा बोझ किसानों पर नहीं पड़ने दिया।

उन्होंने छोटे किसानों को आर्थिक सहायता देने के लिए चलाई जा रही पीएम-किसान सम्मान निधि योजना का भी उल्लेख किया। प्रधानमंत्री के अनुसार, इस योजना के तहत किसानों को अब तक कुल 4.5 लाख करोड़ रुपये दिए जा चुके हैं।

सरकार की ओर से इस तरह की योजनाओं को किसानों की आर्थिक मदद और कृषि क्षेत्र को समर्थन देने के प्रयास के रूप में प्रस्तुत किया जाता है। योजना के तहत भुगतान की कुल राशि और लाभार्थियों से जुड़े आंकड़ों की पुष्टि संबंधित सरकारी रिकॉर्ड से की जानी चाहिए।

गुजरात में 14 हजार करोड़ रुपये की परियोजनाओं का उद्घाटन

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी गुजरात के बनासकांठा जिले के भिलडी में भारत बोवाइन ब्रीडिंग एंड रिसर्च सेंटर का उद्घाटन करने पहुंचे थे। इस दौरान उन्होंने लगभग 14,000 करोड़ रुपये की विकास परियोजनाओं का उद्घाटन और शिलान्यास भी किया।

कार्यक्रम में विकास परियोजनाओं के साथ कृषि और पशुपालन से जुड़े विषय भी चर्चा में रहे। प्रधानमंत्री ने किसानों के हितों और सरकार की योजनाओं का उल्लेख करते हुए अपने प्रशासन की प्राथमिकताओं को सामने रखा।

इन परियोजनाओं की प्रकृति, लागत और उनसे मिलने वाले संभावित लाभों का विस्तृत आकलन संबंधित आधिकारिक घोषणाओं के आधार पर किया जा सकता है।

अमित शाह ने भी खरगे के बयान की आलोचना की थी

केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह ने भी खरगे की टिप्पणी को लेकर कांग्रेस पर निशाना साधा था। उन्होंने सोशल मीडिया मंच एक्स पर कहा था कि पटना में प्रधानमंत्री के पिता को लेकर की गई टिप्पणी ने राजनीतिक मर्यादा की सीमाएं पार कर दी हैं।

शाह ने आरोप लगाया कि कांग्रेस पहले भी प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और उनके परिवार के खिलाफ अपमानजनक भाषा का इस्तेमाल करती रही है। उन्होंने प्रधानमंत्री की माता को लेकर की गई टिप्पणियों, ‘मौत का सौदागर’ और ‘चायवाला’ जैसे राजनीतिक संदर्भों का उल्लेख करते हुए कांग्रेस की आलोचना की।

भाजपा ने खरगे के बयान को प्रधानमंत्री के प्रति अपमानजनक बताया, जबकि कांग्रेस ने इसे कार्यक्रम में हुई कथित हूटिंग के जवाब के रूप में पेश किया। दोनों दलों के बीच यह विवाद अब राजनीतिक बयानबाजी का मुद्दा बन गया है।

बयानबाजी के बीच किसानों और विकास पर भी रहा जोर

प्रधानमंत्री मोदी के गुजरात दौरे के दौरान एक ओर विकास परियोजनाओं का उद्घाटन और शिलान्यास हुआ, वहीं दूसरी ओर उनके संबोधन में विपक्ष पर राजनीतिक हमला भी देखने को मिला। उन्होंने किसानों के लिए सरकारी सहायता, खाद की कीमतों और वैश्विक परिस्थितियों का जिक्र किया।

खरगे की टिप्पणी को लेकर भाजपा और कांग्रेस के बीच विवाद जारी है। प्रधानमंत्री ने अपने बयान में देश की जनता की सेवा करने के संकल्प को दोहराया, जबकि भाजपा नेताओं ने कांग्रेस की भाषा पर सवाल उठाए।

फिलहाल, इस मुद्दे पर राजनीतिक प्रतिक्रियाओं के बीच खरगे के बयान का संदर्भ, प्रधानमंत्री की प्रतिक्रिया और दोनों पक्षों के आरोप चर्चा के केंद्र में हैं।

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