UP News : ‘अयोध्या से चुनाव लड़कर दिखाएं’, अखिलेश यादव की CM योगी को चुनौती
अयोध्या पहुंचे अखिलेश यादव ने CM योगी आदित्यनाथ को अयोध्या से चुनाव लड़ने की चुनौती दी। उन्होंने सत्ता, चुनाव आयोग और सरकारी एजेंसियों के इस्तेमाल को लेकर भी निशाना साधा।

UP News : समाजवादी पार्टी के प्रमुख और उत्तर प्रदेश के पूर्व मुख्यमंत्री अखिलेश यादव ने मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ को अयोध्या से चुनाव लड़ने की चुनौती दी है। अयोध्या पहुंचे अखिलेश यादव ने सत्ता, सरकारी एजेंसियों और चुनाव आयोग को लेकर भी निशाना साधा।
अखिलेश यादव समाजवादी पार्टी के नेता तेज नारायण पांडेय उर्फ पवन पांडेय की ओर से आयोजित श्रीमद्भागवत कथा के समापन समारोह में शामिल होने अयोध्या पहुंचे थे। इस दौरान उन्होंने कहा कि मुख्यमंत्री को खुद अयोध्या से चुनाव लड़कर अपनी राजनीतिक ताकत दिखानी चाहिए।
अखिलेश यादव ने यह भी कहा कि अगर समाजवादी पार्टी की सरकार बनती है तो अयोध्या के लोगों को रोजगार और काम के अवसर दिए जाएंगे। उन्होंने महिलाओं को हर साल 40 हजार रुपये देने की बात भी कही।
‘मुख्यमंत्री खुद अयोध्या से चुनाव लड़कर दिखाएं’
अखिलेश यादव ने मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ को सीधे चुनौती देते हुए कहा कि उन्हें अयोध्या से चुनाव लड़ना चाहिए। उन्होंने अयोध्या के विकास और स्थानीय लोगों को रोजगार देने का भी मुद्दा उठाया।
उनका बयान ऐसे समय आया है जब उत्तर प्रदेश की राजनीति में अयोध्या एक महत्वपूर्ण राजनीतिक केंद्र बनी हुई है। विधानसभा चुनाव से पहले अयोध्या को लेकर सत्तारूढ़ भाजपा और विपक्षी दलों के बीच राजनीतिक बयानबाजी तेज है।
सुदर्शन चक्र का उदाहरण देकर सरकारी एजेंसियों पर निशाना
भागवत कथा के दौरान अखिलेश यादव ने भगवान कृष्ण के सुदर्शन चक्र का उदाहरण देते हुए सरकारी संस्थाओं और एजेंसियों पर निशाना साधा।
उन्होंने कहा कि भागवत कथा से आज के सरकारी संस्थानों के लिए भी सीख ली जा सकती है। अखिलेश ने कहा कि सुदर्शन चक्र का इस्तेमाल सज्जनों की रक्षा के लिए होना चाहिए, उन्हें डराने के लिए नहीं।
उन्होंने सत्ता के इस्तेमाल को लेकर कहा कि शक्ति का इस्तेमाल जनहित और सदुपयोग के लिए होना चाहिए, न कि किसी को डराने या दबाव बनाने के लिए।
‘शक्ति सदुपयोग के लिए है, दुरुपयोग के लिए नहीं’
अखिलेश यादव ने कहा कि अधिकारियों और सरकार में बैठे लोगों को भगवान कृष्ण से सीख लेनी चाहिए कि शक्ति का इस्तेमाल किस तरह किया जाना चाहिए।
उन्होंने चुनाव आयोग का भी जिक्र करते हुए कहा कि सत्ता और संस्थाओं को निष्पक्ष तरीके से काम करना चाहिए। अखिलेश ने आरोप लगाया कि आज सत्ता का इस्तेमाल डर पैदा करने के लिए किया जा रहा है।
उन्होंने कहा कि लोकतंत्र में संस्थाओं की जिम्मेदारी लोगों के अधिकारों और सम्मान की रक्षा करना है।
‘राज छल से नहीं, प्रेम और जनमत से मिलता है’
अखिलेश यादव ने कहा कि सत्ता छल से हासिल नहीं की जानी चाहिए, बल्कि प्रेम और जनमत के जरिए मिलनी चाहिए।
उन्होंने भगवान कृष्ण और महाभारत का उदाहरण देते हुए कहा कि कृष्ण ने हस्तिनापुर की सत्ता हासिल करने के लिए छल का सहारा नहीं लिया, बल्कि धर्म के पक्ष में खड़े होकर पांडवों को न्याय दिलाने की भूमिका निभाई।
अखिलेश ने कहा कि भागवत कथा से सामाजिक न्याय और वंचित वर्गों के सम्मान का संदेश भी मिलता है।
सामाजिक न्याय का भी किया जिक्र
अखिलेश यादव ने कहा कि जब सभी लोगों को समान माना जाता है और उनकी गरिमा व प्रतिष्ठा का सम्मान किया जाता है, तो सामाजिक न्याय सुनिश्चित होता है।
उन्होंने भगवान कृष्ण द्वारा द्वारका में 16 हजार बंदी महिलाओं को सम्मान और सामाजिक सुरक्षा दिए जाने का उदाहरण देते हुए कहा कि यह पीड़ित, शोषित और वंचित लोगों के सम्मान का संदेश देता है।
अखिलेश यादव के इस बयान के बाद अयोध्या से चुनाव लड़ने की मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ को दी गई चुनौती उत्तर प्रदेश की सियासत में एक नया राजनीतिक मुद्दा बन गई है।



