Asaram Bail Supreme Court: ‘आसाराम पूरी तरह फिट हैं’, राजस्थान सरकार का सुप्रीम कोर्ट में दावा; बेल याचिका पर मेडिकल रिपोर्ट तलब
अंतरिम जमानत की मांग पर सुनवाई के दौरान सुप्रीम कोर्ट ने स्वास्थ्य संबंधी ताजा रिपोर्ट मांगी, 21 जुलाई को होगी अगली सुनवाई
Asaram Bail Supreme Court: नाबालिग से दुष्कर्म के मामले में सजा काट रहे स्वयंभू धर्मगुरु आसाराम की अंतरिम जमानत याचिका पर सुप्रीम कोर्ट ने राजस्थान सरकार से उनकी ताजा मेडिकल रिपोर्ट पेश करने को कहा है। अदालत ने स्पष्ट किया कि स्वास्थ्य संबंधी वास्तविक स्थिति सामने आने के बाद ही यह तय किया जाएगा कि मेडिकल आधार पर राहत दी जा सकती है या नहीं।
जस्टिस एम.एम. सुंदरेश और जस्टिस पी.बी. वराले की पीठ ने राज्य सरकार को 21 जुलाई तक विस्तृत रिपोर्ट दाखिल करने का निर्देश दिया है।
राजस्थान सरकार ने क्या कहा?
सुनवाई के दौरान राजस्थान सरकार की ओर से पेश अतिरिक्त सॉलिसिटर जनरल तुषार मेहता ने अदालत को बताया कि आसाराम की स्वास्थ्य स्थिति सामान्य है। उन्होंने कहा कि कुछ महीने पहले आसाराम ने अयोध्या और काशी विश्वनाथ की यात्रा की थी और अधिकांश स्थानों पर पैदल चले थे, जिससे उनकी शारीरिक क्षमता का अंदाजा लगाया जा सकता है।
सरकार ने यह भी कहा कि उन्हें गैस्ट्रो संबंधी समस्या के कारण हल्की ब्लीडिंग की शिकायत है, जिसका इलाज चल रहा है और स्थिति नियंत्रण में है।
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सुप्रीम कोर्ट की टिप्पणी
सुप्रीम कोर्ट ने कहा कि वह किसी भी निष्कर्ष पर पहुंचने से पहले पूरी और सही मेडिकल जानकारी देखना चाहता है। अदालत ने राज्य सरकार से स्पष्ट निर्देश लेकर आने को कहा और यह भी कहा कि यदि स्वास्थ्य वास्तव में गंभीर है तो अदालत उचित मानवीय दृष्टिकोण अपनाएगी, लेकिन बिना तथ्यात्मक रिपोर्ट के कोई फैसला नहीं लिया जाएगा।
बचाव पक्ष का क्या तर्क?
आसाराम की ओर से पेश वकील ने अदालत में दावा किया कि उनकी स्वास्थ्य स्थिति गंभीर है और उन्हें आंतरिक रक्तस्राव (इंटरनल ब्लीडिंग) जैसी समस्या का सामना करना पड़ रहा है। इसी आधार पर अंतरिम जमानत देने की मांग की गई है।
क्या है पूरा मामला?
आसाराम को वर्ष 2013 में जोधपुर में एक नाबालिग छात्रा से दुष्कर्म के मामले में दोषी ठहराया गया था। ट्रायल कोर्ट ने उन्हें सजा सुनाई थी। बाद में राजस्थान हाई कोर्ट ने दुष्कर्म के मामले में उनकी सजा बरकरार रखी, हालांकि आपराधिक साजिश और गैंगरेप से जुड़े कुछ आरोपों से उन्हें राहत दी थी।
फिलहाल सुप्रीम कोर्ट में उनकी अपील लंबित है और उसी दौरान उन्होंने स्वास्थ्य आधार पर अंतरिम जमानत की मांग की है। अब अदालत राजस्थान सरकार की मेडिकल रिपोर्ट मिलने के बाद आगे की सुनवाई में फैसला करेगी।



