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क्या केंद्रीय बजट 2026 में चुनावी राज्यों को नजरअंदाज किया गया? निर्मला सीतारमण ने दी सफाई

केंद्रीय बजट 2026-27 को लेकर चुनावी राज्यों को लेकर भेदभाव के आरोपों के बीच वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण ने सरकार का पक्ष स्पष्ट किया है।

नई दिल्ली। केंद्रीय बजट 2026-27 को लेकर चुनावी राज्यों को लेकर भेदभाव के आरोपों के बीच वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण ने सरकार का पक्ष स्पष्ट किया है। बजट के बाद आयोजित प्रेस ब्रीफिंग में उन्होंने कहा कि केंद्र सरकार ने चुनाव और गैर-चुनाव, दोनों तरह के राज्यों की जरूरतों को ध्यान में रखकर प्रावधान किए हैं।

बजट में रक्षा, परिवहन, सेमीकंडक्टर और दुर्लभ-पृथ्वी (रेयर अर्थ) जैसे रणनीतिक क्षेत्रों पर विशेष जोर दिया गया है। हालांकि, सबसे ज्यादा चर्चा इस बात को लेकर रही कि जिन राज्यों में इस साल विधानसभा चुनाव होने हैं, उन्हें कितना आवंटन मिला है।

सिर्फ चुनावी राज्यों पर फोकस का आरोप सही नहीं

चुनाव वाले राज्यों के लिए बजट आवंटन को लेकर पूछे गए सवाल पर वित्त मंत्री ने कहा, “मुझे लगता है कि इन सभी चुनावी राज्यों को कवर करने के लिए पर्याप्त किया गया है। अगर मैं सिर्फ चुनावी राज्यों के लिए करती, तो आप सवाल उठाते कि गैर-चुनावी राज्यों को क्यों छोड़ा गया। इसलिए सरकार ने दोनों पर समान रूप से काम किया है।”

उन्होंने यह भी कहा कि अगर जरूरत पड़ी तो वह यह भी स्पष्ट कर सकती हैं कि चुनावी राज्यों के लिए अलग-अलग योजनाओं में क्या प्रावधान किए गए हैं।

इन राज्यों में होने हैं चुनाव

तमिलनाडु, पश्चिम बंगाल और केरल उन प्रमुख राज्यों में शामिल हैं जहां इस वर्ष विधानसभा चुनाव प्रस्तावित हैं। बजट के बाद इन राज्यों के नेताओं ने केंद्र सरकार पर अपने-अपने राज्यों को नजरअंदाज करने का आरोप लगाया।

रेयर अर्थ और औद्योगिक कॉरिडोर पर सरकार का जोर

वित्त मंत्री ने सेमीकंडक्टर मिशन 2.0 और रेयर अर्थ कॉरिडोर की घोषणा का बचाव करते हुए कहा कि औद्योगिक कॉरिडोर देश की सप्लाई चेन और विनिर्माण क्षमता के लिए बेहद जरूरी हैं।

उन्होंने कहा कि भारत के पास रेयर अर्थ खनिजों का पर्याप्त कच्चा माल है और तटीय क्षेत्र इन खनिजों से समृद्ध हैं, जिन्हें प्रोसेस कर देश को आत्मनिर्भर बनाया जा सकता है।

तमिलनाडु को लेकर क्या कहा गया

हालांकि बजट भाषण में तमिलनाडु का सीमित उल्लेख रहा, लेकिन राज्य को रेयर अर्थ कॉरिडोर, कृषि आय बढ़ाने की योजनाओं और चेन्नई-बेंगलुरु-हैदराबाद को जोड़ने वाले हाई-स्पीड रेल कॉरिडोर जैसी परियोजनाओं से जोड़ा गया है।

इसके बावजूद तमिलनाडु के मुख्यमंत्री एमके स्टालिन और DMK सांसद कनिमोझी ने बजट को राज्य के लिए निराशाजनक बताते हुए केंद्र पर सौतेला व्यवहार करने का आरोप लगाया।

पश्चिम बंगाल के लिए बजट प्रावधान

बजट भाषण में पश्चिम बंगाल का नाम सीधे तौर पर न लिए जाने के बावजूद, डानकुनी-सूरत डेडिकेटेड फ्रेट कॉरिडोर, दुर्गापुर में औद्योगिक नोड और ‘पुरवोदय विज़न’ के तहत पर्यटन आधारित योजनाओं का प्रस्ताव किया गया है।

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