Chandrashekhar Azad: रात 2:30 बजे जंतर-मंतर पहुंचे चंद्रशेखर आजाद, सुबह 5 बजे तक कार्यकर्ताओं से की चर्चा, 20 जुलाई मार्च पर नजर
Chandrashekhar Azad: भीम आर्मी प्रमुख और नगीना से सांसद चंद्रशेखर आजाद शनिवार देर रात करीब 2:30 बजे दिल्ली के जंतर-मंतर पहुंचे, जहां हाल ही में सामाजिक कार्यकर्ता सोनम वांगचुक के समर्थन में चल रहे आंदोलन से जुड़े लोगों और छात्रों से उन्होंने मुलाकात की। करीब ढाई घंटे तक चले इस दौरे के बाद वह सुबह 5 बजे वहां से रवाना हुए।
कार्यकर्ताओं से की लंबी चर्चा
जंतर-मंतर पहुंचकर चंद्रशेखर आजाद ने आंदोलन से जुड़े कार्यकर्ताओं, छात्रों और समर्थकों से विस्तार से बातचीत की। उन्होंने सोनम वांगचुक की 21 दिन की भूख हड़ताल, आंदोलन की वर्तमान स्थिति और आगे की रणनीति पर चर्चा की।
राजनीतिक हलकों में इस दौरे को महत्वपूर्ण माना जा रहा है, क्योंकि विपक्षी दलों की ओर से इस आंदोलन को लेकर सक्रियता लगातार बढ़ती दिखाई दे रही है।
पुलिस कार्रवाई के बाद बढ़ी हलचल
चंद्रशेखर आजाद का दौरा ऐसे समय हुआ है, जब दिल्ली पुलिस स्वास्थ्य संबंधी कारणों का हवाला देते हुए सोनम वांगचुक को जंतर-मंतर से सफदरजंग अस्पताल ले गई थी। इस कार्रवाई के दौरान प्रदर्शनकारियों और पुलिस के बीच तनाव की स्थिति बनी थी। कुछ प्रदर्शनकारियों ने पुलिस पर धक्का-मुक्की और अभद्र व्यवहार के आरोप भी लगाए, जबकि पुलिस का कहना है कि कार्रवाई चिकित्सकीय सलाह और न्यायालय के निर्देशों के अनुरूप की गई।
सोनम वांगचुक फिलहाल सफदरजंग अस्पताल के आठवें फ्लोर पर भर्ती हैं। अस्पताल परिसर में सुरक्षा बढ़ा दी गई है। वांगचुक ने अस्पताल से जारी संदेश में कहा कि उनका आंदोलन शिक्षा व्यवस्था, पेपर लीक जैसे मुद्दों और लोकतांत्रिक अधिकारों से जुड़ा है।
20 जुलाई के संसद मार्च पर फोकस
अस्पताल से जारी अपने संदेश में सोनम वांगचुक ने समर्थकों से 20 जुलाई को प्रस्तावित संसद मार्च को सफल बनाने की अपील की। उन्होंने इसे “अन्याय और भय के खिलाफ दूसरा आजादी आंदोलन” बताते हुए लोगों से बड़ी संख्या में शामिल होने का आग्रह किया।
चंद्रशेखर आजाद ने अपने दौरे के दौरान किसी बड़े राजनीतिक कार्यक्रम की औपचारिक घोषणा नहीं की। हालांकि, देर रात जंतर-मंतर पहुंचकर आंदोलनकारियों से मुलाकात को 20 जुलाई के प्रस्तावित मार्च और विपक्षी दलों की बढ़ती सक्रियता के संदर्भ में महत्वपूर्ण माना जा रहा है। फिलहाल यह स्पष्ट नहीं है कि वह मार्च में किस भूमिका में शामिल होंगे या कोई अलग कार्यक्रम आयोजित करेंगे।



