Congress: परिसीमन बिल पर कांग्रेस का रुख साफ, जयराम रमेश बोले- सरकार को नहीं मिलेगा समर्थन
Congress: संसद के आगामी मॉनसून सत्र से पहले परिसीमन विधेयक को लेकर राजनीतिक सरगर्मियां तेज हो गई हैं। इस बीच कांग्रेस ने सरकार को स्पष्ट संदेश देते हुए कहा है कि वह प्रस्तावित परिसीमन बिल का समर्थन नहीं करेगी। पार्टी महासचिव और संचार प्रभारी जयराम रमेश ने कहा कि कांग्रेस इस मुद्दे पर विपक्षी दलों के साथ मिलकर सरकार का विरोध करेगी।जयराम रमेश ने बताया कि कांग्रेस विभिन्न विपक्षी दलों, जिनमें डीएमके और आम आदमी पार्टी भी शामिल हैं, के साथ लगातार संपर्क में है। उनका कहना है कि पिछले सत्र में जिस तरह विपक्ष ने एकजुट होकर सरकार के प्रस्ताव को चुनौती दी थी, उसी तरह आगे भी साझा रणनीति अपनाई जाएगी।
कांग्रेस का आरोप है कि सरकार परिसीमन और महिला आरक्षण से जुड़े विधेयकों को ऐसे स्वरूप में आगे बढ़ा रही है जिससे कई राज्यों के राजनीतिक प्रतिनिधित्व पर असर पड़ सकता है। पार्टी का मानना है कि इतने महत्वपूर्ण विषय पर व्यापक राजनीतिक सहमति और सभी दलों से चर्चा आवश्यक है। इसी संदर्भ में कांग्रेस अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खड़गे ने प्रधानमंत्री से सर्वदलीय बैठक बुलाने की मांग भी की है।
मॉनसून सत्र में सरकार परिसीमन और महिला आरक्षण से जुड़े विधेयकों को फिर से आगे बढ़ाने की तैयारी में है। इससे पहले अप्रैल 2026 में संबंधित संविधान संशोधन विधेयक लोकसभा में आवश्यक दो-तिहाई बहुमत हासिल नहीं कर पाया था, जिसके बाद सरकार को झटका लगा था।
कांग्रेस का कहना है कि सरकार के पास अभी भी ऐसा बहुमत नहीं है जिससे वह विपक्ष की चिंताओं को नजरअंदाज कर सके। जयराम रमेश ने दावा किया कि विपक्ष इस मुद्दे पर एकजुट है और सरकार को विधेयक पारित कराने के लिए व्यापक समर्थन जुटाना होगा।
हालांकि सरकार दक्षिण भारतीय राज्यों की चिंताओं को दूर करने के लिए नए प्रस्तावों और सीटों में वृद्धि के फार्मूले पर काम कर रही है। राजनीतिक विश्लेषकों का मानना है कि मॉनसून सत्र में परिसीमन बिल सबसे चर्चित और विवादास्पद मुद्दों में से एक बन सकता है, क्योंकि इसका सीधा संबंध संसद और विधानसभाओं में प्रतिनिधित्व के भविष्य से जुड़ा हुआ है।
अब सभी की नजर संसद के मॉनसून सत्र पर है, जहां यह स्पष्ट होगा कि सरकार बदलते राजनीतिक समीकरणों के बीच इस महत्वपूर्ण विधेयक को आगे बढ़ाने में कितनी सफल रहती है और विपक्ष अपनी एकजुटता को कितना मजबूत बनाए रख पाता है।



