Parliament March: संसद के बेहद करीब पहुंच गए थे प्रदर्शनकारी? 5 सबूतों ने बढ़ाई सुरक्षा चूक की बहस

Parliament March: 20 जुलाई को हुए CJP के ‘चलो संसद’ मार्च को लेकर नया विवाद खड़ा हो गया है। एक मीडिया जांच में दावा किया गया है कि कई प्रदर्शनकारी संसद क्षेत्र के काफी करीब पहुंच गए थे। इसके बाद सुरक्षा व्यवस्था पर गंभीर सवाल उठने लगे हैं।

वहीं, संसद की सुरक्षा को लेकर राजनीतिक बहस भी तेज हो गई है।

पहला सबूत: रेलवे सेल्फी प्वाइंट तक पहुंची भीड़

रिपोर्ट के मुताबिक, कई प्रदर्शनकारी संसद क्षेत्र के नजदीक मौजूद रेलवे सेल्फी प्वाइंट तक पहुंच गए थे। यह इलाका संवेदनशील माना जाता है। ऐसे में सवाल उठ रहा है कि भीड़ वहां तक कैसे पहुंची।

दूसरा सबूत: बैरिकेडिंग कई जगह टूटी

मार्च के दौरान कई स्थानों पर पुलिस बैरिकेडिंग टूटने की खबरें सामने आईं। प्रदर्शनकारियों और पुलिस के बीच धक्का-मुक्की भी हुई।

हालांकि, पुलिस का कहना है कि स्थिति को बाद में नियंत्रित कर लिया गया था।

तीसरा सबूत: सोशल मीडिया वीडियो

घटना के कई वीडियो सोशल मीडिया पर वायरल हुए। इनमें कुछ प्रदर्शनकारी संसद मार्ग की ओर बढ़ते दिखाई दिए।

इसके अलावा, कई वीडियो जांच एजेंसियों के पास भी पहुंचे हैं।

चौथा सबूत: पुलिस जांच तेज

दिल्ली पुलिस ने मामले की जांच तेज कर दी है। रिपोर्ट्स के अनुसार, हजारों लोगों की पहचान और सत्यापन का काम चल रहा है।

पांचवां सबूत: हिंसा और FIR

20 जुलाई के मार्च के दौरान झड़पें हुई थीं। पुलिस के अनुसार, 130 पुलिसकर्मी और 65 छात्र घायल हुए। मामले में 15 FIR भी दर्ज की गई हैं।

विपक्ष ने सरकार को घेरा

विपक्ष लगातार इस मुद्दे को संसद में उठा रहा है। विपक्षी दलों का आरोप है कि छात्रों के साथ सख्ती की गई। वहीं सरकार का कहना है कि कानून व्यवस्था बनाए रखना जरूरी था।

आगे क्या?

फिलहाल पूरे घटनाक्रम की जांच जारी है। दिल्ली पुलिस वीडियो, फोटो और अन्य डिजिटल सबूतों की जांच कर रही है। आने वाले दिनों में जांच रिपोर्ट कई नए खुलासे कर सकती है।

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