US Iran Relations : ईरान ने यूरेनियम भंडार को किया सील! सुरंगें ध्वस्त कर लगाए बूबी-ट्रैप, अमेरिका के लिए बढ़ी चुनौती
US Iran Relations : अमेरिकी खुफिया रिपोर्ट के अनुसार ईरान ने अपने अत्यधिक संवर्धित यूरेनियम भंडार की सुरक्षा बढ़ाते हुए सुरंगों को बंद कर दिया है और प्रवेश मार्गों पर बूबी-ट्रैप लगाए हैं। इससे अमेरिका-ईरान परमाणु समझौते के सामने नई चुनौती खड़ी हो गई है।
US Iran Relations : ईरान ने अपने अत्यधिक संवर्धित यूरेनियम (Highly Enriched Uranium) के भंडार की सुरक्षा को और मजबूत कर दिया है। अमेरिकी मीडिया रिपोर्टों के मुताबिक, तेहरान ने उन भूमिगत सुरंगों को बंद कर दिया है जहां संवर्धित यूरेनियम रखा गया है और प्रवेश मार्गों पर बूबी-ट्रैप तथा बारूदी सुरंगें बिछा दी हैं। इससे भविष्य में इन भंडारों तक पहुंचना काफी मुश्किल हो गया है।
अमेरिकी समाचार चैनल CNN ने खुफिया सूत्रों के हवाले से दावा किया है कि हाल के सप्ताहों में ईरान ने अपने परमाणु भंडारों की सुरक्षा बढ़ाने के लिए कई कदम उठाए हैं। रिपोर्ट के अनुसार, लगभग आधा टन अत्यधिक संवर्धित यूरेनियम भूमिगत सुरंगों में रखा गया है, जिनमें से अधिकांश मध्य ईरान स्थित इस्फहान परमाणु परिसर में मौजूद हैं।
परमाणु समझौते के लिए नई चुनौती
यह घटनाक्रम ऐसे समय सामने आया है जब अमेरिका और ईरान के बीच परमाणु कार्यक्रम को लेकर संभावित समझौते की चर्चाएं तेज हैं। अमेरिकी प्रशासन के वरिष्ठ अधिकारियों का दावा है कि दोनों देश एक ऐसे समझौते के करीब पहुंच चुके हैं, जिसके तहत ईरान को अपने संवर्धित यूरेनियम भंडार को अंतरराष्ट्रीय निगरानी में सौंपना होगा।
हालांकि, विशेषज्ञों का मानना है कि यदि यूरेनियम भंडार तक पहुंचना ही मुश्किल हो जाए तो किसी भी समझौते को लागू करना और उसकी निगरानी करना चुनौतीपूर्ण हो सकता है।
ट्रंप के बयान के बाद बढ़ाई गई सुरक्षा?
रिपोर्ट में यह भी कहा गया है कि अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप द्वारा सार्वजनिक रूप से ईरान के यूरेनियम भंडार को जब्त करने की संभावना जताने के बाद तेहरान ने सुरक्षा उपायों को और सख्त कर दिया। अमेरिकी खुफिया सूत्रों का मानना है कि इसी वजह से ईरान ने संवेदनशील परमाणु सामग्री को अधिक सुरक्षित और गुप्त स्थानों पर पहुंचाने तथा सुरंगों को सील करने जैसे कदम उठाए।
सैन्य कार्रवाई को माना गया जोखिम भरा
रिपोर्ट के मुताबिक, अमेरिकी सेना ने मई के मध्य में परमाणु सामग्री को कब्जे में लेने के लिए एक संभावित ऑपरेशन की तैयारी भी की थी। लेकिन बाद में इसे अत्यधिक जोखिम भरा मानते हुए योजना को आगे नहीं बढ़ाया गया।
इसके बाद से ईरान ने कथित तौर पर अपने परमाणु स्थलों की सुरक्षा और मजबूत कर दी है, जिससे किसी भी सैन्य या निगरानी कार्रवाई के लिए नई मुश्किलें पैदा हो गई हैं।
विशेषज्ञों ने जताई चिंता
अमेरिका के नेशनल न्यूक्लियर सिक्योरिटी एडमिनिस्ट्रेशन के पूर्व अधिकारी स्कॉट रोकर ने कहा कि यदि रिपोर्ट सही है तो भविष्य में यूरेनियम भंडार को वापस हासिल करना और उसका सत्यापन करना बेहद जटिल प्रक्रिया बन सकता है।
उन्होंने चेतावनी दी कि किसी भी परमाणु समझौते के तहत ईरान को अपने पूरे अत्यधिक संवर्धित यूरेनियम भंडार का हिसाब देना होगा। लेकिन यदि कुछ सामग्री सीलबंद या दुर्गम स्थानों पर रखी गई है तो उसकी स्वतंत्र जांच और सत्यापन में कठिनाई आ सकती है।
पाकिस्तान का दावा
इस बीच पाकिस्तान के प्रधानमंत्री शहबाज शरीफ ने दावा किया है कि अमेरिका और ईरान मध्य पूर्व में लंबे समय से जारी तनाव को कम करने के लिए एक शांति समझौते के प्रारूप पर सहमत हो गए हैं। उनके अनुसार अंतिम मसौदा तैयार है और जल्द ही तकनीकी स्तर पर आगे की चर्चा हो सकती है।
हालांकि, दोनों देशों की ओर से अब तक संभावित समझौते की शर्तों को लेकर कोई आधिकारिक घोषणा नहीं की गई है।



