Kanpur News-अदिति यादव मामला : आरोपित को गिरफ्तार कर कानून के सामने लाने वाले पुलिसकर्मी को दूंगा 1.11 लाख रुपये : विधायक
Kanpur News – Aditi Yadav Case: I will give ₹1.11 lakh to the police officer who arrests the accused and brings them to justice: MLA.
Kanpur News-समाजवादी पार्टी के राष्ट्रीय अध्यक्ष एवं पूर्व मुख्यमंत्री अखिलेश यादव की बेटी अदिति यादव की एआई जनित तस्वीर सोशल मीडिया पर प्रसारित कर कथित रूप से बदनाम करने की कोशिश किए जाने के मामले ने राजनीतिक तूल पकड़ लिया है। समाजवादी पार्टी ने इसे सुनियोजित साजिश बताते हुए कड़ी आपत्ति जताई है। कानपुर की छावनी सीट से सपा विधायक मोहम्मद हसन रूमी ने शुक्रवार को आरोपित की गिरफ्तारी में अहम भूमिका निभाने वाले पुलिसकर्मी को एक लाख 11 हजार रुपये का नकद पुरस्कार देने की घोषणा की है।
कानपुर में आयोजित प्रेसवार्ता में विधायक मोहम्मद हसन रूमी और आर्यनगर से सपा विधायक अमिताभ बाजपेयी ने कहा कि राजनीतिक मतभेद अपनी जगह हैं, लेकिन किसी नेता के परिवार को निशाना बनाना लोकतांत्रिक मर्यादाओं के खिलाफ है। उन्होंने कहा कि अदिति यादव की एआई से तैयार की गई कथित आपत्तिजनक तस्वीर प्रसारित कर उनकी छवि धूमिल करने का प्रयास किया गया है, जिसे समाजवादी पार्टी किसी भी कीमत पर बर्दाश्त नहीं करेगी।
हसन रूमी ने कहा कि मामले में पुलिस कार्रवाई शुरू हो चुकी है और दोषियों को कानून के दायरे में लाया जाएगा। उन्होंने कहा कि जो पुलिसकर्मी आरोपित को गिरफ्तार कर सार्वजनिक रूप से कानून के सामने पेश करेगा, उसे वह व्यक्तिगत रूप से एक लाख 11 हजार रुपये का पुरस्कार देंगे।
इस मामले में समाजवादी अधिवक्ता सभा के राष्ट्रीय सचिव एडवोकेट प्रवीण यादव की ओर से पुलिस कमिश्नर को तहरीर देकर शिकायत दर्ज कराई गई थी। शिकायत के आधार पर साइबर थाने में नागेश सिंह बघेल, विनोद कुमार यादव और भरत कुमार पटेल के खिलाफ मुकदमा दर्ज किया गया है। पुलिस अब मामले की जांच कर रही है।
सपा नेताओं ने कहा कि पार्टी इस प्रकरण को गंभीरता से ले रही है और पूरे मामले की तह तक जाएगी। साथ ही उन्होंने राज्य सरकार पर भी निशाना साधते हुए कहा कि सोशल मीडिया पर बढ़ रही ऐसी गतिविधियों पर प्रभावी नियंत्रण आवश्यक है।
पुलिस अधिकारियों के अनुसार दर्ज मुकदमे के आधार पर डिजिटल साक्ष्यों का परीक्षण किया जा रहा है और जांच के बाद आगे की कानूनी कार्रवाई की जाएगी। मामला अब प्रदेश की राजनीति में चर्चा का विषय बन गया है।



