Ketan Agrawal Murder Case: 26/11 के सरकारी वकील उज्ज्वल निकम बने स्पेशल पब्लिक प्रॉसिक्यूटर, बोले- देश हिल गया
Ketan Agrawal Murder Case: केतन अग्रवाल हत्याकांड में 26/11 केस के सरकारी वकील उज्ज्वल निकम को स्पेशल पब्लिक प्रॉसिक्यूटर नियुक्त किया गया। जानिए पूरा मामला और सरकार का फैसला।
Ketan Agrawal Murder Case: महाराष्ट्र के चर्चित केतन अग्रवाल हत्याकांड में वरिष्ठ अधिवक्ता और राज्यसभा सांसद उज्ज्वल निकम को स्पेशल पब्लिक प्रॉसिक्यूटर (एसपीपी) नियुक्त किया गया है। 26/11 मुंबई आतंकी हमले सहित कई हाई-प्रोफाइल मामलों में सरकार की ओर से पैरवी कर चुके निकम ने शुक्रवार को कहा कि उन्होंने मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस और पीड़ित परिवार के अनुरोध पर यह जिम्मेदारी स्वीकार की है।
मुंबई में मीडिया से बातचीत में निकम ने कहा, “इस हत्या से पूरा देश हिल गया है।” उन्होंने बताया कि मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस ने उन्हें फोन कर अग्रवाल परिवार की मांग से अवगत कराया, जिसके बाद उन्होंने मामले की पैरवी करने के लिए सहमति दे दी।
निकम ने कहा कि फिलहाल पुलिस की जांच जारी है और चार्जशीट दाखिल होने के बाद ही मामले की स्थिति स्पष्ट होगी। उन्होंने कहा कि महाराष्ट्र में कानून का शासन बनाए रखना जरूरी है और इसी उद्देश्य से उन्होंने यह जिम्मेदारी स्वीकार की है।
क्या है केतन अग्रवाल हत्याकांड?
22 वर्षीय केतन अग्रवाल की 18 जून को पुणे के पास स्थित लोहागढ़ किले से गिरने के बाद मौत हो गई थी। शुरुआती जांच के बाद पुलिस ने इसे संदिग्ध हत्या का मामला मानते हुए जांच शुरू की।
पुलिस ने केतन की मंगेतर सिया गोयल और उसके कथित प्रेमी चेतन चौधरी को गिरफ्तार किया है। दोनों फिलहाल पुलिस हिरासत में हैं और मामले की जांच जारी है।
इस बीच, केतन अग्रवाल के पिता ने मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस से मुलाकात कर मामले की सुनवाई फास्ट-ट्रैक कोर्ट में कराने और उज्ज्वल निकम को सरकारी वकील नियुक्त करने की मांग की थी। राज्य सरकार ने दोनों मांगों को मंजूरी दे दी है।
हाई-प्रोफाइल मामलों में रहा है निकम का अनुभव
उज्ज्वल निकम देश के सबसे चर्चित सरकारी वकीलों में गिने जाते हैं। उन्होंने 1993 मुंबई सिलसिलेवार बम धमाकों, संगीत कारोबारी गुलशन कुमार हत्याकांड और 2008 के मुंबई आतंकी हमले (26/11) में पकड़े गए पाकिस्तानी आतंकवादी अजमल कसाब के मुकदमे में सरकार की ओर से पैरवी की थी।
वर्ष 2024 में निकम भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) में शामिल हुए और मुंबई उत्तर मध्य लोकसभा सीट से चुनाव लड़ा, हालांकि उन्हें हार का सामना करना पड़ा। बाद में राज्य सरकार ने उन्हें दोबारा कानूनी जिम्मेदारियां सौंपीं और जुलाई 2025 में राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू ने उन्हें राज्यसभा के लिए मनोनीत किया।
बिरयानी विवाद भी रहा चर्चा में
26/11 मामले की सुनवाई के दौरान उज्ज्वल निकम ने मीडिया में यह दावा किया था कि अजमल कसाब ने जेल में मटन बिरयानी की मांग की थी। बाद में उन्होंने स्वीकार किया कि यह दावा तथ्यात्मक नहीं था। निकम के अनुसार, उन्होंने यह बात इसलिए कही थी ताकि अदालत में कसाब के प्रति लोगों में सहानुभूति का माहौल न बने।



