Noida News: Noida में फ्लैट नंबर 402 बना ‘सीक्रेट स्टोर’! 2 करोड़ की कैंसर की दवाएं बरामद, बड़े नेटवर्क का खुलासा

Noida News: नोएडा के सेक्टर-76 स्थित आम्रपाली प्रिंसली सोसाइटी के एक फ्लैट से करीब 2 करोड़ रुपये की कैंसर और अन्य महंगी बायोलॉजिकल दवाएं बरामद होने के बाद जांच एजेंसियां सतर्क हो गई हैं। संयुक्त छापेमारी में एक आरोपी को गिरफ्तार किया गया है और मामले के तार एक बड़े दवा नेटवर्क से जुड़े होने की आशंका जताई जा रही है।

दिल्ली की जांच से नोएडा तक पहुंची टीम

जानकारी के मुताबिक, दिल्ली में पहले से दर्ज एक मामले की जांच के दौरान एजेंसियों को सूचना मिली कि नोएडा के एक फ्लैट में नियंत्रित श्रेणी की महंगी दवाओं का अवैध भंडारण किया गया है।

इसके बाद दिल्ली क्राइम ब्रांच, केंद्रीय औषधि मानक नियंत्रण संगठन (CDSCO) और जिला औषधि विभाग की संयुक्त टीम ने सेक्टर-76 स्थित आम्रपाली प्रिंसली सोसाइटी के फ्लैट नंबर-402 पर छापा मारा। तलाशी के दौरान बड़ी मात्रा में कैंसर के इलाज में इस्तेमाल होने वाली महंगी दवाएं और बायोलॉजिकल इंजेक्शन बरामद किए गए।

एक आरोपी गिरफ्तार, 10 लोगों तक पहुंची जांच

छापेमारी के दौरान आनंद कुमार नामक आरोपी को गिरफ्तार किया गया। अधिकारियों के अनुसार, इस मामले में अब तक 10 लोगों की गिरफ्तारी हो चुकी है। इनमें 9 आरोपी पहले दिल्ली से पकड़े जा चुके थे, जबकि नोएडा से गिरफ्तार आनंद कुमार इस नेटवर्क का दसवां आरोपी है।

बिहार सरकार की सप्लाई से भी जुड़ सकते हैं तार

प्रारंभिक जांच में आशंका जताई गई है कि बरामद कुछ दवाएं बिहार सरकार की आपूर्ति प्रणाली से संबंधित हो सकती हैं। फिलहाल एजेंसियां दवाओं के बैच नंबर, दस्तावेज और सप्लाई रिकॉर्ड का मिलान कर रही हैं। यदि यह पुष्टि होती है, तो मामला केवल अवैध भंडारण का नहीं बल्कि सरकारी दवा आपूर्ति में सेंध का भी हो सकता है। हालांकि, जांच अभी जारी है और इस संबंध में कोई अंतिम निष्कर्ष नहीं निकाला गया है।

हाईराइज फ्लैट को क्यों बनाया गया स्टोर?

जांच एजेंसियों का मानना है कि रिहायशी हाईराइज सोसाइटी में इस तरह की गतिविधियों पर कम संदेह होता है। इसी वजह से फ्लैट का इस्तेमाल कथित तौर पर दवाओं के गोदाम के रूप में किया जा रहा था। मौके से मिले दस्तावेज, पैकिंग सामग्री और अन्य रिकॉर्ड की भी जांच की जा रही है।

जांच का दायरा दूसरे राज्यों तक

मामले की गंभीरता को देखते हुए जांच का दायरा अब हैदराबाद समेत अन्य राज्यों तक बढ़ाया गया है। एजेंसियां यह पता लगाने में जुटी हैं कि दवाएं कहां से लाई गईं, किन लोगों के जरिए फ्लैट तक पहुंचीं और इन्हें आगे किसे सप्लाई किया जाना था। आने वाले दिनों में इस मामले में और गिरफ्तारियां हो सकती हैं।

Related Articles

Back to top button