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UP Politics: ’12 बजे सोकर उठते हैं, ट्वीट करते हैं और फिर PC…’, अखिलेश यादव पर क्यों भड़के ओपी राजभर? AIIMS गोरखपुर विवाद में छिड़ी जुबानी जंग

AIIMS गोरखपुर की कार्यकारी निदेशक को निजी अस्पताल ले जाने पर अखिलेश यादव ने योगी सरकार को घेरा, ओपी राजभर ने सपा प्रमुख पर किया पलटवार।

UP Politics: उत्तर प्रदेश की सियासत में एक बार फिर समाजवादी पार्टी के अध्यक्ष अखिलेश यादव और योगी सरकार के मंत्री ओम प्रकाश राजभर आमने-सामने आ गए हैं। इस बार विवाद की वजह गोरखपुर AIIMS की कार्यकारी निदेशक की तबीयत बिगड़ने और उन्हें इलाज के लिए निजी अस्पताल ले जाने का मामला है। अखिलेश यादव ने इस घटना को लेकर बीजेपी सरकार पर सवाल उठाए तो ओपी राजभर ने पलटवार करते हुए सपा प्रमुख पर ही निशाना साध दिया। राजभर ने यहां तक कह दिया कि अखिलेश यादव दोपहर 12 बजे सोकर उठते हैं, एक ट्वीट करते हैं और फिर प्रेस कॉन्फ्रेंस करने लगते हैं। उनके पास इसके अलावा कोई काम नहीं है। राजभर के इस बयान के बाद यूपी की सियासत में एक बार फिर बयानबाजी तेज हो गई है।

अखिलेश यादव के एक ट्वीट से शुरू हुआ विवाद

दरअसल, गोरखपुर AIIMS की कार्यकारी निदेशक मेजर जनरल (सेवानिवृत्त) डॉ. विभा दत्ता की बुधवार को अचानक तबीयत बिगड़ गई थी। इसके बाद उन्हें दिल से जुड़ी जांच के लिए एक निजी अस्पताल ले जाया गया। इस घटना के सामने आने के बाद AIIMS गोरखपुर में उपलब्ध स्वास्थ्य सुविधाओं को लेकर सवाल उठने लगे। बताया गया कि संस्थान में कैथ लैब की सुविधा शुरू नहीं होने के कारण उन्हें निजी अस्पताल ले जाना पड़ा।

इसी मुद्दे को लेकर अखिलेश यादव ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म X पर बीजेपी सरकार पर निशाना साधा। उन्होंने लिखा, ‘भाजपा राज में AIIMS को भी इलाज की जरूरत है। सच में यही अंधेर नगरी वाला राज है, बाकी सवा दो करोड़ प्रतिदिन का झूठा प्रचार है।’

अखिलेश के इस तंज के बाद प्रदेश सरकार की तरफ से भी प्रतिक्रिया सामने आई। योगी सरकार में मंत्री ओपी राजभर ने सपा प्रमुख के बयान को लेकर उन पर तीखा हमला बोला।

‘अखिलेश जी को कोई काम नहीं, बाल की खाल निकालते हैं’

ओपी राजभर ने अखिलेश यादव के ट्वीट पर प्रतिक्रिया देते हुए कहा कि मामले को बेवजह राजनीतिक रंग दिया जा रहा है। उनका कहना था कि हो सकता है कि संबंधित अधिकारी का कोई परिचित डॉक्टर हो और उन्होंने अपनी देखरेख में इलाज कराने का सुझाव दिया हो। इसे इतना बड़ा मुद्दा बनाने की जरूरत नहीं है।

राजभर ने कहा, ‘अखिलेश जी को कोई काम नहीं है, वह बाल की खाल निकालते हैं।’ उन्होंने आरोप लगाया कि विपक्ष में बैठे अखिलेश यादव सरकार की कमियां निकालने के लिए हर मुद्दे को राजनीतिक विवाद बनाने की कोशिश करते हैं।

’12 बजे सोकर उठेंगे, ट्वीट करेंगे और फिर PC…’

इस दौरान ओपी राजभर ने अखिलेश यादव की दिनचर्या पर भी तंज कस दिया। उन्होंने कहा कि अखिलेश यादव दोपहर 12 बजे सोकर उठते हैं, सोशल मीडिया पर एक ट्वीट कर देते हैं और फिर प्रेस कॉन्फ्रेंस आयोजित कर देते हैं। उनके पास इसके अलावा कोई काम नहीं है।

राजभर ने आगे कहा कि अखिलेश यादव को पता है कि उनकी सरकार बनने वाली नहीं है, इसलिए विपक्ष में रहकर केवल विरोध की राजनीति कर रहे हैं। उन्होंने दावा किया कि अखिलेश यादव को सरकार की उपलब्धियां दिखाई नहीं देतीं और वह हर मामले में कमियां निकालने लगते हैं।

योगी सरकार और सपा सरकार की स्वास्थ्य व्यवस्था पर भी भिड़े नेता

अखिलेश यादव पर हमला करने के साथ ही ओपी राजभर ने स्वास्थ्य सेवाओं के मुद्दे पर योगी सरकार की तुलना पूर्ववर्ती सपा सरकार से भी की। उन्होंने दावा किया कि समाजवादी पार्टी के शासनकाल में अस्पतालों में साफ-सफाई की स्थिति खराब रहती थी, जबकि मौजूदा सरकार में अस्पतालों की व्यवस्था और स्वच्छता में काफी सुधार हुआ है।

राजभर ने जल प्रदूषण का मुद्दा उठाते हुए दावा किया कि सपा सरकार के दौरान दूषित पानी की वजह से बड़ी संख्या में बच्चे बीमार पड़ते थे। वहीं, योगी सरकार में पानी की शुद्धता को लेकर बेहतर काम हुआ है और बच्चों की मृत्यु दर लगभग नगण्य हो गई है।

सरकारी अस्पतालों की व्यवस्थाओं पर उठ रहे सवालों को लेकर भी राजभर ने विपक्ष को घेरा। उन्होंने कहा कि अगर सरकारी अस्पतालों में सुविधाएं नहीं हैं तो लोग वहां इलाज कराने क्यों पहुंच रहे हैं? उन्होंने गोरखपुर AIIMS का उदाहरण देते हुए कहा कि आज भी वहां पर्चा बनवाने के लिए लंबी लाइनें लगती हैं।

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AIIMS गोरखपुर की सुविधाओं पर उठे सवाल

इस पूरे विवाद ने एक बार फिर गोरखपुर AIIMS की स्वास्थ्य सुविधाओं और कैथ लैब की उपलब्धता को लेकर सवाल खड़े कर दिए हैं। एक तरफ अखिलेश यादव ने संस्थान की कार्यकारी निदेशक को निजी अस्पताल ले जाने की घटना के बहाने बीजेपी सरकार को घेरा है, तो दूसरी तरफ ओपी राजभर इसे राजनीतिक मुद्दा बनाने का आरोप लगा रहे हैं।

अब इस मामले में सियासी बयानबाजी तेज हो गई है। सवाल यह है कि जब AIIMS जैसे बड़े चिकित्सा संस्थान की कार्यकारी निदेशक को ही इलाज के लिए निजी अस्पताल जाना पड़ा, तो वहां उपलब्ध सुविधाओं को लेकर उठ रहे सवालों का जवाब कौन देगा? फिलहाल अखिलेश यादव और ओपी राजभर के बीच जुबानी जंग ने इस मुद्दे को यूपी की राजनीति के केंद्र में ला दिया है।

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