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OP Rajbhar Statement: बांदा में ओपी राजभर का विवादित बयान, बोले- ‘हमसे बड़ा गुंडा कौन है?’, मुख्तार-बृजेश और धनंजय सिंह का भी किया जिक्र

बांदा की जन अधिकार महारैली में कैबिनेट मंत्री ने मुख्तार अंसारी, बृजेश सिंह और धनंजय सिंह का किया जिक्र, अखिलेश के PDA फॉर्मूले पर भी कसा तंज।

OP Rajbhar Statement: उत्तर प्रदेश की राजनीति में बयानों और सियासी हमलों का दौर लगातार जारी है। अब योगी सरकार में कैबिनेट मंत्री और सुहेलदेव भारतीय समाज पार्टी (सुभासपा) के अध्यक्ष ओम प्रकाश राजभर अपने एक बयान को लेकर चर्चा में हैं। बांदा में आयोजित महारैली के दौरान राजभर ने मंच से ऐसा बयान दिया, जिसने राजनीतिक गलियारों में हलचल पैदा कर दी। उन्होंने खुद को सबसे बड़ा ‘गुंडा’ बताते हुए मुख्तार अंसारी, बृजेश सिंह और धनंजय सिंह का नाम भी लिया। उनके इस बयान के बाद राजनीतिक चर्चा तेज हो गई है।

दरअसल, मंगलवार 3 नवंबर को बांदा पहुंचे ओम प्रकाश राजभर महारैली को संबोधित कर रहे थे। इस दौरान उन्होंने स्थानीय लोगों से कहा कि उन्होंने सुना है कि बांदा में बड़े-बड़े गुंडे रहते हैं। इसके बाद उन्होंने सवालिया अंदाज में कहा कि उनसे बड़ा गुंडा देश में कौन है? राजभर ने अपने भाषण में दावा किया कि मुख्तार अंसारी, बृजेश सिंह और धनंजय सिंह जैसे चर्चित नाम भी उनके यहां दरबार लगाते हैं।

अखिलेश यादव के PDA फॉर्मूले पर भी साधा निशाना

बांदा की इस रैली में ओपी राजभर का निशाना सिर्फ स्थानीय विरोधियों तक सीमित नहीं रहा। उन्होंने समाजवादी पार्टी के राष्ट्रीय अध्यक्ष अखिलेश यादव के PDA फॉर्मूले पर भी सवाल उठाए। राजभर ने तंज कसते हुए कहा कि अखिलेश यादव को पहले यह स्पष्ट करना चाहिए कि उनके PDA में आखिर किन वर्गों की बात हो रही है।

उन्होंने PDA के तीनों अक्षरों की अपनी तरह से व्याख्या करते हुए पूछा कि ‘P’ का मतलब पंडित है या पिछड़ा, ‘D’ का मतलब डिंपल है या दलित और ‘A’ का मतलब अगड़ा है या अल्पसंख्यक? उनके इस बयान को समाजवादी पार्टी की सामाजिक और राजनीतिक रणनीति पर सीधे हमले के तौर पर देखा जा रहा है।

दरअसल, PDA यानी पिछड़ा, दलित और अल्पसंख्यक समाज को एक साथ लाने का फॉर्मूला अखिलेश यादव की राजनीति का प्रमुख हिस्सा रहा है। राजभर इसी फॉर्मूले को लेकर लगातार सपा पर निशाना साधते रहे हैं

कार्यकर्ताओं को दिया एकजुट रहने का संदेश

रैली में राजभर ने अपने समाज के लोगों से राजनीतिक रूप से एकजुट होने और अपनी पार्टी को मजबूत करने की अपील भी की। उन्होंने कहा कि अब दूसरे दलों का झंडा उठाने के बजाय अपने संगठन और राजनीतिक पहचान को आगे बढ़ाने का समय है।

उन्होंने कार्यकर्ताओं से पूछा कि क्या वे अब डरेंगे नहीं? इस पर मौजूद लोगों ने जवाब दिया कि वे नहीं डरेंगे। राजभर ने गरीबों, पिछड़ों और वंचित वर्गों के अधिकारों का मुद्दा उठाते हुए कहा कि उनके सम्मान और हक के साथ खिलवाड़ बर्दाश्त नहीं किया जाएगा।

बबेरू क्षेत्र में आयोजित इस जन अधिकार महारैली में भागीदारी पार्टी के राष्ट्रीय अध्यक्ष प्रेमचंद प्रजापति समेत कई पदाधिकारी भी मौजूद रहे। कार्यक्रम में बुंदेलखंड में प्रजापति समाज की राजनीतिक भागीदारी बढ़ाने और संगठन को मजबूत करने पर जोर दिया गया।

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राहुल गांधी पर भी कांग्रेस को घेरा

ओपी राजभर ने कांग्रेस और लोकसभा में नेता प्रतिपक्ष राहुल गांधी को लेकर भी टिप्पणी की। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी पर राहुल गांधी की टिप्पणी के संदर्भ में राजभर ने कांग्रेस पर आरोप लगाया कि उसके पास कोई ठोस काम नहीं है और वह केवल आरोप लगाने की राजनीति करती है।

उन्होंने कहा कि जब कांग्रेस कोई आरोप लगाती है और उससे सबूत मांगे जाते हैं, तो वह अपने आरोपों को साबित नहीं कर पाती। राजभर के मुताबिक, कांग्रेस को पहले अपने आरोपों के समर्थन में प्रमाण पेश करना चाहिए।

कुल मिलाकर बांदा की इस रैली में ओपी राजभर ने अपने बयान के जरिए कई राजनीतिक मुद्दों को एक साथ उठाया। एक तरफ उन्होंने मुख्तार अंसारी, बृजेश सिंह और धनंजय सिंह का नाम लेकर खुद को सबसे बड़ा ‘गुंडा’ बताया, तो दूसरी तरफ अखिलेश यादव के PDA फॉर्मूले और कांग्रेस पर भी हमला बोला। अब उनके इस बयान पर विपक्षी दलों की प्रतिक्रिया का इंतजार है।

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