Parliament Update-लोकसभा में महिला आरक्षण संशोधन विधेयक पास नहीं, दो-तिहाई बहुमत से चूका
Parliament Update-संसद के विशेष सत्र के दौरान महिला आरक्षण और परिसीमन से जुड़े संविधान संशोधन विधेयक लोकसभा में पारित नहीं हो सके। दो दिन तक चली विस्तृत चर्चा के बाद शुक्रवार को हुए मतदान में विधेयक को आवश्यक दो-तिहाई बहुमत नहीं मिल पाया।
वोटिंग के दौरान कुल 528 सांसदों ने हिस्सा लिया, जिसमें 298 ने विधेयक के पक्ष में और 230 ने विरोध में मतदान किया। हालांकि, संविधान संशोधन के लिए जरूरी संख्या पूरी न होने के कारण लोकसभा अध्यक्ष ओम बिरला ने विधेयक को अस्वीकार घोषित कर दिया और सदन की कार्यवाही अगले दिन तक स्थगित कर दी।
संसदीय कार्य मंत्री किरण रिजिजू ने इस पर प्रतिक्रिया देते हुए कहा कि यह महिलाओं को अधिकार और सम्मान देने से जुड़ा एक महत्वपूर्ण अवसर था, जिसे विपक्ष ने समर्थन न देकर गंवा दिया। उन्होंने कहा कि सरकार महिलाओं के सशक्तिकरण के लिए अपने प्रयास जारी रखेगी।
वहीं, गृह मंत्री अमित शाह ने चर्चा के दौरान धर्म के आधार पर आरक्षण का विरोध करते हुए कहा कि संविधान में इसका कोई प्रावधान नहीं है। उन्होंने कांग्रेस पर ओबीसी वर्ग के हितों की अनदेखी करने का आरोप भी लगाया और सरकार द्वारा ओबीसी समुदाय को दिए गए प्रतिनिधित्व का उल्लेख किया।
विपक्ष की ओर से राहुल गांधी, अखिलेश यादव और के. सी. वेणुगोपाल सहित कई नेताओं ने विधेयक की प्रक्रिया और सरकार की मंशा पर सवाल उठाए।
गौरतलब है कि इस मुद्दे पर विशेष सत्र के पहले दिन नरेंद्र मोदी, असदुद्दीन ओवैसी और प्रियंका गांधी समेत कई प्रमुख नेताओं ने अपने विचार रखे थे।
इस घटनाक्रम से स्पष्ट है कि महिला आरक्षण जैसे महत्वपूर्ण मुद्दे पर अभी भी राजनीतिक सहमति बनना बाकी है। सरकार ने संकेत दिए हैं कि वह इस विषय को भविष्य में फिर से सदन में ला सकती है।



