Tejashwi Yadav: राघोपुर में तेजस्वी यादव को लोगों की नाराजगी का सामना, पीड़ित परिवारों से मिलने पहुंचे तो उठी इस्तीफे की मांग
Tejashwi Yadav: पीड़ित परिवारों से मुलाकात के दौरान तेजस्वी का विरोध, कुछ लोगों ने कहा—काम नहीं हो रहा तो इस्तीफा दीजिए
Tejashwi Yadav: बिहार के वैशाली जिले के राघोपुर में नाव हादसे में 13 बच्चों की मौत के बाद राजनीतिक नेताओं का पीड़ित परिवारों से मिलने का सिलसिला जारी है। इसी क्रम में बुधवार, 14 अक्टूबर 2026 को राष्ट्रीय जनता दल (राजद) नेता और राघोपुर के विधायक तेजस्वी यादव भी पीड़ित परिवारों से मिलने पहुंचे। इस दौरान उन्हें कुछ स्थानीय लोगों की नाराजगी का सामना करना पड़ा।
रिपोर्ट के अनुसार, हादसे के करीब 24 घंटे बाद पहुंचे तेजस्वी यादव से लोगों ने सवाल किए। भीड़ में मौजूद कुछ लोगों ने उनसे कहा कि यदि वे क्षेत्र की समस्याओं का समाधान नहीं कर पा रहे हैं तो उन्हें इस्तीफा दे देना चाहिए। लोगों की नाराजगी का एक वीडियो सोशल मीडिया पर प्रसारित हो रहा है।
तेजस्वी यादव की पीड़ित परिवारों से बातचीत का एक अन्य वीडियो भी सामने आया है। इसमें कुछ लोग उनसे सवाल करते दिखाई देते हैं। इस दौरान तेजस्वी ने कहा, “पीड़ित परिवार से बात करने दीजिए… राजनीति बाद में कीजिएगा।” घटना के बाद क्षेत्र में शोक के साथ-साथ जवाबदेही को लेकर भी सवाल उठ रहे हैं।
तेजस्वी ने निष्पक्ष जांच और दोषियों पर कार्रवाई की मांग की
पीड़ित परिवारों से मुलाकात के बाद तेजस्वी यादव ने अपने आधिकारिक एक्स हैंडल पर तस्वीरें साझा कीं। उन्होंने हादसे में जान गंवाने वाले बच्चों के परिजनों के प्रति संवेदना व्यक्त की और घटना की उच्चस्तरीय तथा निष्पक्ष जांच कराने की मांग की।
तेजस्वी ने कहा कि हादसे में लापरवाही, कोताही या उदासीनता बरतने वाले अधिकारियों की पहचान कर उनके खिलाफ कड़ी कार्रवाई की जानी चाहिए। उनका कहना है कि घटना की जिम्मेदारी तय की जानी चाहिए, ताकि ऐसी त्रासदी दोबारा न हो।
इस बीच, कुछ स्थानीय लोगों की ओर से विधायक के तौर पर तेजस्वी यादव की जवाबदेही को लेकर सवाल उठाए गए। हालांकि, सामने आए विरोध के वीडियो से पूरे क्षेत्र के लोगों की राय का निष्कर्ष नहीं निकाला जा सकता।
13 अक्टूबर की शाम हुआ था नाव हादसा
वैशाली जिले के राघोपुर में 13 अक्टूबर की देर शाम नाव हादसा हुआ था। खबर के मुताबिक, नाव पर सवार बच्चे भोज में शामिल होने जा रहे थे। इस दुर्घटना में 13 बच्चों की मौत हो गई। घटना के बाद इलाके में मातम का माहौल है और पीड़ित परिवारों के प्रति संवेदना व्यक्त करने के लिए विभिन्न राजनीतिक दलों के नेता पहुंच रहे हैं।
रिपोर्ट में बताया गया है कि चिराग पासवान सहित कई नेता और मंत्री भी प्रभावित परिवारों से मिलने पहुंचे। हादसे ने नाव संचालन की व्यवस्था, सुरक्षा उपायों और संबंधित अधिकारियों की जिम्मेदारी को लेकर गंभीर सवाल खड़े किए हैं।
जांच के लिए कमेटी गठित, अधिकारियों पर कार्रवाई की बात
वैशाली की जिलाधिकारी वर्षा सिंह के अनुसार, नाव हादसे की जांच के लिए एक कमेटी गठित की गई है। उन्होंने बताया कि सूर्यास्त के बाद नाव चलाने की अनुमति दिए जाने के मामले में स्थानीय पुलिस और अंचल अधिकारी के खिलाफ कार्रवाई की जाएगी।
डीएम ने यह भी कहा कि प्रभावित परिवारों को मुआवजा दिया जा चुका है। जांच के जरिए हादसे के कारणों और जिम्मेदारी से जुड़े पहलुओं की पड़ताल की जाएगी।
घटना के बाद अब जांच रिपोर्ट और प्रशासन की अगली कार्रवाई पर नजर रहेगी। यह भी महत्वपूर्ण होगा कि नाव संचालन के नियमों का पालन सुनिश्चित करने और भविष्य में इस तरह की घटनाओं को रोकने के लिए क्या कदम उठाए जाते हैं।
हादसे के बाद जवाबदेही का सवाल
राघोपुर हादसे के बाद पीड़ित परिवारों को न्याय, सुरक्षा व्यवस्था में सुधार और जिम्मेदार लोगों के खिलाफ कार्रवाई की मांग उठ रही है। तेजस्वी यादव के दौरे के दौरान हुई नाराजगी ने स्थानीय स्तर पर जनप्रतिनिधियों की जवाबदेही के मुद्दे को भी सामने ला दिया है।
हालांकि, हादसे के वास्तविक कारणों और जिम्मेदार अधिकारियों की भूमिका का निर्धारण जांच के बाद ही किया जा सकेगा। फिलहाल प्रशासन ने जांच कमेटी गठित करने और संबंधित अधिकारियों के खिलाफ कार्रवाई की बात कही है।



