UP Politics: सरकारी नौकरियों पर अखिलेश के सवाल का योगी ने दिया जवाब, बोले- आप गिनते रहिए, हम नियुक्ति पत्र देते रहेंगे
लखनऊ में 1,375 ग्राम पंचायत अधिकारियों को नियुक्ति पत्र देने के दौरान सीएम योगी ने रोजगार और भर्ती को लेकर विपक्ष पर निशाना साधा
UP Politics: उत्तर प्रदेश में सरकारी भर्तियों को लेकर सत्तापक्ष और विपक्ष के बीच सियासी बयानबाजी लगातार तेज है। इसी क्रम में मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने सोमवार को लखनऊ में आयोजित नियुक्ति पत्र वितरण कार्यक्रम के दौरान समाजवादी पार्टी प्रमुख अखिलेश यादव के सवालों का जवाब दिया। मुख्यमंत्री ने कहा कि सरकार की ओर से नियुक्तियों का सिलसिला जारी है और आने वाले समय में भी युवाओं को नियुक्ति पत्र दिए जाते रहेंगे।
लखनऊ के गोमती नगर स्थित इंदिरा गांधी प्रतिष्ठान में आयोजित कार्यक्रम में मुख्यमंत्री ने उत्तर प्रदेश अधीनस्थ सेवा चयन आयोग (UPSSSC) के जरिए चयनित 1,375 ग्राम पंचायत अधिकारियों को नियुक्ति पत्र सौंपे। इन नियुक्तियों के साथ युवाओं को ग्राम पंचायत स्तर पर प्रशासनिक जिम्मेदारियां संभालने का अवसर मिलेगा।
1,375 युवाओं को मिली ग्राम पंचायत अधिकारी की जिम्मेदारी
सोमवार को हुए कार्यक्रम में 1,375 अभ्यर्थियों को ग्राम पंचायत अधिकारी के पद पर नियुक्ति दी गई। चयनित युवाओं की जिम्मेदारियों में पंचायत प्रशासन से जुड़े काम, विकास योजनाओं के क्रियान्वयन और ग्रामीण स्तर पर सरकारी सुविधाओं की निगरानी जैसी भूमिकाएं शामिल होंगी।
कार्यक्रम में मुख्यमंत्री ने नवनियुक्त अधिकारियों से अपनी जिम्मेदारी ईमानदारी और पारदर्शिता के साथ निभाने की अपील की। उन्होंने ग्रामीण क्षेत्रों में सरकारी योजनाओं को प्रभावी तरीके से जमीन तक पहुंचाने पर भी जोर दिया।
अखिलेश यादव पर योगी का सियासी पलटवार
नियुक्तियों को लेकर विपक्ष की ओर से उठाए जा रहे सवालों के बीच मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने अपने संबोधन में अखिलेश यादव पर निशाना साधा। उन्होंने कहा कि विपक्ष नियुक्तियों की संख्या गिनता रहे, सरकार अपनी ओर से भर्ती प्रक्रिया और नियुक्ति पत्र वितरण जारी रखेगी।
योगी का यह बयान ऐसे समय आया है जब सितंबर में सरकार की ओर से लगातार नियुक्ति पत्र वितरण कार्यक्रम आयोजित किए गए हैं। इससे पहले 19 सितंबर को विभिन्न विभागों में चयनित 818 अभ्यर्थियों को नियुक्ति पत्र दिए गए थे। इसके बाद 20 सितंबर को पुलिस विभाग के 912 चयनित अभ्यर्थियों को नियुक्ति पत्र वितरित किए गए और 22 सितंबर को माध्यमिक शिक्षा विभाग के 3,567 चयनित अभ्यर्थियों को नियुक्ति पत्र दिए गए।
रोजगार के आंकड़ों को लेकर सरकार और विपक्ष आमने-सामने
उत्तर प्रदेश में सरकारी नौकरियां लंबे समय से राजनीतिक बहस का महत्वपूर्ण मुद्दा रही हैं। विपक्ष सरकार से रोजगार और भर्ती प्रक्रिया को लेकर सवाल करता रहा है, जबकि राज्य सरकार नियुक्तियों के आंकड़ों और चयन प्रक्रिया को अपनी उपलब्धियों के तौर पर पेश करती है।
28 सितंबर के कार्यक्रम में मुख्यमंत्री ने सरकारी नौकरियों के अलावा भर्ती प्रक्रिया में पारदर्शिता का भी जिक्र किया। ताजा रिपोर्टों के मुताबिक योगी आदित्यनाथ ने सरकार के कार्यकाल में साढ़े नौ लाख युवाओं को सरकारी नौकरी दिए जाने का दावा किया है। यह आंकड़ा सरकार के अपने दावे के रूप में देखा जाना चाहिए।
पिछली सरकारों पर भी साधा निशाना
मुख्यमंत्री ने अपने भाषण के दौरान उत्तर प्रदेश की पिछली सरकारों के कार्यकाल को लेकर भी टिप्पणी की। उन्होंने आरोप लगाया कि 2017 से पहले प्रदेश में कानून-व्यवस्था की स्थिति खराब थी और अराजकता, माफिया तथा दंगों जैसी समस्याएं मौजूद थीं।
योगी ने दावा किया कि मौजूदा सरकार के कार्यकाल में प्रदेश में कानून-व्यवस्था की स्थिति में बदलाव आया है। ऐसे राजनीतिक दावे राज्य की सियासी बहस का हिस्सा हैं और इन्हें मुख्यमंत्री के बयान के तौर पर देखा जाना चाहिए।
नियुक्तियों के साथ ग्रामीण प्रशासन पर जोर
ग्राम पंचायत अधिकारियों की नई नियुक्तियां सिर्फ सरकारी रोजगार से जुड़ा विषय नहीं हैं। पंचायत स्तर पर ये अधिकारी ग्रामीण प्रशासन और विकास योजनाओं को लागू करने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाते हैं। नियुक्त किए गए अधिकारियों को गांवों में सरकारी योजनाओं के क्रियान्वयन, पंचायत से जुड़े रिकॉर्ड और प्रशासनिक कार्यों में जिम्मेदारी निभानी होगी।
सरकार की ओर से कहा गया है कि इन नियुक्तियों से पंचायत स्तर पर प्रशासनिक व्यवस्था को मजबूती मिलेगी और ग्रामीण क्षेत्रों में योजनाओं के संचालन में मदद मिलेगी।
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आने वाले दिनों में भी जारी रहने का संकेत
सितंबर में लगातार नियुक्ति पत्र वितरण कार्यक्रम होने के बाद मुख्यमंत्री ने आगे भी भर्ती और नियुक्तियों का सिलसिला जारी रहने का संकेत दिया है। इससे पहले सरकार ने अगले छह महीनों में एक लाख से अधिक सरकारी नियुक्तियां देने का लक्ष्य भी सार्वजनिक रूप से रखा है।
इस तरह उत्तर प्रदेश में सरकारी नौकरी का मुद्दा एक साथ दो स्तरों पर दिखाई दे रहा है। एक ओर सरकार नियुक्तियों और चयन प्रक्रिया के आंकड़े सामने रखकर अपने कामकाज को रेखांकित कर रही है, वहीं विपक्ष रोजगार के मुद्दे पर सरकार से सवाल कर रहा है। आने वाले समय में भर्ती और नियुक्तियों से जुड़े आंकड़े यूपी की राजनीति में चर्चा का प्रमुख विषय बने रह सकते हैं।



