Weather Update: बारिश-आंधी-तूफान… दिल्ली-NCR में बदला मौसम, राजस्थान से शिमला तक बेमौसम बरसात — पूरी खबर

दिल्ली-NCR में अचानक बारिश और तेज हवाएं, IMD ने जारी किया अलर्ट, कई राज्यों में आंधी-तूफान का असर

Weather Update: उत्तर भारत में मौसम ने एक बार फिर अचानक करवट ले ली है। नई दिल्ली और NCR के कई इलाकों में मंगलवार सुबह तेज हवाओं, गरज-चमक और बारिश के साथ दिन की शुरुआत हुई। सुबह-सुबह छाए घने बादलों और ठंडी हवाओं ने लोगों को चौंका दिया, क्योंकि पिछले कुछ दिनों से गर्मी तेजी से बढ़ रही थी। इस अचानक बदलाव ने मौसम को पूरी तरह सुहावना बना दिया, लेकिन इसके साथ ही कई जगहों पर परेशानियां भी देखने को मिलीं।

भारत मौसम विज्ञान विभाग (IMD) के मुताबिक, इस पूरे बदलाव के पीछे मुख्य वजह पश्चिमी विक्षोभ (Western Disturbance) है। यह एक ऐसा मौसमी सिस्टम है जो उत्तर भारत में नमी लाकर बारिश, आंधी और बादलों की स्थिति बनाता है। IMD ने दिल्ली-NCR के लिए येलो अलर्ट जारी करते हुए अगले 24 से 48 घंटों तक हल्की से मध्यम बारिश, गरज-चमक और 30–40 किमी/घंटा की रफ्तार से तेज हवाएं चलने की संभावना जताई है।

इस मौसम का असर सिर्फ दिल्ली तक सीमित नहीं है, बल्कि इसका दायरा काफी बड़ा है। उत्तर प्रदेश, हरियाणा, पंजाब, राजस्थान, मध्य प्रदेश और झारखंड समेत कई राज्यों में आंधी-बारिश का असर देखा जा रहा है। मौसम विभाग के अनुसार, करीब 10 से 13 राज्यों में इस तरह का बदलाव देखने को मिल सकता है, जिससे यह साफ है कि यह एक बड़ा वेदर सिस्टम बन चुका है।

राजस्थान में हालात कुछ ज्यादा ही बदले हुए नजर आ रहे हैं। कई इलाकों में धूलभरी आंधी, तेज हवाएं और ओलावृष्टि देखने को मिली है। कुछ जगहों पर हवा की रफ्तार 60 किमी/घंटा से ज्यादा दर्ज की गई, जिससे जनजीवन प्रभावित हुआ और किसानों की फसलों को नुकसान की आशंका बढ़ गई है। अचानक आए इस बदलाव ने लोगों को तैयार होने का ज्यादा समय भी नहीं दिया।

वहीं पहाड़ी इलाकों की बात करें तो शिमला और आसपास के क्षेत्रों में मौसम और ज्यादा सक्रिय हो गया है। यहां बारिश के साथ ऊंचाई वाले इलाकों में बर्फबारी और ओलावृष्टि की संभावना जताई गई है। मौसम विभाग ने कुछ इलाकों में ऑरेंज अलर्ट भी जारी किया है, जो ज्यादा गंभीर स्थिति का संकेत देता है।

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इस पूरे बदलाव का असर तापमान पर भी साफ दिखाई दे रहा है। दिल्ली-NCR समेत कई इलाकों में तापमान में 2 से 4 डिग्री सेल्सियस तक गिरावट दर्ज की गई है। इससे लोगों को गर्मी से राहत जरूर मिली है, लेकिन अचानक ठंडे मौसम के कारण सर्दी-खांसी जैसी समस्याएं भी बढ़ सकती हैं। मौसम का यह उतार-चढ़ाव स्वास्थ्य के लिहाज से भी चुनौती बन सकता है।

तेज हवाओं और बारिश का असर ट्रैफिक और रोजमर्रा की जिंदगी पर भी पड़ा है। कई जगहों पर पेड़ गिरने, बिजली बाधित होने और सड़कों पर जाम की स्थिति देखने को मिली। इसके अलावा खराब मौसम की वजह से उड़ानों में देरी और डायवर्जन की आशंका भी बनी रहती है, जिससे यात्रियों को परेशानी हो सकती है।

मौसम विभाग ने लोगों को सतर्क रहने की सलाह दी है। गरज-चमक के दौरान खुले में न जाने, पेड़ों या बिजली के खंभों से दूर रहने और जरूरी होने पर ही घर से बाहर निकलने की अपील की गई है। साथ ही, लगातार मौसम अपडेट पर नजर रखने की भी सलाह दी गई है, ताकि किसी भी आपात स्थिति से बचा जा सके।

विशेषज्ञों का मानना है कि अप्रैल में इस तरह का मौसम बदलाव पूरी तरह असामान्य नहीं है, लेकिन हाल के वर्षों में इसकी आवृत्ति बढ़ी है। इसके पीछे एक बड़ी वजह जलवायु परिवर्तन (Climate Change) भी मानी जा रही है, जिससे मौसम के पैटर्न में तेजी से बदलाव हो रहा है और ऐसे अचानक तूफान, बारिश और आंधी की घटनाएं बढ़ रही हैं।

Written By: Anushri Yadav

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