New York News-यूएन में भारत का स्पष्ट संदेश: मध्य-पूर्व की सुरक्षा में हमारी अहम भूमिका
New York News-संयुक्त राष्ट्र के मंच से भारत ने एक बार फिर वैश्विक सुरक्षा और समुद्री स्वतंत्रता को लेकर अपनी मजबूत स्थिति स्पष्ट की है। भारत ने होर्मुज जलडमरूमध्य में वाणिज्यिक जहाजों को निशाना बनाने की घटनाओं को “निंदनीय” और “अस्वीकार्य” करार देते हुए कहा कि इस तरह के हमले अंतरराष्ट्रीय नौवहन की स्वतंत्रता के लिए गंभीर खतरा हैं।
न्यूयॉर्क स्थित संयुक्त राष्ट्र सुरक्षा परिषद (UNSC) में ‘मध्य-पूर्व की स्थिति’ पर बोलते हुए भारत की उप स्थायी प्रतिनिधि राजदूत योजना पटेल ने कहा कि इस क्षेत्र में बढ़ते तनाव का सीधा असर वैश्विक व्यापार और ऊर्जा आपूर्ति पर पड़ता है। उन्होंने विशेष रूप से भारतीय नाविकों की मौत पर गहरी चिंता व्यक्त की।
राजदूत पटेल ने बिना किसी देश का नाम लिए संकेत दिया कि भारत ने ईरान से जुड़े मुद्दों पर पहले भी कड़ा रुख अपनाया है। उन्होंने बताया कि भारत ने बहरीन द्वारा लाए गए प्रस्ताव का सह-प्रायोजन किया था, जिसमें क्षेत्रीय हमलों की कड़ी निंदा की गई थी। साथ ही उन्होंने संयुक्त राष्ट्र सुरक्षा परिषद प्रस्ताव 2817 का भी उल्लेख किया, जिसे 11 मार्च को अपनाया गया था।
भारत ने दोहराया कि होर्मुज जलडमरूमध्य से निर्बाध जहाजरानी बेहद जरूरी है, क्योंकि यह भारत की ऊर्जा आपूर्ति और व्यापारिक संपर्कों के लिए अहम मार्ग है। उन्होंने कहा कि खाड़ी क्षेत्र में करीब 1 करोड़ भारतीय रहते और काम करते हैं, जिनकी सुरक्षा भारत की सर्वोच्च प्राथमिकता है।
तनाव कम करने के लिए भारत ने संवाद और कूटनीति पर जोर देते हुए कहा कि मध्य-पूर्व उसका निकटवर्ती पड़ोस है और इस क्षेत्र की सुरक्षा एवं स्थिरता में भारत की महत्वपूर्ण हिस्सेदारी है।
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