International News: पाकिस्तान की फिर हुई किरकिरी! जंग रुकवाने तेहरान पहुंचे मोहसिन नकवी, इधर इजरायल ने ईरान पर बरसा दिए बम
ईरान-अमेरिका के बीच मध्यस्थता का संदेश लेकर तेहरान पहुंचे पाक गृह मंत्री मोहसिन नकवी, लेकिन मुलाकात के कुछ घंटों बाद ही इजरायल ने जवाबी हमलों से हालात और विस्फोटक बना दिए।
International News: ईरान और इजरायल के बीच बढ़ते तनाव के बीच पाकिस्तान एक बार फिर वैश्विक मंच पर असहज स्थिति में नजर आया। पाकिस्तान के गृह मंत्री मोहसिन नकवी शांति वार्ता और मध्यस्थता के प्रयासों के तहत तेहरान पहुंचे थे, लेकिन उनकी मौजूदगी में ही हालात और बिगड़ गए। ईरान की ओर से इजरायल पर मिसाइल हमलों के बाद इजरायल ने भी जवाबी कार्रवाई करते हुए कई ठिकानों को निशाना बनाया, जिससे पूरे क्षेत्र में तनाव और बढ़ गया।
शांति संदेश लेकर पहुंचे थे मोहसिन नकवी
पाकिस्तान के गृह मंत्री मोहसिन नकवी हाल के दिनों में ईरान और अमेरिका के बीच संवाद बहाल कराने की कोशिशों में सक्रिय भूमिका निभा रहे हैं। इसी क्रम में वह तेहरान पहुंचे, जहां उन्होंने ईरान के विदेश मंत्री अब्बास अराघची के साथ मुलाकात की।
बैठक में मध्य पूर्व की मौजूदा स्थिति, क्षेत्रीय सुरक्षा और संभावित शांति वार्ता पर चर्चा हुई। पाकिस्तान इस पहल को अपनी कूटनीतिक सफलता के रूप में पेश करना चाहता था, लेकिन घटनाक्रम ने अलग ही मोड़ ले लिया।
मुलाकात के बीच भड़क उठा नया संघर्ष
रिपोर्ट्स के मुताबिक, नकवी की तेहरान यात्रा के दौरान ही ईरान ने इजरायल के कई शहरों की ओर मिसाइलें दागीं। इसके बाद इजरायल ने भी जवाबी कार्रवाई करते हुए ईरानी ठिकानों पर हमले शुरू कर दिए।
इन घटनाओं ने यह संकेत दिया कि क्षेत्र में तनाव कम होने के बजाय और अधिक बढ़ गया है। ऐसे में पाकिस्तान की मध्यस्थता को लेकर भी सवाल उठने लगे हैं।
पाकिस्तान की कोशिशों को फिर लगा झटका
यह पहला मौका नहीं है जब पाकिस्तान ने ईरान और पश्चिमी देशों के बीच मध्यस्थ की भूमिका निभाने की कोशिश की हो। इससे पहले भी इस्लामाबाद कई बार अमेरिका और ईरान के बीच संवाद स्थापित कराने का प्रयास कर चुका है।
हालांकि, अब तक किसी भी पहल से कोई ठोस परिणाम सामने नहीं आया है। यही वजह है कि मौजूदा घटनाक्रम के बाद पाकिस्तान की कूटनीतिक क्षमता पर भी चर्चा तेज हो गई है।
ट्रंप के संदेश और नेतन्याहू की रणनीति
अंतरराष्ट्रीय मीडिया रिपोर्ट्स के अनुसार, अमेरिका के राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप क्षेत्रीय तनाव को नियंत्रित करने के लिए लगातार प्रयास कर रहे हैं। कुछ रिपोर्टों में दावा किया गया कि ट्रंप ने इजरायली नेतृत्व से संयम बरतने का आग्रह किया था।
लेकिन हालिया जवाबी कार्रवाई ने साफ कर दिया कि इजरायल अपनी सुरक्षा नीति और रणनीतिक फैसलों पर आगे बढ़ रहा है। ईरान और इजरायल के बीच जारी यह टकराव पूरे मध्य पूर्व की स्थिरता के लिए नई चुनौती बनता जा रहा है।
मध्य पूर्व में बढ़ी चिंता
विशेषज्ञों का मानना है कि यदि दोनों देशों के बीच सैन्य कार्रवाई इसी तरह जारी रही तो इसका असर केवल ईरान और इजरायल तक सीमित नहीं रहेगा, बल्कि पूरे क्षेत्र की सुरक्षा, ऊर्जा आपूर्ति और वैश्विक अर्थव्यवस्था पर भी पड़ सकता है।
फिलहाल दुनिया की निगाहें तेहरान, तेल अवीव और वॉशिंगटन पर टिकी हुई हैं, जहां आने वाले दिनों में स्थिति किस दिशा में जाती है, यह तय करेगा कि मध्य पूर्व शांति की ओर बढ़ेगा या एक बड़े संघर्ष की तरफ।
Written By: Ekta Verma



