NEET UG 2026 Paper Leak : CBI चार्जशीट में NTA अधिकारियों को क्लीन चिट, 13 आरोपियों के नाम का जिक्र

NEET UG 2026 Paper Leak : CBI की जांच में NEET UG 2026 पेपर लीक मामले में किसी सरकारी अधिकारी या NTA पदाधिकारी की भूमिका नहीं मिली। इस महीने दाखिल होने वाली चार्जशीट में 13 निजी आरोपियों और तीन शिक्षकों पर फोकस रहेगा।

NEET UG 2026 Paper Leak : NEET UG 2026 पेपर लीक मामले की जांच कर रही केंद्रीय जांच ब्यूरो (CBI) को अब तक की जांच में किसी सरकारी अधिकारी या नेशनल टेस्टिंग एजेंसी (NTA) के किसी पदाधिकारी की संलिप्तता के प्रमाण नहीं मिले हैं। मामले से जुड़े सूत्रों के अनुसार, एजेंसी इसी महीने अपनी चार्जशीट दाखिल करने की तैयारी में है, जिसमें 13 निजी आरोपियों के खिलाफ आरोप शामिल किए जाएंगे।

जांच में सामने आया है कि प्रश्न पत्र कथित तौर पर उन शिक्षकों के माध्यम से लीक हुआ, जिन्हें NTA ने पेपर तैयार करने की जिम्मेदारी सौंपी थी। पिछले दो महीनों की जांच के दौरान एजेंसी को ऐसा कोई साक्ष्य नहीं मिला जिससे किसी सरकारी अधिकारी की भूमिका साबित हो सके।

तीन शिक्षकों पर मुख्य आरोप

CBI की चार्जशीट में तीन शिक्षकों को कथित मुख्य आरोपी बताया जाएगा। इनमें केमिस्ट्री विशेषज्ञ पी. वी. कुलकर्णी, बायोलॉजी की मनीषा मंधारे और फिजिक्स विशेषज्ञ मनीषा हवलदार शामिल हैं। जांच के अनुसार, इन पर परीक्षा से पहले प्रश्नपत्र और उत्तर चुनिंदा छात्रों तक पहुंचाने का आरोप है।

जांच एजेंसी का दावा है कि केमिस्ट्री के प्रश्न अप्रैल 2026 में पुणे स्थित एक निजी क्लास में छात्रों को उपलब्ध कराए गए थे। इसी तरह बॉटनी और जूलॉजी के प्रश्न भी कथित रूप से परीक्षा से पहले कुछ छात्रों को बताए गए। फिजिक्स के प्रश्न साझा किए जाने के भी आरोप जांच में सामने आए हैं।

हजारों दस्तावेज और डिजिटल साक्ष्यों की जांच

CBI ने जांच के दौरान NTA, आरोपियों, छात्रों और विभिन्न कोचिंग संस्थानों से जुड़े हजारों दस्तावेजों की जांच की है। इसके अलावा लगभग 170 मोबाइल फोन, लैपटॉप, हार्ड ड्राइव और कॉल डिटेल रिकॉर्ड का भी विश्लेषण किया गया है।

चार्जशीट के बाद NTA को भेजी जाएगी रिपोर्ट

सूत्रों के अनुसार, चार्जशीट दाखिल होने के बाद CBI केंद्र सरकार और NTA को एक विस्तृत मूल्यांकन रिपोर्ट भी सौंपेगी। इस रिपोर्ट में परीक्षा प्रणाली की सुरक्षा संबंधी कमियों का विश्लेषण होगा और भविष्य में पेपर लीक जैसी घटनाओं को रोकने के लिए सुधारात्मक सुझाव दिए जाएंगे।

बताया जा रहा है कि एजेंसी NTA की परीक्षा प्रक्रिया में व्यापक बदलाव की सिफारिश कर सकती है। इसमें संघ लोक सेवा आयोग (UPSC) की सुरक्षा और पारदर्शिता संबंधी व्यवस्थाओं की तर्ज पर नए प्रोटोकॉल लागू करने तथा परीक्षा प्रक्रिया की निगरानी को और मजबूत बनाने का सुझाव शामिल हो सकता है।

Related Articles

Back to top button