National News: नीरव मोदी की आखिरी कानूनी उम्मीद भी टूटी, ECHR से झटका; भारत प्रत्यर्पण का रास्ता साफ

यूरोपियन कोर्ट ऑफ ह्यूमन राइट्स से राहत नहीं मिलने के बाद भगोड़े हीरा कारोबारी नीरव मोदी के भारत प्रत्यर्पण की प्रक्रिया तेज होने की संभावना है।

National News: पंजाब नेशनल बैंक (PNB) घोटाले के मुख्य आरोपी और भगोड़े हीरा कारोबारी नीरव मोदी के भारत प्रत्यर्पण का रास्ता अब लगभग साफ हो गया है। यूरोपियन कोर्ट ऑफ ह्यूमन राइट्स (ECHR) से राहत नहीं मिलने के बाद उसके पास उपलब्ध सभी प्रमुख कानूनी विकल्प खत्म हो चुके हैं। ऐसे में अब ब्रिटेन की ओर से प्रत्यर्पण की प्रशासनिक प्रक्रिया आगे बढ़ाई जा सकती है।

ECHR से नहीं मिली राहत

मीडिया रिपोर्ट्स के अनुसार, नीरव मोदी ने ब्रिटेन की अदालतों से राहत नहीं मिलने के बाद यूरोपियन कोर्ट ऑफ ह्यूमन राइट्स का दरवाजा खटखटाया था। हालांकि अदालत ने उसकी अपील स्वीकार नहीं की। इसके बाद माना जा रहा है कि उसके प्रत्यर्पण में अब कोई बड़ी कानूनी बाधा नहीं बची है।

सूत्रों के मुताबिक अब केवल औपचारिक और प्रशासनिक प्रक्रियाएं पूरी की जानी हैं, जिसके बाद उसे भारत भेजा जा सकता है।

पहले भी हाई कोर्ट से लगा था झटका

इससे पहले ब्रिटेन के हाई कोर्ट ने भी नीरव मोदी को प्रत्यर्पण आदेश के खिलाफ अपील की अनुमति देने से इनकार कर दिया था। अदालत ने माना था कि भारत सरकार की ओर से जेल की स्थिति और चिकित्सा सुविधाओं को लेकर दिए गए आश्वासन पर्याप्त हैं।

नीरव मोदी ने दावा किया था कि भारत लौटने पर उसे प्रताड़ना का सामना करना पड़ सकता है, लेकिन अदालत ने इस तर्क को स्वीकार नहीं किया।

2019 से लंदन की जेल में बंद

नीरव मोदी मार्च 2019 से लंदन की वैंड्सवर्थ जेल में बंद है। भारत की केंद्रीय जांच ब्यूरो (CBI) और प्रवर्तन निदेशालय (ED) उसे पंजाब नेशनल बैंक से जुड़े हजारों करोड़ रुपये के कथित घोटाले और मनी लॉन्ड्रिंग मामले में तलाश रहे हैं।

भारत सरकार लंबे समय से उसके प्रत्यर्पण की कोशिश कर रही है और इस मामले में ब्रिटेन की अदालतों में कई चरणों की सुनवाई हो चुकी है।

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अब आगे क्या होगा?

कानूनी विशेषज्ञों के अनुसार, ECHR से राहत नहीं मिलने के बाद अब ब्रिटिश प्रशासन प्रत्यर्पण की अंतिम औपचारिकताओं को पूरा कर सकता है। इसके बाद नीरव मोदी को भारतीय एजेंसियों के हवाले किए जाने की प्रक्रिया शुरू होगी।

हालांकि प्रत्यर्पण की सटीक तारीख का आधिकारिक ऐलान अभी नहीं किया गया है, लेकिन माना जा रहा है कि यह प्रक्रिया अब पहले की तुलना में कहीं अधिक तेज़ी से आगे बढ़ सकती है।

क्या है PNB घोटाला?

नीरव मोदी और उसके सहयोगियों पर पंजाब नेशनल बैंक से फर्जी लेटर ऑफ अंडरटेकिंग (LoU) के जरिए हजारों करोड़ रुपये की धोखाधड़ी करने का आरोप है। मामले की जांच CBI और ED कर रही हैं। घोटाले का खुलासा होने के बाद नीरव मोदी भारत छोड़कर विदेश चला गया था और 2019 में उसे लंदन में गिरफ्तार किया गया था।

अब ECHR से राहत न मिलने के बाद भारत सरकार की लंबे समय से चली आ रही प्रत्यर्पण प्रक्रिया अपने अंतिम चरण में पहुंचती नजर आ रही है।

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