Ayodhya Ram Mandir: राम मंदिर चढ़ावा विवाद पर AAP-BJP में सियासी संग्राम, सुंदरकांड पाठ को लेकर केजरीवाल पर भाजपा का तीखा हमला

राम मंदिर चढ़ावा विवाद पर आम आदमी पार्टी के अभियान और सुंदरकांड पाठ को भाजपा ने चुनावी राजनीति करार देते हुए कई सवाल उठाए।

Ayodhya Ram Mandir: राम मंदिर के चढ़ावे में कथित अनियमितताओं को लेकर देश की राजनीति एक बार फिर गरमा गई है। इस मुद्दे पर आम आदमी पार्टी और भारतीय जनता पार्टी आमने-सामने आ गई हैं। दिल्ली के पूर्व मुख्यमंत्री और आम आदमी पार्टी के राष्ट्रीय संयोजक अरविंद केजरीवाल ने दिल्ली के रोहिणी स्थित जापानी पार्क में सुंदरकांड पाठ का आयोजन कर इस मामले को लेकर जनसमर्थन जुटाने की कोशिश की। कार्यक्रम में उनके साथ सुनीता केजरीवाल, मनीष सिसोदिया और पार्टी के कई नेता भी मौजूद रहे।

आम आदमी पार्टी का कहना है कि राम मंदिर से जुड़े कथित चढ़ावा चोरी मामले की निष्पक्ष जांच होनी चाहिए और दोषियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की जानी चाहिए। इसी उद्देश्य से पार्टी पहले हस्ताक्षर अभियान चला चुकी है और अब धार्मिक आयोजन के जरिए भी अपनी बात जनता तक पहुंचाने की कोशिश कर रही है।

हालांकि भाजपा ने इस आयोजन को लेकर केजरीवाल पर तीखा हमला बोला है। भाजपा नेताओं का आरोप है कि चुनाव नजदीक आते ही आम आदमी पार्टी धार्मिक आयोजनों का सहारा लेकर राजनीतिक लाभ लेने की कोशिश करती है। भाजपा विधायक हरीश खुराना ने कहा कि अरविंद केजरीवाल “चुनावी हिंदू” हैं और हर चुनाव से पहले धार्मिक कार्यक्रमों के जरिए अपनी छवि बदलने का प्रयास करते हैं। उनका दावा है कि उत्तर प्रदेश चुनावों को देखते हुए यह पूरा अभियान राजनीतिक रणनीति का हिस्सा है।

दिल्ली भाजपा अध्यक्ष हर्ष मल्होत्रा ने भी केजरीवाल पर निशाना साधते हुए कहा कि सुंदरकांड पाठ का आयोजन केवल राजनीतिक संदेश देने का प्रयास है। उन्होंने आरोप लगाया कि पहले भी चुनावों से पहले इसी तरह के धार्मिक कार्यक्रम आयोजित किए गए थे और अब फिर वही रणनीति अपनाई जा रही है। भाजपा नेताओं ने यह भी कहा कि राम मंदिर चढ़ावा मामले में उत्तर प्रदेश सरकार पहले ही एसआईटी गठित कर जांच करा रही है, कई गिरफ्तारियां हो चुकी हैं और कानून अपना काम कर रहा है। ऐसे में इस मामले को राजनीतिक रंग देना उचित नहीं है।

Ayodhya Ram Mandir: राम मंदिर में इस्तीफों की झड़ी! चंपत राय-अनिल मिश्रा के बाद 23 कर्मचारियों ने छोड़ी नौकरी

राम मंदिर चढ़ावा विवाद अब केवल जांच तक सीमित नहीं रह गया है, बल्कि इसने राजनीतिक बहस का भी रूप ले लिया है। एक ओर आम आदमी पार्टी इस मुद्दे पर सरकार को घेरने की कोशिश कर रही है, तो दूसरी ओर भाजपा इसे चुनावी राजनीति और धार्मिक भावनाओं के इस्तेमाल से जोड़ रही है। आने वाले दिनों में जांच की प्रगति और दोनों दलों की राजनीतिक रणनीति इस विवाद को और चर्चा में ला सकती है।

Related Articles

Back to top button