Protest: इस सरकार में इस्तीफे नहीं होते… धर्मेंद्र प्रधान के इस्तीफे के बाद वायरल हुआ राजनाथ सिंह का पुराना बयान

Protest: NEET-UG 2026 पेपर लीक विवाद और छात्रों के लंबे आंदोलन के बाद केंद्रीय शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान ने अपने पद से इस्तीफा दे दिया। उनके इस्तीफे के साथ ही सोशल मीडिया पर रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह का एक पुराना बयान तेजी से वायरल होने लगा, जिसमें उन्होंने कहा था कि “इस सरकार में इस्तीफे नहीं होते।” अब लोग इस बयान को धर्मेंद्र प्रधान के इस्तीफे से जोड़कर चर्चा कर रहे हैं।

क्यों वायरल हो रहा है पुराना बयान?

राजनाथ सिंह का यह बयान पहले विपक्ष के लगातार इस्तीफे की मांग पर आया था। उस समय उन्होंने कहा था कि सरकार केवल राजनीतिक दबाव में फैसले नहीं लेती और बिना तथ्यों के किसी मंत्री से इस्तीफा नहीं लिया जाता। अब जब धर्मेंद्र प्रधान ने पद छोड़ दिया है, तो विपक्ष और सोशल मीडिया यूजर्स उसी बयान को शेयर करते हुए सरकार पर सवाल उठा रहे हैं।

NEET विवाद के बाद बढ़ा दबाव

NEET पेपर लीक मामले ने देशभर में बड़ा राजनीतिक और सामाजिक मुद्दा बना लिया था। छात्रों के लगातार प्रदर्शन, जंतर-मंतर पर आंदोलन, विपक्ष के हमलों और संसद में हंगामे के बीच शिक्षा मंत्रालय पर दबाव लगातार बढ़ता गया। विपक्ष ने बार-बार धर्मेंद्र प्रधान की जवाबदेही तय करने और इस्तीफे की मांग उठाई।

इसी दौरान सरकार और प्रदर्शनकारी संगठनों के बीच कई दौर की बातचीत भी हुई, लेकिन विवाद थमता नजर नहीं आया। आखिरकार धर्मेंद्र प्रधान के इस्तीफे के बाद इस पूरे घटनाक्रम ने नया मोड़ ले लिया।

सोशल मीडिया पर छिड़ी बहस

धर्मेंद्र प्रधान के इस्तीफे के बाद X, फेसबुक और अन्य सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म पर राजनाथ सिंह के पुराने बयान की क्लिप और तस्वीरें तेजी से वायरल होने लगीं। कुछ लोग इसे सरकार के बदले रुख का संकेत बता रहे हैं, जबकि भाजपा समर्थकों का कहना है कि सरकार ने परिस्थितियों और जवाबदेही को देखते हुए फैसला लिया है।

राजनीतिक विश्लेषकों का मानना है कि यह मामला सिर्फ एक मंत्री के इस्तीफे तक सीमित नहीं है, बल्कि आने वाले समय में शिक्षा व्यवस्था, परीक्षा प्रणाली और जवाबदेही की राजनीति पर भी इसका असर दिखाई दे सकता है।

आगे क्या?

धर्मेंद्र प्रधान के इस्तीफे के बाद अब सबसे बड़ा सवाल नए शिक्षा मंत्री की नियुक्ति और NEET पेपर लीक मामले की जांच को लेकर है। सरकार ने परीक्षा प्रणाली को और सख्त बनाने तथा दोषियों के खिलाफ कड़ी कार्रवाई का भरोसा दिया है। वहीं विपक्ष इस मुद्दे को संसद और सड़कों दोनों पर उठाने की तैयारी में है। आने वाले दिनों में इस पूरे मामले पर देश की राजनीति और तेज होने की संभावना है।

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