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Dharmendra Pradhan: धर्मेंद्र प्रधान के बाद अब राज्यों के शिक्षा मंत्रियों पर घेरा, कर्नाटक, पंजाब और झारखंड में प्रदर्शन तेज

Dharmendra Pradhan: केंद्रीय शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान के इस्तीफे के बाद छात्र आंदोलन का असर अब राज्यों तक पहुंचता दिखाई दे रहा है। कर्नाटक, पंजाब और झारखंड समेत कई राज्यों में छात्र संगठनों और विपक्षी दलों ने राज्य सरकारों के शिक्षा मंत्रियों की जवाबदेही तय करने की मांग शुरू कर दी है। आरोप है कि विभिन्न राज्यों में भी भर्ती और परीक्षा प्रणाली को लेकर लगातार सवाल उठते रहे हैं, इसलिए केवल केंद्र स्तर पर कार्रवाई पर्याप्त नहीं है।

अब राज्यों के शिक्षा मंत्रियों पर दबाव

धर्मेंद्र प्रधान के इस्तीफे के बाद कई छात्र संगठनों ने कहा कि जिन राज्यों में पेपर लीक, भर्ती परीक्षाओं में गड़बड़ी या शिक्षा व्यवस्था को लेकर विवाद सामने आए हैं, वहां भी संबंधित शिक्षा मंत्रियों को जवाब देना चाहिए। सोशल मीडिया पर भी कर्नाटक, पंजाब और झारखंड के शिक्षा मंत्रियों के इस्तीफे की मांग ट्रेंड करने लगी।

पंजाब, कर्नाटक और झारखंड क्यों चर्चा में?

पंजाब में भाजपा ने राज्य सरकार पर भर्ती परीक्षाओं को लेकर सवाल उठाए, जबकि मुख्यमंत्री भगवंत मान ने दावा किया कि उनकी सरकार के कार्यकाल में किसी भी प्रतियोगी परीक्षा का पेपर लीक नहीं हुआ।

कर्नाटक और झारखंड में भी विपक्ष और छात्र संगठनों ने शिक्षा व्यवस्था तथा परीक्षा प्रबंधन को लेकर सरकारों पर निशाना साधते हुए जवाबदेही की मांग की है। हालांकि संबंधित राज्य सरकारों की ओर से इन आरोपों पर अलग-अलग प्रतिक्रियाएं सामने आई हैं।

केंद्र के बाद राज्यों पर बढ़ा राजनीतिक दबाव

NEET विवाद से शुरू हुआ छात्र आंदोलन अब केवल केंद्र सरकार तक सीमित नहीं रह गया है। विभिन्न राज्यों में विपक्ष इस मुद्दे को स्थानीय शिक्षा व्यवस्था, भर्ती परीक्षाओं और प्रशासनिक जवाबदेही से जोड़ रहा है। राजनीतिक विश्लेषकों का मानना है कि आने वाले दिनों में यह मुद्दा कई राज्यों की राजनीति में भी प्रमुख विषय बन सकता है।

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