Bollywood News: राजपाल यादव को सुप्रीम कोर्ट से अंतरिम राहत, 5 करोड़ रुपये जमा करने की शर्त

Bollywood News: बॉलीवुड अभिनेता राजपाल यादव को सात चेक बाउंस मामलों में सुप्रीम कोर्ट से फिलहाल बड़ी राहत मिली है। कोर्ट ने उन्हें तत्काल सरेंडर करने या जेल जाने से अंतरिम सुरक्षा दी है। हालांकि, यह राहत एक अहम शर्त के साथ दी गई है।

सुप्रीम कोर्ट ने राजपाल यादव को कोर्ट की रजिस्ट्री में 5 करोड़ रुपये जमा करने का निर्देश दिया है। यह रकम बुधवार तक जमा करनी होगी। मामले की अगली सुनवाई 15 सितंबर को होगी।

दिल्ली हाईकोर्ट के फैसले को दी थी चुनौती

राजपाल यादव ने दिल्ली हाईकोर्ट के उस फैसले को सुप्रीम कोर्ट में चुनौती दी थी, जिसमें उनकी सजा और दोषसिद्धि में हस्तक्षेप करने से इनकार किया गया था।

सुप्रीम कोर्ट ने फिलहाल उन्हें अंतरिम राहत देते हुए तत्काल जेल जाने से सुरक्षा दी है। हालांकि, 5 करोड़ रुपये जमा करने की शर्त पूरी करना जरूरी होगा।

2010 में शुरू हुआ था विवाद

राजपाल यादव से जुड़ा यह मामला करीब 16 साल पुराना है। साल 2010 में Murli Projects Pvt Ltd ने राजपाल यादव, उनकी पत्नी और उनकी फिल्म प्रोडक्शन कंपनी को करीब 5 करोड़ रुपये का कर्ज दिया था।

यह रकम फिल्म ‘अता पता लापता’ के निर्माण के लिए ली गई थी। फिल्म की रिलीज में देरी के बाद कर्ज चुकाने को लेकर विवाद शुरू हुआ।

रकम लौटाने के लिए राजपाल यादव की ओर से सात चेक जारी किए गए थे। हालांकि, ये सभी चेक बैंक में जमा होने के बाद बाउंस हो गए।

इसके बाद Murli Projects ने Negotiable Instruments Act की धारा 138 के तहत सात अलग-अलग शिकायतें दर्ज कराईं।

2018 में ट्रायल कोर्ट ने सुनाई थी सजा

इस मामले में अप्रैल 2018 में ट्रायल कोर्ट ने राजपाल यादव को सभी सात मामलों में दोषी ठहराया था।

कोर्ट ने प्रत्येक चेक बाउंस मामले में तीन महीने की जेल की सजा सुनाई थी। इसके साथ ही हर मामले में 1.35 करोड़ रुपये का जुर्माना भी लगाया गया था।

इसके बाद मामला आगे की अदालतों में पहुंचा। साल 2024 में सेशंस कोर्ट ने भी उनकी दोषसिद्धि को बरकरार रखा।

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दिल्ली हाईकोर्ट ने भी नहीं बदला फैसला

10 जुलाई को दिल्ली हाईकोर्ट ने राजपाल यादव की याचिका पर उनकी दोषसिद्धि में हस्तक्षेप करने से इनकार कर दिया था।

हाईकोर्ट ने कहा था कि राजपाल यादव ने Murli Projects को भुगतान करने के कई आश्वासन दिए थे, लेकिन कथित तौर पर भुगतान नहीं किया गया।

इसके बाद अभिनेता ने सुप्रीम कोर्ट का रुख किया।

राजपाल यादव ने क्या दलील दी?

सुप्रीम कोर्ट में राजपाल यादव की ओर से दलील दी गई कि अप्रैल 2013 में दोनों पक्षों के बीच करीब 10.40 करोड़ रुपये के समझौते पर सहमति बनी थी।

उनकी कानूनी टीम का कहना था कि इस समझौते के बाद चेक बाउंस से जुड़ी शिकायतों का आधार खत्म हो जाना चाहिए था। यही दलील सुप्रीम कोर्ट के सामने रखी गई है।

हालांकि, मामले पर अंतिम फैसला अभी नहीं आया है।

15 सितंबर को होगी अगली सुनवाई

सुप्रीम कोर्ट ने फिलहाल राजपाल यादव को अंतरिम राहत दी है। यह राहत 5 करोड़ रुपये कोर्ट रजिस्ट्री में जमा करने की शर्त पर निर्भर है।

मामले की अगली सुनवाई 15 सितंबर को निर्धारित की गई है। उस सुनवाई में अदालत मामले से जुड़े कानूनी और वित्तीय पक्षों पर आगे विचार करेगी।

यह मामला दिखाता है कि फिल्म निर्माण के लिए लिए गए वित्तीय कर्ज और भुगतान संबंधी विवाद किस तरह लंबे समय तक कानूनी प्रक्रिया का हिस्सा बन सकते हैं।

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