Lucknow News : काकोरी कांड के अमर शहीदों को जश्न-ए-आज़ादी ट्रस्ट ने दी श्रद्धांजलि, बिस्मिल-अशफाक की दोस्ती को किया याद
Lucknow News : लखनऊ में जश्न-ए-आज़ादी ट्रस्ट ने काकोरी कांड के अमर शहीदों राम प्रसाद बिस्मिल, अशफाकउल्ला खान, राजेंद्रनाथ लाहिड़ी और ठाकुर रोशन सिंह को श्रद्धांजलि दी।

Lucknow News : काकोरी ट्रेन एक्शन की ऐतिहासिक घटना की स्मृति में जश्न-ए-आज़ादी ट्रस्ट की ओर से काकोरी कांड के अमर शहीदों को भावभीनी श्रद्धांजलि अर्पित की गई। ट्रस्ट के अध्यक्ष मुरलीधर आहूजा और निगहत खान के आह्वान पर आयोजित कार्यक्रम में पंडित राम प्रसाद बिस्मिल, अशफाकउल्ला खान, राजेंद्रनाथ लाहिड़ी और ठाकुर रोशन सिंह के बलिदान को याद किया गया।
कार्यक्रम में अमर शहीदों के चित्रों पर पुष्प अर्पित कर उनके अदम्य साहस, देशभक्ति और सर्वोच्च बलिदान को नमन किया गया। वक्ताओं ने कहा कि इन क्रांतिकारियों ने अंग्रेजी हुकूमत से देश को आजाद कराने के लिए अपने प्राणों की परवाह नहीं की और राष्ट्र की स्वतंत्रता के लिए सर्वोच्च बलिदान दिया।
बिस्मिल और अशफाक की दोस्ती बनी हिंदू-मुस्लिम एकता की मिसाल
कार्यक्रम में राम प्रसाद बिस्मिल और अशफाकउल्ला खान की दोस्ती को भारत की गंगा-जमुनी तहजीब, आपसी भाईचारे और हिंदू-मुस्लिम एकता की अनूठी मिसाल बताया गया। वक्ताओं ने कहा कि दोनों क्रांतिकारियों ने देश की आजादी के लिए कंधे से कंधा मिलाकर संघर्ष किया और अपने बलिदान से देशवासियों के सामने राष्ट्रप्रेम एवं एकता का उदाहरण प्रस्तुत किया।
काकोरी कांड के चारों शहीदों के बलिदान को किया नमन
श्रद्धांजलि कार्यक्रम में बताया गया कि राजेंद्रनाथ लाहिड़ी को 17 दिसंबर 1927 को गोंडा जेल में, जबकि राम प्रसाद बिस्मिल, अशफाकउल्ला खान और ठाकुर रोशन सिंह को 19 दिसंबर 1927 को फांसी दी गई थी। वक्ताओं ने कहा कि इन चारों क्रांतिकारियों का बलिदान भारतीय स्वतंत्रता आंदोलन की अमूल्य विरासत है।
‘आज़ादी लाखों सेनानियों के त्याग का परिणाम’
जश्न-ए-आज़ादी ट्रस्ट के पदाधिकारियों ने कहा कि आजादी केवल एक तारीख नहीं, बल्कि लाखों स्वतंत्रता सेनानियों के त्याग, संघर्ष और बलिदान का परिणाम है। उन्होंने कहा कि देशवासियों का कर्तव्य है कि शहीदों के सपनों के भारत के निर्माण के लिए आपसी प्रेम, भाईचारे, सद्भाव और राष्ट्रीय एकता को मजबूत किया जाए।
कार्यक्रम में कवि वेद व्रत बाजपेई, रजिया नवाज, मुर्तजा अली, जुबैर अहमद, वामिक खान, फहद, हलीमा, शालू, निखिल और फैजुद्दीन सिद्दीकी समेत जश्न-ए-आज़ादी ट्रस्ट एवं संगठन के अन्य पदाधिकारी और सदस्य मौजूद रहे।
कार्यक्रम के अंत में उपस्थित लोगों ने देश की एकता, अखंडता और गंगा-जमुनी तहजीब को मजबूत बनाए रखने तथा अमर शहीदों के आदर्शों और उनके राष्ट्रप्रेम का संदेश जन-जन तक पहुंचाने का संकल्प लिया।



