UP-PRAYAGRAJ-TGT-PGT भर्ती को लेकर शिक्षा निदेशालय पर प्रदर्शन, 20 हजार से अधिक पदों पर पुरानी नियमावली से विज्ञापन की मांग
Protest at the Directorate of Education regarding UP-Prayagraj TGT-PGT recruitment; demand for advertisements for over 20,000 posts based on the old rules.
UP-PRAYAGRAJ-अशासकीय सहायता प्राप्त माध्यमिक विद्यालयों में TGT-PGT के 20 हजार से अधिक रिक्त पदों पर पुरानी नियमावली के आधार पर भर्ती का विज्ञापन जारी करने की मांग को लेकर गुरुवार को युवा मंच के बैनर तले सैकड़ों अभ्यर्थियों ने शिक्षा निदेशालय पर प्रदर्शन किया। प्रदर्शन के बाद अभ्यर्थियों ने अपर शिक्षा निदेशक के नाम ज्ञापन संयुक्त निदेशक (वित्त) महेंद्र कुमार यादव को सौंपा।
अभ्यर्थियों ने मांग की कि 21 अगस्त को प्रस्तावित शासन स्तर की बैठक में उनकी मांगों पर सकारात्मक निर्णय लिया जाए और पुरानी नियमावली के आधार पर भर्ती प्रक्रिया आगे बढ़ाने का रास्ता साफ किया जाए।
नई नियमावली से लाखों अभ्यर्थियों के प्रभावित होने का दावा
युवा मंच के प्रदेश अध्यक्ष अनिल सिंह ने कहा कि माध्यमिक शिक्षा मंत्री गुलाब देवी के निर्देशन में तीन अगस्त को हुई वार्ता के बाद 11 अगस्त को मुख्यमंत्री समेत शिक्षा विभाग के प्रमुख अधिकारियों, निदेशकों, अपर शिक्षा निदेशकों और प्रमुख सचिव को पत्र भेजकर पुरानी नियमावली के आधार पर भर्ती का विज्ञापन जारी करने की मांग की गई थी।
उन्होंने कहा कि 21 अगस्त की प्रस्तावित बैठक में इस मुद्दे पर अभ्यर्थियों के हित में स्पष्ट निर्णय लिया जाना चाहिए।
अनिल सिंह के अनुसार, 16 सितंबर 2025 को जारी शासनादेश के बाद भर्ती नियमावली में किए गए बदलावों से करीब सात लाख अभ्यर्थियों के प्रभावित होने का दावा किया जा रहा है। नई नियमावली में कई नई शैक्षिक अर्हताएं जोड़ी गई हैं, जिसके कारण लंबे समय से शिक्षक भर्ती की तैयारी कर रहे अभ्यर्थियों के अवसर सीमित होने की बात कही जा रही है।
कई विषयों की अर्हताओं में बदलाव का विरोध
ज्ञापन में नई नियमावली के तहत किए गए विभिन्न बदलावों का उल्लेख किया गया। अभ्यर्थियों का कहना है कि बीएड की अनिवार्यता, हिंदी विषय की अर्हता में बदलाव, कला एवं प्राविधिक कला के अभ्यर्थियों के अवसर सीमित करने, संगीत विषय में अतिरिक्त अर्हता और शारीरिक शिक्षा में परास्नातक अभ्यर्थियों के अवसर प्रभावित होने जैसे प्रावधानों से बड़ी संख्या में अभ्यर्थी प्रभावित हो सकते हैं।
इसके अलावा गृह विज्ञान में परास्नातक की अनिवार्यता तथा सामाजिक विज्ञान और अंग्रेजी समेत अन्य विषयों की अर्हताओं में बदलाव को लेकर भी अभ्यर्थियों ने आपत्ति जताई।
भर्ती में देरी से बढ़ रहा आक्रोश
युवा मंच के प्रदेश अध्यक्ष ने कहा कि TGT-PGT के 20 हजार से अधिक रिक्त पदों पर भर्ती का विज्ञापन जारी होने में लगातार हो रही देरी से अभ्यर्थियों में आक्रोश बढ़ रहा है। उन्होंने सरकार से मांग की कि युवाओं को रोजगार का अवसर देने के लिए 21 अगस्त की बैठक में पुरानी नियमावली के आधार पर भर्ती का विज्ञापन जारी करने का निर्णय लिया जाए।
उन्होंने चेतावनी दी कि यदि बैठक में अभ्यर्थियों के हित में निर्णय नहीं लिया गया और पुरानी नियमावली के आधार पर भर्ती का रास्ता साफ नहीं हुआ तो युवा मंच बड़े आंदोलन की शुरुआत करेगा।
उन्होंने मुख्यमंत्री और शासन से 20 हजार से अधिक रिक्त पदों पर पुरानी नियमावली के आधार पर तत्काल भर्ती विज्ञापन जारी करने की मांग की, ताकि पात्र अभ्यर्थियों को भर्ती प्रक्रिया में समान अवसर मिल सके।
प्रदर्शन में एलके चौधरी, बृजेश सिंह, प्रशांत, प्रमोद, अमित, राकेश, रमेश, दीपा, सरिता, सुशोभित, मनोज, अशोक, अजीत और राजेश समेत सैकड़ों अभ्यर्थी मौजूद रहे।



