Pratapgarh Corruption Case: प्रतापगढ़ में ग्राम सभा के विकास कार्यों में भ्रष्टाचार के आरोप, ग्रामीणों ने डीएम से की जांच की मांग

Pratapgarh Corruption Case: विकासखंड सदवा चंद्रिका क्षेत्र की ग्राम सभा खजूरी में विकास कार्यों को लेकर गंभीर आरोप सामने आए हैं। गांव के कई ग्रामीणों ने जिलाधिकारी अभिषेक पांडेय को शिकायती पत्र देकर ग्राम सभा में कराए गए विकास कार्यों की जांच कराने की मांग की है।

ग्रामीणों ने 9 सूत्रीय मांगों से संबंधित पत्रक जिलाधिकारी को सौंपा। इसमें विकास कार्यों में कथित अनियमितता और सरकारी धन के दुरुपयोग की जांच कर दोषियों के खिलाफ कड़ी कार्रवाई की मांग की गई है।

खरंजा, नाली और नल रिबोर के कार्यों पर उठे सवाल

शिकायतकर्ताओं नन्हेंलाल सरोज, संतलाल, सपना, प्रदीप कुमार, मिढई सरोज, संजय सरोज समेत अन्य ग्रामीणों ने आरोप लगाया कि ग्राम सभा में खरंजा निर्माण, नाली निर्माण, नल रिबोर और आवास सहित कई विकास कार्यों में अनियमितता की गई है।

ग्रामीणों का आरोप है कि कुछ कार्यों में सरकारी धन के इस्तेमाल को लेकर पारदर्शिता नहीं बरती गई। उन्होंने पूरे मामले की जांच कर वास्तविक स्थिति सामने लाने की मांग की है।

एक ही बंधे का कई बार निर्माण दिखाने का आरोप

शिकायतकर्ताओं ने आरोप लगाया कि जंगल क्षेत्र में एक ही बंधे का कई बार निर्माण दिखाकर सरकारी धन निकाले जाने की आशंका है। ग्रामीणों ने इस मामले में अभिलेखों और मौके पर हुए कार्यों का मिलान कर जांच कराने की मांग की है।

ग्रामीणों का कहना है कि निष्पक्ष जांच होने पर विकास कार्यों में हुई कथित अनियमितताओं की वास्तविक स्थिति सामने आ सकती है।

मनरेगा में फर्जी जॉब कार्ड का भी आरोप

शिकायत में मनरेगा के कार्यों को लेकर भी गंभीर आरोप लगाए गए हैं। ग्रामीणों का दावा है कि कुछ लोगों के नाम पर जॉब कार्ड बनाए गए हैं और महिलाओं के नाम से मजदूरी का भुगतान निकाले जाने की शिकायत है, जबकि संबंधित महिलाएं कथित तौर पर काम करने नहीं जाती हैं।

ग्रामीणों ने मनरेगा के मस्टर रोल, जॉब कार्ड और भुगतान संबंधी अभिलेखों की जांच कराने की मांग की है।

शिकायतकर्ताओं ने ग्राम प्रधान पर भी गंभीर आरोप लगाए हैं। इन आरोपों की स्वतंत्र पुष्टि अभी नहीं हुई है। संबंधित पक्ष का जवाब और प्रशासनिक जांच के निष्कर्ष सामने आने के बाद ही स्थिति स्पष्ट होगी।

शिकायत के बाद धमकी देने का भी आरोप

शिकायतकर्ताओं में से एक ग्रामीण ने आरोप लगाया कि जिलाधिकारी को शिकायती पत्र देने के बाद ग्राम प्रधान के भाई की ओर से उसे धमकी दी जा रही है। शिकायतकर्ता का कहना है कि इस संबंध में वह सोमवार को जिलाधिकारी को अलग से प्रार्थना पत्र देकर शिकायत करेगा।

ग्रामीणों ने प्रशासन से मामले की निष्पक्ष जांच के साथ शिकायतकर्ताओं की सुरक्षा और शिकायत के आधार पर उचित कार्रवाई की भी मांग की है।

कार्रवाई नहीं हुई तो मुख्यमंत्री से शिकायत की चेतावनी

ग्रामीणों ने जिलाधिकारी से पूरे मामले की निष्पक्ष जांच कराने और दोषी पाए जाने वाले लोगों के खिलाफ कड़ी कार्रवाई की मांग की है।

उन्होंने कहा कि यदि स्थानीय स्तर पर जांच और कार्रवाई नहीं होती है तो वह उच्चस्तरीय जांच के लिए मुख्यमंत्री को पत्र भेजकर शिकायत करेंगे।

अब ग्रामीणों की नजर जिला प्रशासन की कार्रवाई पर है। देखना होगा कि जिलाधिकारी के निर्देश पर मामले की जांच कब शुरू होती है और जांच में लगाए गए आरोपों की क्या सच्चाई सामने आती है।

रिपोर्ट: उमेश पाण्डेय, ब्यूरो चीफ/जिला संवाददाता, यूनाईटेड भारत

 

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