Kolkata News : समितियां विधायी प्रक्रिया की रीढ़, बंगाल विधानसभा में कार्यशाला में बोले सतीश महाना
Kolkata News : पश्चिम बंगाल विधानसभा में समिति प्रणाली पर एक दिवसीय कार्यशाला हुई। यूपी विधानसभा अध्यक्ष सतीश महाना ने समितियों को विधायी प्रक्रिया की रीढ़ बताते हुए अनुभव साझा किए।

Kolkata News: पश्चिम बंगाल विधानसभा के प्लेटिनम जुबली ऑडिटोरियम में विधायकों के लिए एक दिवसीय प्रशिक्षण कार्यशाला आयोजित की गई। पश्चिम बंगाल विधानसभा के अध्यक्ष रथीन्द्र बोस की अध्यक्षता में हुई इस कार्यशाला का उद्देश्य विधानसभा की समिति प्रणाली को अधिक प्रभावी, सार्थक और परिणामदायी बनाना रहा।
कार्यशाला में उत्तर प्रदेश विधानसभा के अध्यक्ष सतीश महाना मुख्य वक्ता के रूप में शामिल हुए। उन्होंने विधायी कार्यप्रणाली और विधानसभा समितियों के प्रभावी संचालन से जुड़े अपने अनुभव एवं विचार साझा किए। उन्होंने कहा कि विधानसभा की समितियां विधायी प्रक्रिया की रीढ़ हैं और इनके प्रभावी कामकाज से लोकतांत्रिक व्यवस्था और अधिक मजबूत होती है।
स्थायी और विशेषाधिकार समिति की भूमिका पर चर्चा
कार्यशाला में स्थायी समितियों और विशेषाधिकार समिति की प्रक्रियाओं, भूमिकाओं और जिम्मेदारियों पर विस्तार से चर्चा की गई। विधायकों को समिति प्रणाली के कामकाज, उनकी संवैधानिक भूमिका और विधायी प्रक्रिया में उनके महत्व की जानकारी दी गई।
इस दौरान समिति व्यवस्था को और अधिक सशक्त बनाने तथा समितियों की कार्यप्रणाली में सुधार से जुड़े विभिन्न पहलुओं पर विचार-विमर्श हुआ। प्रतिभागियों ने समिति प्रणाली से जुड़े अपने व्यावहारिक अनुभव भी साझा किए।
जवाबदेह विधायी व्यवस्था पर जोर
कार्यक्रम में वक्ताओं ने कहा कि विधानसभा समितियां सरकार के कामकाज की समीक्षा करने के साथ-साथ विधायी प्रक्रिया को अधिक प्रभावी और जवाबदेह बनाने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाती हैं। समितियों के माध्यम से विभिन्न विषयों पर गहन विचार-विमर्श और समीक्षा का अवसर मिलता है।
कार्यशाला में इस बात पर भी जोर दिया गया कि विधायकों को समिति व्यवस्था की प्रक्रियाओं और जिम्मेदारियों की बेहतर समझ होने से विधायी कार्यों की गुणवत्ता में सुधार किया जा सकता है।
मुख्य सचेतक समेत कई मंत्री और विधायक मौजूद
कार्यक्रम में पश्चिम बंगाल विधानसभा के मुख्य सचेतक अमलान भादुरी सहित कई मंत्री और विधायक मौजूद रहे। कार्यशाला के दौरान समिति प्रणाली को मजबूत करने और विधायी कार्यप्रणाली को अधिक प्रभावी बनाने के लिए उपयोगी विचार एवं अनुभव साझा किए गए।
आयोजकों के अनुसार, इस तरह के प्रशिक्षण कार्यक्रम विधायकों की क्षमता बढ़ाने और विधानसभा की समिति व्यवस्था को अधिक प्रभावी बनाने में महत्वपूर्ण भूमिका निभा सकते हैं।



