UP Board News: यूपी बोर्ड में 33 DIOS पर कार्रवाई की तैयारी, ऑनलाइन उपस्थिति को लेकर छह दिन की मोहलत
UP Board Newsयूपी बोर्ड में छात्रों, शिक्षकों और शिक्षणेत्तर कर्मचारियों की ऑनलाइन उपस्थिति को लेकर अब सख्ती बढ़ा दी गई है। ऑनलाइन उपस्थिति अनिवार्य होने के बावजूद कई जिलों में व्यवस्था का पालन नहीं किया जा रहा है। इसे लेकर 33 जिलों के जिला विद्यालय निरीक्षकों यानी DIOS के खिलाफ कार्रवाई की संस्तुति शासन से की गई है।
बोर्ड की ओर से यह कदम करीब 14 महीने बाद उठाया गया है। जिन जिलों में 10 फीसदी से भी कम स्कूल ऑनलाइन उपस्थिति दर्ज कर रहे हैं, वहां के DIOS को इसके लिए जिम्मेदार माना गया है।
छह दिन में 100 फीसदी ऑनलाइन उपस्थिति के निर्देश
यूपी बोर्ड की सचिव भगवती सिंह ने संबंधित जिला विद्यालय निरीक्षकों को छह दिन की मोहलत दी है। इस अवधि में सभी राजकीय, सहायता प्राप्त और स्ववित्तपोषित माध्यमिक विद्यालयों में 100 फीसदी ऑनलाइन उपस्थिति सुनिश्चित करने के निर्देश दिए गए हैं।
बोर्ड ने स्पष्ट किया है कि ऑनलाइन उपस्थिति व्यवस्था को गंभीरता से लागू कराया जाए। इसमें किसी भी स्तर पर लापरवाही मिलने पर जिम्मेदारी तय की जा सकती है।
भदोही के 196 स्कूलों में ऑनलाइन उपस्थिति शून्य
बोर्ड की समीक्षा में स्थिति कई जिलों में बेहद खराब मिली है। भदोही जिले के 196 स्कूलों में से किसी भी स्कूल की ओर से ऑनलाइन उपस्थिति दर्ज नहीं किए जाने की बात सामने आई है।
बोर्ड ने इसे शासन के निर्देशों की अवहेलना और जिला विद्यालय निरीक्षकों के शिथिल पर्यवेक्षण का परिणाम माना है। इसके बाद संबंधित DIOS के खिलाफ कार्रवाई की संस्तुति करते हुए शासन को पत्र भेजा गया है।
इन 33 जिलों के DIOS पर कार्रवाई की संस्तुति
बोर्ड की कार्रवाई की संस्तुति वाले जिलों में उन्नाव, मिर्जापुर, फर्रुखाबाद, सहारनपुर, गोंडा, प्रयागराज, चित्रकूट, चंदौली, कानपुर नगर, मैनपुरी, सिद्धार्थनगर, आगरा, बलिया, सोनभद्र, हमीरपुर, आजमगढ़, कौशांबी, कानपुर देहात, जौनपुर, सुल्तानपुर, फतेहपुर, गाजीपुर, हाथरस, बुलंदशहर, लखनऊ, बांदा, हरदोई, अलीगढ़, फिरोजाबाद, बहराइच, देवरिया, गोरखपुर और भदोही शामिल हैं।
अब निगरानी पर रहेगी नजर
बोर्ड की ओर से छह दिन का समय दिए जाने के बाद संबंधित जिलों में ऑनलाइन उपस्थिति की स्थिति पर नजर रखी जाएगी। अब देखना होगा कि DIOS निर्धारित अवधि में सभी स्कूलों में व्यवस्था को लागू करा पाते हैं या नहीं।
ऑनलाइन उपस्थिति व्यवस्था का उद्देश्य स्कूलों में छात्रों, शिक्षकों और कर्मचारियों की उपस्थिति को पारदर्शी बनाना है। बोर्ड की सख्ती के बाद आने वाले दिनों में इस व्यवस्था के पालन को लेकर जिलों में निगरानी और बढ़ने की संभावना है।



