Delhi PG Building Survey : Satya Niketan हादसे के बाद MCD का बड़ा एक्शन, 1,252 PG इमारतों का सर्वे; 3 खतरनाक मिलीं
Delhi PG Building Survey : Satya Niketan हादसे के बाद MCD ने दिल्ली में 1,252 PG इमारतों का सर्वे किया। 3 इमारतें खतरनाक, 9 में बड़े मरम्मत कार्य की जरूरत मिली।

Delhi PG Building Survey : राजधानी दिल्ली के Satya Niketan इलाके में बहुमंजिला इमारत गिरने की घटना के बाद Municipal Corporation of Delhi (MCD) ने Paying Guest (PG) भवनों की सुरक्षा जांच तेज कर दी है। MCD ने 7 से 9 सितंबर के बीच दिल्ली में कुल 1,252 PG इमारतों का सर्वे किया। जांच में तीन इमारतों को खतरनाक पाया गया है, जबकि नौ भवनों में बड़े स्तर पर मरम्मत की जरूरत सामने आई है।
MCD अधिकारियों के मुताबिक, सर्वे की गई 1,201 इमारतें प्रथम दृष्टया सुरक्षित** पाई गईं। वहीं 39 भवनों में मामूली मरम्मत की आवश्यकता है। तीन इमारतों को खतरनाक श्रेणी में रखा गया है और इनमें से एक भवन को गिराने की कार्रवाई शुरू कर दी गई है।
6 ऊंची इमारतें भी निगरानी के दायरे में
MCD ने बुधवार को G+4 से अधिक मंजिल वाली 26 फ्रेम्ड स्ट्रक्चर इमारतों की भी पहचान की है। इन भवनों को संभावित रूप से संवेदनशील मानते हुए उन पर विशेष निगरानी रखी जा रही है।
अधिकारियों का कहना है कि PG भवनों की सुरक्षा जांच का अभियान गुरुवार को भी जारी रहेगा। जांच के दौरान इमारत की संरचनात्मक स्थिति के साथ-साथ अनधिकृत निर्माण, संपत्ति के गलत इस्तेमाल और भवन में रहने वाले लोगों की संख्या जैसे पहलुओं पर भी ध्यान दिया जा रहा है।
Satya Niketan हादसे के बाद बढ़ी सख्ती
Satya Niketan में हुए भवन हादसे के बाद दिल्ली में अवैध और असुरक्षित निर्माण के खिलाफ MCD ने कार्रवाई तेज कर दी है। अधिकारियों ने कई इलाकों में ऐसे भवनों की पहचान शुरू की है, जहां निर्माण नियमों का उल्लंघन, व्यावसायिक गतिविधियों के लिए आवासीय संपत्तियों का इस्तेमाल या संरचनात्मक सुरक्षा से जुड़ी खामियां सामने आ रही हैं।
इससे पहले MCD ने मंगलवार को 12 जोन में 35 इमारतों के खिलाफ demolition action किया था। इनमें Najafgarh में बड़ी कार्रवाई के अलावा Shahdara North में चार मंजिला इमारत के खिलाफ भी कार्रवाई शामिल थी। Rohini में छह, Narela में तीन, Civil Lines में तीन और Shahdara North में छह भवनों पर demolition action किया गया।
इसके अलावा नौ sealing actions भी किए गए। इनमें Karol Bagh के दो बड़े गोदाम शामिल थे, जबकि West Zone में एक होटल को भी सील किया गया।
तीन महीने में 983 संपत्तियों पर demolition action
MCD के आंकड़ों के अनुसार, 1 जून से 3 सितंबर 2026 के बीच अवैध निर्माण और नियमों के उल्लंघन के खिलाफ बड़े स्तर पर कार्रवाई की गई। इस अवधि में 983 संपत्तियों पर demolition action, 464 संपत्तियों को सील करने और अनधिकृत निर्माण को लेकर 1,516 show-cause notices जारी किए गए।
इसी अवधि में sealing से संबंधित 708 show-cause notices जारी किए गए, जबकि 726 demolition orders भी पारित किए गए।
3 लाख से अधिक संपत्तियों का सर्वे
MCD ने आवासीय इलाकों में व्यावसायिक गतिविधियों का पता लगाने के लिए तीन महीने का सर्वे भी किया। इस दौरान 404 कॉलोनियों और 168 वार्डों में करीब 3 लाख संपत्तियों का सर्वे किया गया।
सर्वे में आवासीय क्षेत्रों में व्यावसायिक गतिविधियों के 8,000 से अधिक मामले सामने आए। इनमें से करीब 30 से 40 संपत्तियों को सील किया जा चुका है, जबकि अन्य मामलों में कार्रवाई अलग-अलग चरणों में चल रही है।
MCD का यह अभियान दिल्ली में असुरक्षित भवनों, अनधिकृत निर्माण और आवासीय संपत्तियों के व्यावसायिक दुरुपयोग पर निगरानी बढ़ाने की दिशा में महत्वपूर्ण कदम माना जा रहा है।



