UP News : ‘कुशल युवा ही भारत को नेतृत्व देगा’, नौवें राष्ट्रीय पोषण माह के शुभारंभ पर बोले सीएम योगी

UP News : सीएम योगी आदित्यनाथ ने वाराणसी में नौवें राष्ट्रीय पोषण माह का शुभारंभ किया। उन्होंने 70 हजार से अधिक आंगनवाड़ी केंद्रों के कायाकल्प और पोषण सेवाओं की जानकारी दी।

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UP News : मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने बुधवार को वाराणसी में गर्भवती एवं धात्री महिलाओं, बच्चों और किशोरियों के पोषण व स्वास्थ्य को समर्पित नौवें राष्ट्रीय पोषण माह का शुभारंभ किया। इस दौरान उन्होंने कहा कि स्वस्थ बचपन और मजबूत प्रारंभिक शिक्षा ही विकसित भारत की नींव है। सक्षम विद्यार्थी आगे चलकर कुशल युवा बनेगा और यही युवा आत्मनिर्भर भारत को नेतृत्व देगा।
मुख्यमंत्री ने पूर्ववर्ती सरकारों पर निशाना साधते हुए कहा कि वर्ष 2017 से पहले प्रदेश में बच्चों के पोषाहार की आपूर्ति में शराब माफिया का दखल था। आंगनवाड़ी केंद्रों पर तीन-तीन महीने तक राशन नहीं पहुंचता था। बच्चे टाट लेकर केंद्रों पर आते थे। उन्होंने कहा कि उस समय आंगनवाड़ी केंद्रों पर न शुद्ध पेयजल की व्यवस्था थी, न शौचालय और न ही गर्म भोजन उपलब्ध कराया जाता था।
योगी ने कहा कि गलती कोई और करता था, लेकिन उसकी गाली आंगनवाड़ी कार्यकत्रियों को मिलती थी। प्रदेश सरकार ने व्यवस्था में बदलाव कर पारदर्शिता और जवाबदेही सुनिश्चित की है।

70 हजार से अधिक आंगनवाड़ी केंद्रों का कायाकल्प

मुख्यमंत्री ने बताया कि पिछले साढ़े नौ वर्षों में प्रदेश में 70 हजार से अधिक आंगनवाड़ी केंद्रों का कायाकल्प किया गया है। करीब 1.90 लाख आंगनवाड़ी केंद्रों के माध्यम से 1.56 करोड़ लाभार्थियों तक पोषण सेवाएं पहुंचाई जा रही हैं। वहीं, 35.46 लाख बच्चों को हॉट-कुक्ड मील दिया जा रहा है।

पोषाहार वितरण में पारदर्शिता लाने के लिए प्रदेश में 204 टीएचआर प्लांट स्थापित किए गए हैं। इनके संचालन से 20 लाख से अधिक महिलाएं जुड़ी हैं। पोषाहार की आपूर्ति की डिजिटल निगरानी के लिए जीपीएस ट्रैकिंग और क्यूआर कोड का इस्तेमाल किया जा रहा है।

आंगनवाड़ी केंद्र बन रहे प्रारंभिक शिक्षा की पहली पाठशाला

योगी आदित्यनाथ ने कहा कि आंगनवाड़ी केंद्र अब बच्चों की प्रारंभिक शिक्षा की पहली पाठशाला बन रहे हैं। बाल वाटिकाओं में बच्चों को खेल-खेल में अक्षर और अंकों का ज्ञान दिया जा रहा है। उन्होंने बताया कि अब आंगनवाड़ी के बच्चों को भी दो-दो यूनिफॉर्म उपलब्ध कराने की व्यवस्था की जा रही है।

मुख्यमंत्री ने कहा कि बेसिक शिक्षा के 1.60 करोड़ बच्चों को यूनिफॉर्म, बैग, किताबें, जूते-मोजे और स्वेटर दिए जा रहे हैं। उनका कहना था कि मजबूत बचपन और गुणवत्तापूर्ण शिक्षा के जरिए प्रदेश के युवाओं को भविष्य की चुनौतियों के लिए तैयार किया जा रहा है।

आंगनवाड़ी कार्यकत्रियों का मानदेय बढ़कर 12 हजार रुपये

मुख्यमंत्री ने कहा कि आंगनवाड़ी कार्यकत्रियों का मानदेय तीन हजार रुपये से बढ़ाकर 12 हजार रुपये किया गया है, जबकि सहायिकाओं का मानदेय छह हजार रुपये किया गया है। कार्यकत्रियों, सहायिकाओं और उनके परिवारों को पांच लाख रुपये का स्वास्थ्य बीमा कवर भी उपलब्ध कराया गया है।

उन्होंने कहा कि गांव और गलियों से मजबूत होने वाली यही व्यवस्था विकसित भारत की आधारशिला तैयार करेगी।

पहले बेटी को स्कूल भेजने में लगता था डर: योगी

पिंडरा विधानसभा क्षेत्र में कामकाजी महिलाओं के सम्मान समारोह को संबोधित करते हुए मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने कहा कि वर्ष 2017 से पहले बेटियों को स्कूल भेजने में परिवार सुरक्षा को लेकर चिंतित रहते थे। सरकार ने पहले डर का माहौल खत्म किया, फिर बेटियों को पढ़ाई, हुनर और रोजगार से जोड़ा।

उन्होंने कहा कि अब बेटियों को अपने सपनों की मंजिल खुद तय करनी है। महिला सुरक्षा को मजबूत करने के लिए पुलिस बल में महिला कर्मियों की संख्या 10 हजार से बढ़कर 44 हजार हो गई है। नई भर्ती के बाद यह संख्या 50 हजार के पार पहुंच जाएगी।

योगी ने कहा कि मिशन शक्ति, महिला बीट पुलिस और हेल्पलाइन के जरिए महिलाओं की सुरक्षा व्यवस्था को और मजबूत किया गया है।

8 हजार न्याय पंचायतों में तैयार होंगे डिजिटल उद्यमी

मुख्यमंत्री ने बताया कि प्रोजेक्ट गंगा के तहत करीब आठ हजार न्याय पंचायतों में डिजिटल उद्यमी तैयार किए जाएंगे। इनमें चार हजार महिलाएं होंगी। उन्होंने कहा कि प्रदेश में महिला वर्कफोर्स की भागीदारी करीब 12 प्रतिशत से बढ़कर 36 प्रतिशत से अधिक हो गई है।

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