adevertisment Adevertiisment banner

Agra MLC Result 2026: आगरा MLC चुनाव में मतगणना रोकने का अखिलेश यादव ने लगाया आरोप, आयोग से की निष्पक्ष गिनती की मांग

Agra MLC Result 2026: सपा प्रत्याशी आकाश अग्रवाल ने भी गिनती रुकने का दावा किया।

Agra MLC Result 202: उत्तर प्रदेश में विधान परिषद की 11 सीटों के लिए जारी मतगणना के बीच आगरा खंड शिक्षक निर्वाचन क्षेत्र में गिनती को लेकर विवाद सामने आया है। समाजवादी पार्टी के राष्ट्रीय अध्यक्ष अखिलेश यादव ने दावा किया कि आगरा में पार्टी के प्रत्याशी आगे चल रहे थे, लेकिन प्रशासन ने मतगणना रोक दी। उन्होंने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स पर 11 सेकेंड का एक वीडियो साझा करते हुए चुनाव आयोग से मामले का संज्ञान लेने और निष्पक्ष मतगणना सुनिश्चित कराने की मांग की।

अखिलेश यादव ने अपनी पोस्ट में भारत निर्वाचन आयोग और उत्तर प्रदेश के मुख्य निर्वाचन अधिकारी को टैग किया। उन्होंने लिखा कि आगरा खंड शिक्षक एमएलसी चुनाव में सपा प्रत्याशी के आगे होने के बीच मतगणना रोके जाने की सूचना मिली है। उनके मुताबिक, आयोग को इस मामले में हस्तक्षेप करना चाहिए ताकि मतगणना निष्पक्ष तरीके से पूरी हो सके।

हालांकि, मतगणना रोके जाने और सपा प्रत्याशी के आगे होने के दावों की स्वतंत्र पुष्टि संबंधित आधिकारिक जानकारी से होना बाकी है। उपलब्ध खबर में प्रशासन की ओर से इन आरोपों पर कोई आधिकारिक प्रतिक्रिया दिए जाने की जानकारी नहीं है।

11 सेकेंड का वीडियो साझा कर उठाए सवाल

अखिलेश यादव ने अपने एक्स पोस्ट के साथ 11 सेकेंड का वीडियो भी साझा किया। वीडियो में एक महिला की आवाज सुनाई देती है, जिसमें एकतरफा वोट पड़ने की बात कही जा रही है। अखिलेश ने इसी पोस्ट के जरिए आगरा शिक्षक निर्वाचन क्षेत्र की मतगणना पर सवाल उठाते हुए चुनाव आयोग से निष्पक्षता सुनिश्चित करने का आग्रह किया।

सपा अध्यक्ष की मांग है कि मतगणना की प्रक्रिया पारदर्शी तरीके से पूरी हो और यदि किसी कारण से गिनती रोकी गई है, तो उसकी स्थिति स्पष्ट की जाए। हालांकि, वीडियो में कही गई बात और मतगणना रुकने के कारण की आधिकारिक पुष्टि उपलब्ध विवरण में नहीं है।

सपा प्रत्याशी आकाश अग्रवाल ने भी लगाए आरोप

आगरा खंड शिक्षक निर्वाचन क्षेत्र से समाजवादी पार्टी के प्रत्याशी आकाश अग्रवाल ने भी मतगणना रोके जाने का आरोप लगाया। उन्होंने दावा किया कि गिनती के दौरान अचानक प्रक्रिया बंद कर दी गई और करीब आधे घंटे तक मतगणना शुरू नहीं हुई।

आकाश अग्रवाल के मुताबिक, इस संबंध में शिकायत किए जाने के बावजूद गिनती दोबारा शुरू नहीं हुई। उन्होंने मतदान के बाद मतगणना की प्रक्रिया पर भी सवाल उठाए और पूछा कि आखिर किस वजह से काउंटिंग रोकी गई है।

सपा प्रत्याशी के इन आरोपों के बाद मतगणना की प्रक्रिया को लेकर सवाल खड़े हुए हैं। हालांकि, मतगणना रोकने के कारण, संबंधित अधिकारियों की प्रतिक्रिया और गिनती दोबारा शुरू होने की स्थिति के बारे में आधिकारिक पुष्टि जरूरी है।

आगरा खंड स्नातक चुनाव को लेकर भी सपा की शिकायत

आगरा में मतगणना से जुड़ा यह पहला विवाद नहीं है। इससे पहले समाजवादी पार्टी ने आगरा खंड स्नातक निर्वाचन क्षेत्र की मतगणना के दौरान पार्टी प्रत्याशी शशांक यादव को मतगणना केंद्र में प्रवेश नहीं दिए जाने का आरोप लगाया था।

सपा की ओर से सोशल मीडिया पर की गई पोस्ट में चुनाव आयोग से मामले की जांच कराने और प्रत्याशी को नियमानुसार प्रवेश दिलाने की मांग की गई थी। पार्टी ने निष्पक्ष और पारदर्शी मतगणना सुनिश्चित करने का आग्रह भी किया था।

यह शिकायत भी समाजवादी पार्टी की ओर से लगाए गए आरोपों पर आधारित है। मामले में संबंधित अधिकारियों की प्रतिक्रिया और आधिकारिक रिकॉर्ड के आधार पर ही वास्तविक स्थिति स्पष्ट हो सकेगी।

लखनऊ में पहले राउंड के रुझानों में भाजपा प्रत्याशी आगे

दूसरी ओर, लखनऊ में एमएलसी चुनाव की मतगणना के दौरान खंड शिक्षक निर्वाचन क्षेत्र के पहले राउंड के शुरुआती रुझानों में भाजपा प्रत्याशी उमेश द्विवेदी आगे बताए गए। उपलब्ध जानकारी के मुताबिक, वह सपा प्रत्याशी सुशील कुमार से 30 वोटों की बढ़त पर थे।

शिक्षक एमएलसी पद के लिए पड़े करीब 27 हजार मतों की गिनती के लिए मतपत्रों के बंडल तैयार किए जाने की जानकारी भी सामने आई। वहीं, स्नातक एमएलसी पद के मतपत्रों के बंडल बनाने की प्रक्रिया जारी बताई गई।

ये शुरुआती रुझान हैं। अंतिम परिणाम मतगणना पूरी होने और आधिकारिक घोषणा के बाद ही स्पष्ट होंगे।

निष्पक्ष मतगणना को लेकर बढ़ी निगरानी

उत्तर प्रदेश में विधान परिषद की 11 सीटों के लिए जारी मतगणना के बीच आगरा में सपा नेताओं की शिकायतों ने चुनावी प्रक्रिया को लेकर चर्चा बढ़ा दी है। अखिलेश यादव और पार्टी प्रत्याशी आकाश अग्रवाल ने मतगणना रोके जाने का दावा करते हुए चुनाव आयोग से हस्तक्षेप की मांग की है।

अब मामले में मतगणना रोकने के कारण, संबंधित अधिकारियों का पक्ष और आगे की प्रक्रिया महत्वपूर्ण होगी। फिलहाल, सपा की ओर से लगाए गए आरोपों को आधिकारिक पुष्टि के बिना स्थापित तथ्य नहीं माना जा सकता। निष्पक्ष स्थिति जानने के लिए चुनाव आयोग और संबंधित निर्वाचन अधिकारियों की सूचना पर नजर रहेगी।

Related Articles

Back to top button