Uttar Pradesh: आजम खां की मुश्किलें फिर बढ़ीं! ED की FIR में पूछताछ के लिए पुलिस पहुंची कोर्ट, हिरासत की मांगी अनुमति
जौहर ट्रस्ट से जुड़े मामले में पुलिस ने एमपी-एमएलए कोर्ट में प्रार्थना पत्र दिया है। सोमवार को होगी सुनवाई, आजम खां को हाल ही में दो पैन कार्ड मामले में हाईकोर्ट से जमानत मिली है।
Uttar Pradesh: समाजवादी पार्टी के वरिष्ठ नेता आजम खां को एक मामले में राहत मिलने के बाद दूसरे केस में नई कानूनी चुनौती का सामना करना पड़ सकता है। रामपुर में प्रवर्तन निदेशालय (ED) की ओर से दर्ज कराई गई एफआईआर के सिलसिले में पुलिस अब उनसे पूछताछ करना चाहती है। इसके लिए विवेचक ने आजम खां को हिरासत में लेने की अनुमति मांगते हुए एमपी-एमएलए कोर्ट में प्रार्थना पत्र दाखिल किया है। अदालत इस आवेदन पर सोमवार को सुनवाई करेगी।
यह घटनाक्रम ऐसे समय सामने आया है, जब 29 अक्टूबर को इलाहाबाद हाईकोर्ट ने आजम खां और उनके बेटे अब्दुल्ला आजम को दो पैन कार्ड मामले में जमानत दी है। हालांकि, हाईकोर्ट से मिली इस राहत के बावजूद आजम खां की रिहाई का रास्ता दूसरे लंबित मामलों के कारण आसान नहीं है। ED की एफआईआर में पुलिस की ओर से हिरासत की अनुमति मांगना इसी मामले को लेकर अहम घटनाक्रम माना जा रहा है।
पुलिस ने कोर्ट में क्यों दाखिल किया प्रार्थना पत्र?
जानकारी के मुताबिक, रामपुर पुलिस ने बृहस्पतिवार को एमपी-एमएलए कोर्ट में आवेदन देकर आजम खां को हिरासत में लेकर पूछताछ करने की अनुमति मांगी। इस मामले की विवेचना टांडा के सीओ पंकज पंत कर रहे हैं। अपर पुलिस अधीक्षक अनुराग सिंह ने भी पुष्टि की है कि विवेचक की ओर से अदालत में प्रार्थना पत्र दिया गया है।
अब इस आवेदन पर सोमवार को सुनवाई होगी। कोर्ट की अनुमति मिलने के बाद ही पुलिस आगे की प्रक्रिया पूरी कर सकेगी। फिलहाल अदालत ने इस मामले में कोई अंतिम आदेश नहीं दिया है।
13 अक्टूबर को ED ने दर्ज कराई थी FIR
दरअसल, प्रवर्तन निदेशालय ने 13 अक्टूबर 2026 को रामपुर के अजीमनगर थाने में आजम खां और जौहर ट्रस्ट के खिलाफ एफआईआर दर्ज कराई थी। यह कार्रवाई जौहर ट्रस्ट और मोहम्मद अली जौहर विश्वविद्यालय से जुड़े वित्तीय लेन-देन की जांच के बाद की गई थी।
ED इस मामले में ट्रस्ट को मिले चंदे, विश्वविद्यालय के निर्माण पर खर्च हुई रकम और धन के स्रोत की पड़ताल कर रही है। एजेंसी यह जानने का प्रयास कर रही है कि ट्रस्ट के खातों में आई रकम कहां से आई और उसका इस्तेमाल किन कामों में किया गया। इस जांच के तहत पहले भी आजम खां से रामपुर जेल में पूछताछ की जा चुकी है।
पुलिस अब इसी एफआईआर के सिलसिले में आजम खां से पूछताछ करना चाहती है। हिरासत की मांग से यह स्पष्ट है कि जांच एजेंसी मामले से जुड़े तथ्यों और वित्तीय लेन-देन के संबंध में उनसे सवाल करना चाहती है। हालांकि, पूछताछ में क्या जानकारी सामने आएगी, यह अभी स्पष्ट नहीं है।
जौहर ट्रस्ट और विश्वविद्यालय की संपत्तियां भी जांच के दायरे में
जौहर ट्रस्ट से जुड़े मामले में ED की जांच केवल आजम खां तक सीमित नहीं है। एजेंसी ट्रस्ट को चंदा देने वाली संस्थाओं, कंपनियों और उससे जुड़े लोगों के वित्तीय लेन-देन की भी पड़ताल कर रही है। जांच में चंदे के स्रोत और रकम के इस्तेमाल से जुड़े सवाल उठाए गए हैं।
रिपोर्टों के मुताबिक, जौहर विश्वविद्यालय की जमीन और भवनों से संबंधित संपत्तियों पर भी ED कार्रवाई कर चुकी है। अब जांच का एक अहम हिस्सा ट्रस्ट के खातों में जमा रकम और उसके पीछे के स्रोत का पता लगाना है। एजेंसी संबंधित लोगों और संस्थाओं से मिली जानकारी का मिलान दस्तावेजों तथा बैंक खातों से कर रही है।
दूसरी ओर, आयकर विभाग की कार्रवाई का मुद्दा भी सामने आया है। जौहर ट्रस्ट के कर संबंधी मामलों की जांच की जा रही है। हालांकि, टैक्स वसूली और संपत्तियों पर आगे की कार्रवाई को लेकर अंतिम स्थिति संबंधित विभागों के आदेशों पर निर्भर करेगी।
हाईकोर्ट से जमानत, लेकिन रिहाई का रास्ता अभी साफ नहीं
आजम खां और उनके बेटे अब्दुल्ला आजम को दो पैन कार्ड मामले में इलाहाबाद हाईकोर्ट से जमानत मिली है। अदालत ने उनकी सजा निलंबित करने का आदेश दिया, लेकिन दोषसिद्धि पर रोक लगाने की मांग स्वीकार नहीं की। ऐसे में इस मामले में मिली राहत के बावजूद अन्य लंबित मुकदमों और एफआईआर की स्थिति उनकी रिहाई को प्रभावित कर सकती है।
अब सबकी नजर सोमवार को होने वाली एमपी-एमएलए कोर्ट की सुनवाई पर है। यदि अदालत पुलिस को हिरासत में लेकर पूछताछ की अनुमति देती है, तो ED की एफआईआर से जुड़े मामले में आजम खां से सवाल-जवाब का रास्ता खुल सकता है। फिलहाल यह मामला अदालत के फैसले का इंतजार कर रहा है।



