America Iran War: अमेरिका ने ईरान पर फिर बरसाए बम! जॉर्डन में मिसाइल हमले की कोशिश के बाद ट्रम्प बोले- “अब हमारी बारी”
America Iran War: मिडिल ईस्ट में तनाव लगातार बढ़ता जा रहा है। गुरुवार सुबह अमेरिका ने ईरान के कई सैन्य ठिकानों पर एयरस्ट्राइक की।
यह कार्रवाई जॉर्डन में अमेरिकी सैन्य ठिकाने पर मिसाइल हमले की कोशिश के बाद हुई। इसके बाद पूरे क्षेत्र में सुरक्षा अलर्ट बढ़ा दिया गया।
किन ठिकानों को बनाया गया निशाना?
अमेरिकी सेंट्रल कमांड (CENTCOM) के अनुसार, हमले IRGC से जुड़े ठिकानों पर किए गए।
इनमें सैन्य कमांड सेंटर शामिल थे। इसके अलावा मिसाइल और ड्रोन बेस को भी निशाना बनाया गया। तटीय रक्षा और समुद्री सैन्य ठिकानों पर भी हमले हुए।
अमेरिका का कहना है कि यह कार्रवाई आत्मरक्षा के तहत की गई।
ट्रम्प ने क्या कहा?
हमलों से पहले अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रम्प ने कड़ा बयान दिया था।
ट्रम्प ने कहा कि ईरान ने पांच मिसाइलें दागीं। हालांकि, अमेरिकी रक्षा प्रणाली ने सभी मिसाइलों को नष्ट कर दिया।
उन्होंने कहा, “उन्होंने हमला करने की कोशिश की। इसलिए अब हमारी बारी है।”
जॉर्डन ने मार गिराईं 5 मिसाइलें
इस बीच जॉर्डन की सेना ने बड़ा दावा किया है।
सेना के मुताबिक, ईरान से दागी गई पांच मिसाइलों को एयर डिफेंस सिस्टम ने इंटरसेप्ट कर लिया। इसके बाद उन्हें हवा में ही नष्ट कर दिया गया।
जॉर्डन का कहना है कि समय रहते खतरे का पता लगा लिया गया था।
इराक में भी बढ़ी सैन्य कार्रवाई
तनाव सिर्फ ईरान तक सीमित नहीं है।
रिपोर्ट्स के मुताबिक, अमेरिका और सऊदी अरब ने इराक में भी संयुक्त हवाई हमले किए हैं।
इन हमलों में ईरान समर्थित PMF के ठिकानों को निशाना बनाया गया। PMF ने दावा किया है कि कम से कम 20 लड़ाके मारे गए हैं।
ईरान की चेतावनी
दूसरी ओर ईरान ने भी सख्त रुख अपनाया है।
ईरानी नौसेना ने दावा किया कि होर्मुज स्ट्रेट पर उसका नियंत्रण है। उसने कहा कि उसकी अनुमति के बिना कोई जहाज वहां से नहीं गुजर सकता।
इस बयान के बाद वैश्विक शिपिंग और ऊर्जा बाजार की चिंता बढ़ गई है।
कुवैत और बहरीन पर खतरा
अंतरराष्ट्रीय मीडिया रिपोर्ट्स में दावा किया गया है कि ईरान जवाबी कार्रवाई की तैयारी कर सकता है।
कुवैत और बहरीन में मौजूद अमेरिकी सैन्य ठिकानों को संभावित निशाना माना जा रहा है।
हालांकि, अभी तक ईरान की ओर से कोई आधिकारिक घोषणा नहीं हुई है।
तेल बाजार पर असर
जंग के माहौल का असर तेल बाजार पर भी दिखाई दे रहा है।
हाल के दिनों में कच्चे तेल की कीमतों में तेज उछाल देखा गया। हालांकि गुरुवार को कुछ नरमी दर्ज की गई।
ब्रेंट क्रूड 90 डॉलर प्रति बैरल के करीब बना हुआ है। विशेषज्ञों का मानना है कि संघर्ष बढ़ने पर कीमतें और ऊपर जा सकती हैं।
क्या लंबी जंग की ओर बढ़ रहे हैं हालात?
विशेषज्ञों का मानना है कि मौजूदा हमले दबाव बनाने की रणनीति का हिस्सा हैं।
हालांकि, ईरान ने अपने सैन्य संसाधन कई हिस्सों में फैला रखे हैं। इसलिए सीमित हमलों से बड़ा असर पड़ना आसान नहीं होगा।
वहीं अगर जवाबी कार्रवाई जारी रही, तो संघर्ष लंबा खिंच सकता है।
फिलहाल दुनिया की नजर अमेरिका और ईरान के अगले कदम पर टिकी हुई है। आने वाले दिन मिडिल ईस्ट की दिशा तय कर सकते हैं।

