World Badminton Championship: दिल्ली में बंदर भगाने का अनोखा इंतजाम, लंगूर की आवाज निकालेंगे 3 एक्सपर्ट
17 अगस्त से दिल्ली में शुरू होगी BWF World Championship, स्टेडियम में बंदरों की एंट्री रोकने के लिए आयोजकों ने अपनाया अनोखा देसी तरीका
World Badminton Championship: दिल्ली में होने वाली बीडब्ल्यूएफ विश्व बैडमिंटन चैंपियनशिप को लेकर आयोजक तैयारियों में कोई कमी नहीं छोड़ना चाहते हैं। 17 साल बाद भारत में लौट रही इस प्रतिष्ठित विश्व चैंपियनशिप के दौरान खिलाड़ियों और दर्शकों को किसी तरह की परेशानी न हो, इसके लिए एक ऐसा इंतजाम किया गया है, जिसे सुनकर आपको हंसी भी आ सकती है और हैरानी भी होगी। दरअसल, स्टेडियम में बंदरों की घुसपैठ रोकने के लिए तीन ऐसे विशेषज्ञों को नियुक्त किया गया है, जो लंगूर की आवाज निकालने में माहिर हैं।
विश्व बैडमिंटन चैंपियनशिप का आयोजन 17 से 23 अगस्त तक दिल्ली के इंदिरा गांधी इंडोर स्टेडियम में होना है। राजधानी दिल्ली में बंदरों की मौजूदगी कोई नई बात नहीं है। खासकर मध्य दिल्ली और स्टेडियम के आसपास रीसस मकाक प्रजाति के बंदर अक्सर दिखाई देते हैं। ऐसे में आयोजकों के सामने यह चुनौती थी कि अंतरराष्ट्रीय स्तर के इस बड़े टूर्नामेंट के दौरान बंदरों को स्टेडियम और दर्शक दीर्घा से दूर कैसे रखा जाए।
इसी समस्या का देसी समाधान निकाला गया है। आयोजकों ने तीन प्रशिक्षित ‘मंकी व्हिस्परर्स’ को जिम्मेदारी दी है। ये विशेषज्ञ लंगूर जैसी आवाज निकालेंगे। माना जाता है कि रीसस मकाक बंदर लंगूर से डरते हैं, क्योंकि लंगूर उनसे आकार में बड़े होते हैं। इसी प्राकृतिक डर का फायदा उठाकर बंदरों को स्टेडियम से दूर रखने की कोशिश की जाएगी।
यह तरीका भले ही सुनने में असामान्य लगे, लेकिन इसके पीछे एक व्यावहारिक वजह है। वास्तविक लंगूरों का इस्तेमाल कर बंदरों को भगाने की व्यवस्था पहले की जाती रही है, लेकिन साल 2012 में ऐसे कामों के लिए वास्तविक लंगूरों के इस्तेमाल पर प्रतिबंध लगा दिया गया था। इसके बाद लंगूर की आवाज की नकल जैसे विकल्पों का इस्तेमाल किया जाने लगा।
इस अनोखे इंतजाम को लेकर भारतीय बैडमिंटन स्टार पीवी सिंधु ने भी प्रतिक्रिया दी है। दो बार की ओलंपिक पदक विजेता और पूर्व विश्व चैंपियनशिप पदक विजेता सिंधु ने सोशल मीडिया मंच एक्स पर कहा कि लोग इस उपाय पर हंस सकते हैं, लेकिन इसके पीछे की मेहनत की सराहना की जानी चाहिए। उन्होंने कहा कि भारत दुनिया का स्वागत करने के लिए तैयार हो सके, इसके लिए पर्दे के पीछे बहुत से लोग लगातार मेहनत कर रहे हैं। सिंधु ने यह भी कहा कि समाधान भले ही पूरी तरह भारतीय हों, लेकिन भारत की गर्मजोशी, जज्बा और मेहमाननवाजी भी उतनी ही खास है।
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दरअसल, आयोजकों की यह अतिरिक्त सावधानी जनवरी में हुए इंडिया ओपन के अनुभव के बाद सामने आई है। उस दौरान बंदर दर्शक दीर्घा तक पहुंच गए थे और कुछ समय के लिए मुकाबलों में व्यवधान भी पैदा हुआ था। बंदरों के स्टेडियम में पहुंचने की तस्वीरें अंतरराष्ट्रीय मीडिया में भी चर्चा का विषय बनी थीं। ऐसे में विश्व चैंपियनशिप जैसे बड़े आयोजन से पहले आयोजक किसी भी तरह की ऐसी स्थिति को दोहराना नहीं चाहते।
विश्व चैंपियनशिप की मेजबानी भारत के लिए इसलिए भी खास है, क्योंकि करीब 17 साल के लंबे अंतराल के बाद यह टूर्नामेंट देश में आयोजित हो रहा है। भारतीय बैडमिंटन संघ और भारतीय खेल प्राधिकरण ने इंदिरा गांधी इंडोर स्टेडियम में व्यापक तैयारियां की हैं। जनवरी के इंडिया ओपन में सामने आई व्यवस्थागत कमियों और अंतरराष्ट्रीय आलोचना को ध्यान में रखते हुए इस बार आयोजन स्थल की तैयारियों पर विशेष ध्यान दिया गया है।
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बंदरों को भगाने के लिए लंगूर की आवाज निकालने वाले विशेषज्ञों की नियुक्ति इसी तैयारी का हिस्सा है। यह तरीका भले ही मजेदार और थोड़ा फिल्मी लगे, लेकिन आयोजकों की सोच साफ है—विश्वस्तरीय टूर्नामेंट में छोटी से छोटी परेशानी भी मुकाबलों और खिलाड़ियों के प्रदर्शन पर असर न डाले। अब देखना दिलचस्प होगा कि ‘मंकी व्हिस्परर्स’ की लंगूर वाली आवाज स्टेडियम में आने वाले बंदरों पर कितनी प्रभावी साबित होती है।



