CJP Protest: सरकार से बातचीत पर CJP की दो टूक! कहा- ‘या तो जंतर-मंतर आएं, या हम बात नहीं करेंगे’

CJP Protest: दिल्ली के जंतर-मंतर पर जारी कॉकरोच जनता पार्टी (CJP) के आंदोलन के बीच सरकार और प्रदर्शनकारियों के बीच बातचीत को लेकर नया मोड़ आ गया है। CJP ने साफ कर दिया है कि अब वह सरकार के बुलावे पर कहीं नहीं जाएगी। यदि सरकार बातचीत चाहती है तो उसके प्रतिनिधियों को जंतर-मंतर आकर ही चर्चा करनी होगी।

यह बयान ऐसे समय आया है जब सोमवार को पहली बार सरकार और CJP के बीच औपचारिक बातचीत हुई थी।

पहली बैठक में क्या हुआ था?

20 जुलाई को संसद मार्च के दौरान केंद्रीय मंत्री जेपी नड्डा ने CJP के प्रतिनिधिमंडल से मुलाकात की थी। बैठक में सरकार की ओर से प्रदर्शनकारियों की मांगों पर आंतरिक चर्चा का भरोसा दिया गया था।

हालांकि CJP का आरोप है कि बातचीत की प्रक्रिया के दौरान उनके प्रतिनिधियों को कई घंटों तक इंतजार कराया गया और उन्हें स्वतंत्र रूप से आने-जाने की अनुमति भी नहीं दी गई।

CJP ने रखी नई शर्त

CJP के प्रवक्ताओं ने कहा कि अब आगे की बातचीत के लिए उनकी शर्त स्पष्ट है।

“अगर सरकार बातचीत करना चाहती है तो उसके मंत्री या प्रतिनिधि जंतर-मंतर आएं। हम अब कहीं और जाकर बातचीत नहीं करेंगे।”

पार्टी का कहना है कि आंदोलन स्थल ही संवाद का सही स्थान है क्योंकि हजारों छात्र और प्रदर्शनकारी वहीं मौजूद हैं।

क्या हैं CJP की प्रमुख मांगें?

CJP लगातार कई मांगों को लेकर आंदोलन कर रही है। इनमें प्रमुख रूप से—

  • सोनम वांगचुक को रिहा कर सामान्य उपचार की व्यवस्था।
  • NEET और अन्य परीक्षा मामलों में जवाबदेही तय करना।
  • केंद्रीय शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान के इस्तीफे की मांग।
  • परीक्षा से जुड़े कथित पीड़ित परिवारों को मुआवजा।
  • शिक्षा व्यवस्था में व्यापक सुधार और पारदर्शिता।

जंतर-मंतर पर जारी है आंदोलन

जंतर-मंतर पर CJP का प्रदर्शन लगातार जारी है। देश के विभिन्न राज्यों से छात्र और समर्थक आंदोलन में शामिल हो रहे हैं। कई विपक्षी नेताओं ने भी प्रदर्शन स्थल पर पहुंचकर आंदोलन को समर्थन दिया है।

दूसरी ओर, दिल्ली पुलिस ने संसद मार्च के दौरान हुई हिंसा के मामलों में कई एफआईआर दर्ज की हैं और सुरक्षा व्यवस्था कड़ी कर दी गई है।

सरकार का रुख

सरकार का कहना है कि वह संवाद के लिए तैयार है और आंदोलन से जुड़े मुद्दों पर विचार किया जा रहा है। हालांकि, CJP की नई शर्त पर अभी तक सरकार की ओर से कोई आधिकारिक प्रतिक्रिया सामने नहीं आई है।

Back to top button