‘गैंगस्टर’ के बोल्ड सीन देखकर परेशान हो गई थीं कंगना रनौत की मां, एक्ट्रेस ने सुनाया पुराना किस्सा
बॉलीवुड अभिनेत्री और सांसद कंगना रनौत ने अपने करियर के शुरुआती दिनों को याद करते हुए एक दिलचस्प खुलासा किया है। उन्होंने बताया कि उनकी डेब्यू फिल्म ‘गैंगस्टर’ देखने के बाद उनके माता-पिता की प्रतिक्रिया उम्मीद से बिल्कुल अलग थी। खासकर फिल्म में मौजूद बोल्ड सीन को लेकर उनकी मां काफी परेशान हो गई थीं।
‘गैंगस्टर’ देखने के बाद मां ने जताई चिंता
एक इंटरव्यू के दौरान कंगना ने बताया कि जब उनके माता-पिता ने ‘गैंगस्टर’ देखी तो उनकी मां का पूरा ध्यान फिल्म के बोल्ड दृश्यों पर चला गया।
कंगना के मुताबिक, जब उन्होंने अपनी मां से फिल्म के बारे में राय पूछी, तो मां ने कहा कि उन्हें इस बात की चिंता थी कि इतनी कम उम्र में उनकी बेटी ऐसे सीन कैसे कर सकती है।
एक्ट्रेस ने बताया कि उन्हें इस बात का दुख हुआ था कि उनकी मां ने फिल्म की कहानी, अभिनय या किरदार पर चर्चा करने के बजाय सिर्फ बोल्ड सीन पर ध्यान दिया।
पिता ने नहीं दी कोई खास प्रतिक्रिया
कंगना ने कहा कि उनके पिता की प्रतिक्रिया अपेक्षाकृत शांत थी। उन्होंने फिल्म देखने के बाद कोई विशेष टिप्पणी नहीं की।
हालांकि, परिवार के भीतर फिल्म इंडस्ट्री को लेकर पहले से ही कई तरह की आशंकाएं मौजूद थीं, जिसका असर उनकी सोच में साफ दिखाई देता था।
पारंपरिक परिवार से आती हैं कंगना
कंगना रनौत ने बताया कि उनका परिवार काफी पारंपरिक विचारधारा वाला रहा है।
उन्होंने कहा कि उनके दादा खादी बोर्ड में उच्च पद पर थे और परिवार में शिक्षा तथा सरकारी नौकरी को ज्यादा सम्मानजनक माना जाता था। ऐसे माहौल में फिल्म इंडस्ट्री को करियर के रूप में स्वीकार करना आसान नहीं था।
समाज और रिश्तेदारों की सोच भी बनी वजह
कंगना के अनुसार, उनके माता-पिता को इस बात की भी चिंता रहती थी कि समाज और रिश्तेदार उनकी फिल्मों को किस नजर से देखेंगे।
उस दौर में फिल्मों में काम करना कई परिवारों के लिए सहज बात नहीं थी। यही वजह थी कि उनके माता-पिता शुरू में उनके फिल्मी करियर को लेकर असहज महसूस करते थे।
अमिताभ बच्चन के पत्र ने बदली सोच
कंगना ने बताया कि ‘गैंगस्टर’ के बाद उन्होंने अपने माता-पिता से फिल्मों पर राय लेना लगभग बंद कर दिया था।
हालांकि, बाद में फिल्म ‘क्वीन’ में उनके अभिनय की सराहना करते हुए अमिताभ बच्चन ने उन्हें एक पत्र लिखा। इस घटना ने परिवार की सोच बदलने में अहम भूमिका निभाई।
कंगना के मुताबिक, तब उनके माता-पिता को समझ आया कि फिल्मों को एक कलाकार और आम दर्शक अलग-अलग नजरिए से देखते हैं।
नेशनल अवॉर्ड और पद्मश्री के बाद मिला सम्मान
कंगना ने कहा कि परिवार का नजरिया तब और बदला जब उन्हें नेशनल अवॉर्ड से सम्मानित किया गया।
राष्ट्रपति के हाथों सम्मान मिलने के बाद परिवार को उनकी उपलब्धियों पर गर्व महसूस हुआ। इसके बाद पद्मश्री मिलने से भी परिवार का विश्वास और मजबूत हुआ।
मजबूत महिला किरदार चुनने की मिली प्रेरणा
कंगना का मानना है कि परिवार की सख्त सोच और लगातार सवालों ने उन्हें अपने करियर में अलग रास्ता चुनने के लिए प्रेरित किया।
उन्होंने हमेशा ऐसे किरदारों को प्राथमिकता दी जो महिलाओं की मजबूत छवि पेश करते हों। कंगना का कहना है कि वह केवल ग्लैमर के लिए काम नहीं करना चाहती थीं, बल्कि एक गंभीर और प्रभावशाली अभिनेत्री के रूप में पहचान बनाना चाहती थीं।
निष्कर्ष
कंगना रनौत की यह कहानी दिखाती है कि कैसे पारिवारिक और सामाजिक चुनौतियों के बावजूद उन्होंने अपनी अलग पहचान बनाई। शुरुआती दौर में जहां उनके माता-पिता फिल्म इंडस्ट्री को लेकर चिंतित थे, वहीं आज उनकी उपलब्धियां परिवार के लिए गर्व का कारण बन चुकी हैं।



