Kejriwal Resignation: मैं जनता के बीच में जाऊंगा, गली-गली में जाऊंगा…..केजरीवाल के इस कथन ने विरोधी खेमे में भी मचा दी खलबली
Kejriwal Resignation: मैं जनता के बीच में जाऊंगा, गली-गली में जाऊंगा, घर-घर जाऊंगा और जब तक जनता अपना फ़ैसला न सुना दे कि केजरीवाल ईमानदार है तब तक मैं CM की कुर्सी पर नहीं बैठूंगा….केजरीवाल ने यह कह कर सिर्फ अपनी पार्टी में ही नहीं…..विरोधी खेमे में भी खलबली मचा दी है….दिल्ली की राजनीति अरविंद केजरीवाल के ही इर्द-गिर्द घूमती…ये फैक्ट किसी से छुपा नहीं है….. कांग्रेस-बीजेपी लाख कहे कि केजरीवाल उनके लिए मायने नहीं रखते…. मगर जेल जाने के बाद भी केजरीवाल का कद जनता के बीच कम नहीं हुआ…केजरीवाल जेल जाने के बाद वॉल बनके उभरे है… और इस दीवार को लांघना विरोधियो के लिए अब भी आसान नहीं है… फ़िलहाल उनके एक बयान ने दिल्ली की पॉलिटिक्स में हंगामा मचा दिया है कि वो इस्तीफा देने जा रहे है…. साथ ही उन्होंने… जनता से ईमानदारी का सर्टिफिकेट मिलने तक मुख्यमंत्री की कुर्सी पर नहीं बैठने का संकल्प लेते हुए दिल्ली में समय पूर्व चुनाव कराने की मांग की है… भाजपा ने आप सुप्रीमो के इस कदम को नाटक करार दिया और हैरानी जताते हुए पूछा कि क्या उन्होंने अपनी पार्टी में अंदरूनी कलह के कारण इस्तीफे की पेशकश की है…. गौरतलब है कि शराब नीति से जुड़े कथित भ्रष्टाचार के मामले में शुक्रवार को तिहाड़ जेल से जमानत पर रिहा हुए केजरीवाल ने कहा कि अगले कुछ दिन में वे पार्टी के विधायकों की बैठक करेंगे और उनकी पार्टी के एक सहकर्मी को सीएम चुना जाएगा…. केजरीवाल ने कहा कि वह मुख्यमंत्री और मनीष सिसोदिया उपमुख्यमंत्री तभी बनेंगे, ‘‘जब लोग कहेंगे कि हम ईमानदार हैं. सिसोदिया को पिछले महीने ही आबकारी नीति मामले में जमानत मिली थी. इस एलान के बाद दिल्ली सरकार में मंत्री आतिशी एवं गोपाल राय के नाम संभावित मुख्यमंत्री के रूप में चर्चा में हैं.दिल्ली विधानसभा का कार्यकाल अगले साल 23 फरवरी को समाप्त हो रहा है और चुनाव फरवरी की शुरुआत में होने की उम्मीद है.
जो भी सीएम फेस होगा, वो केजरीवाल का वफादार होगा, इसमें दोराय नहीं है. आतिशी एक प्रबल दावेदार है क्योंकि उन्होंने सरकार का काम अच्छे से किया है. लेकिन जैसा सरप्राइज केजरीवाल ने इस्तीफे़ से दिया, वैसा सरप्राइज़ अगर नए मुख्यमंत्री के तौर पर मिल जाए, तो इसकी भी संभावना कम नहीं है… सुनीता केजरीवाल की दावेदारी भी कमजोर नहीं है….मगर केजरीवाल पॉलिटिक्स में साम-दाम-दण्ड-भेद से खुद को बचाते रहे है…. ऐसे में सीएम की कुर्सी केजरीवाल विरासत में देंगे लगता तो नहीं…गोपाल राय भी एक प्रमुख दावेदार है…पार्टी के सक्रिय कार्यकर्ता के तौर पर गोपाल राय की बड़ी पहचान है…..
रविवार को एक प्रेस कॉन्फ्रेंस में बीजेपी प्रवक्ता सुधांशु त्रिवेदी ने 48 घंटे पहले इस्तीफ़े के एलान पर सवाल उठाए. उन्होंने कहा, ”जब केजरीवाल जी ने इस्तीफे़ की बात की तो हम ये कह सकते हैं कि उनके जुर्म का ये इकबालिया बयान हो गया. यानी, आपने मान लिया कि आप पर जो आरोप हैं वो इस लायक है कि आप इस पद पर नहीं रह सकते.”
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भले ही मौका मिलते ही बीजेपी केजरीवाल पर टूट पड़ती हो…मगर दिल्ली में बीजेपी का संगठन मजबूत नहीं है…. शीर्ष नेतृत्व के स्तर पर दिल्ली को लेकर बीजेपी के अंदर हमेशा असमंजस रहता है…. बीजेपी चाहती थी कि केजरीवाल मुख्यमंत्री बने रहें…..और उन पर कीचड़ उछलता रहे… . अब केजरीवाल ये कह सकते हैं कि…. कोर्ट ने उन्हें छोड़ दिया….और छूटते ही उन्होंने….मुख्यमंत्री पद छोड़ दिया…केजरवाल ये दावा कर सकते हैं कि उन्हें सत्ता का कोई लालच नहीं है…इस रणनीति का केजरीवाल पहले भी इस्तेमाल कर चुके है…लोकपाल के नाम पर उनका ये कदम काम भी कर गया था….दिल्ली की जनता ने उन्हें दोबारा जीता कर सीएम कुर्सी तक पहुंचा दिया था…ऐसे में केजरीवाल फिर कामयाब होंगे…..इस पर सवाल उठाना बनता तो नहीं है….



