Madhya Pradesh UCC Bill Passed: मध्य प्रदेश विधानसभा में UCC विधेयक पास, उत्तराखंड, गुजरात और असम के बाद चौथा राज्य बना एमपी

भारी हंगामे और विपक्ष के विरोध के बीच विधानसभा से पारित हुआ समान नागरिक संहिता विधेयक, सीएम मोहन यादव ने इसे ऐतिहासिक कदम बताया।

Madhya Pradesh UCC Bill Passed: मध्य प्रदेश विधानसभा ने मंगलवार को समान नागरिक संहिता (Uniform Civil Code-UCC) विधेयक को बहुमत से पारित कर दिया। इसके साथ ही मध्य प्रदेश, उत्तराखंड, गुजरात और असम के बाद UCC लागू करने की दिशा में कदम बढ़ाने वाला देश का चौथा राज्य बन गया है। विधेयक पर चर्चा के दौरान सदन में सत्ता पक्ष और विपक्ष के बीच तीखी नोकझोंक और जोरदार हंगामा भी देखने को मिला।

विपक्ष के विरोध के बीच पास हुआ विधेयक

विधानसभा में मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव जब UCC विधेयक पर अपना वक्तव्य दे रहे थे, तब कांग्रेस विधायकों ने लगातार विरोध जताया और सरकार के खिलाफ नारेबाजी की। विपक्ष ने इस मुद्दे पर सरकार को घेरने की कोशिश की, जबकि सत्ता पक्ष ने इसे महिलाओं के अधिकारों और समान न्याय की दिशा में बड़ा कदम बताया। अंततः बहुमत के आधार पर विधेयक सदन से पारित हो गया।

मुख्यमंत्री ने बताया ऐतिहासिक फैसला

मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने विधेयक को प्रदेश के लिए ऐतिहासिक बताते हुए कहा कि समान नागरिक संहिता का उद्देश्य सभी नागरिकों के लिए समान कानून सुनिश्चित करना है। उन्होंने विपक्ष पर तुष्टिकरण की राजनीति करने का आरोप लगाते हुए कहा कि महिलाओं के सम्मान और न्याय के लिए यह कानून आवश्यक है।

मुख्यमंत्री ने कहा कि प्रदेश में एक से अधिक विवाह पर कानूनी कार्रवाई का प्रावधान होगा और महिलाओं के अधिकारों की सुरक्षा सरकार की प्राथमिकता रहेगी। उन्होंने यह भी कहा कि समाज में सभी नागरिकों के लिए समान नियम लागू करना ही UCC का मूल उद्देश्य है।

लिव-इन रिलेशनशिप के लिए रजिस्ट्रेशन का प्रावधान

विधेयक में लिव-इन रिलेशनशिप के पंजीकरण को लेकर भी प्रावधान किया गया है। सरकार का कहना है कि इससे ऐसे संबंधों में रहने वाले लोगों के अधिकारों की सुरक्षा सुनिश्चित होगी और भविष्य में उत्पन्न होने वाले कानूनी विवादों को कम किया जा सकेगा।

इसके अलावा, विवाह और पारिवारिक कानूनों से जुड़े कई मामलों में समान कानूनी व्यवस्था लागू करने का प्रस्ताव भी इस विधेयक का हिस्सा है। सरकार का दावा है कि इससे महिलाओं और बच्चों के अधिकार अधिक मजबूत होंगे।

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UCC लागू करने वाला चौथा राज्य

मध्य प्रदेश के इस फैसले के बाद अब उत्तराखंड, गुजरात और असम के बाद यह चौथा राज्य बन गया है जिसने समान नागरिक संहिता को विधानसभा से मंजूरी दी है। केंद्र सरकार भी लंबे समय से UCC को लेकर अपनी प्रतिबद्धता जताती रही है और कई राज्यों ने इसे अपने स्तर पर लागू करने की दिशा में कदम बढ़ाए हैं।

हालांकि, विपक्षी दलों का कहना है कि इस तरह के कानून पर व्यापक चर्चा और सभी समुदायों से संवाद के बाद ही आगे बढ़ना चाहिए। वहीं सरकार का दावा है कि यह कानून संविधान में वर्णित समानता के सिद्धांत को मजबूत करेगा और सभी नागरिकों के लिए एक समान कानूनी व्यवस्था सुनिश्चित करेगा।

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