Delhi Building Collapse : सत्य निकेतन बिल्डिंग हादसे में 3 मौतें, MCD ऑफिस के बाहर ABVP का प्रदर्शन; बेसमेंट खुदाई के दौरान खिसका था पिलर
Delhi Building Collapse : दिल्ली के सत्य निकेतन में इमारत गिरने से 3 लोगों की मौत हो गई। 4 छात्र और 2 मजदूर घायल हैं। बेसमेंट में खुदाई के दौरान पिलर खिसकने की बात सामने आई है।

Delhi Building Collapse : दिल्ली के दक्षिणी इलाके सत्य निकेतन में रविवार को एक दर्दनाक हादसा हो गया। यहां एक इमारत अचानक भरभराकर गिर गई। हादसे में 3 लोगों की मौत हो गई, जबकि 6 लोग घायल हुए हैं। घायलों में 4 छात्र और 2 मजदूर शामिल हैं। हादसे के बाद दिल्ली पुलिस, दमकल विभाग, NDRF और प्रशासन की टीमें राहत एवं बचाव अभियान में जुट गईं। हादसे के बाद MCD ऑफिस के बाहर ABVP की ओर से प्रदर्शन भी किया गया।
दिल्ली पुलिस के मुताबिक, हादसे का शिकार हुई इमारत करीब 40 से 50 साल पुरानी थी। इमारत के बेसमेंट में मरम्मत और खुदाई का काम चल रहा था। दिल्ली की मुख्यमंत्री रेखा गुप्ता के मुताबिक, खुदाई के दौरान एक पिलर खिसक गया, जिसके बाद पूरी इमारत ढह गई।
बताया गया है कि इस इमारत का इस्तेमाल PG के तौर पर किया जा रहा था और यहां दिल्ली यूनिवर्सिटी के कई छात्र रह रहे थे।
3 की मौत, 6 घायल
मुख्यमंत्री रेखा गुप्ता के अनुसार, राहत-बचाव अभियान के दौरान कुल 11 लोगों को मलबे से बाहर निकाला गया, जबकि हादसे में 3 लोगों की मौत हुई।
मृतकों में एक की पहचान छात्र युवराज के रूप में हुई है। अन्य दो मृतकों की पहचान फिलहाल नहीं हो सकी है।
घायलों में छात्र अभिषेक, नीरज और आदित्य शामिल हैं। इनका इलाज एम्स ट्रॉमा सेंटर में चल रहा है और उनकी हालत स्थिर बताई गई है। एक अज्ञात छात्र का इलाज आरआर अस्पताल में जारी है।
हादसे में घायल मजदूरों की पहचान असगर अली और अयान के रूप में हुई है। असगर का इलाज AIIMS ट्रॉमा सेंटर और अयान का इलाज सफदरजंग अस्पताल में चल रहा है। दोनों की हालत भी स्थिर बताई गई है।
NDRF की 70 जवानों की टीम रेस्क्यू में जुटी
मलबे में फंसे लोगों को बाहर निकालने के लिए NDRF की टीम आधुनिक उपकरणों का इस्तेमाल कर रही है। NDRF के इंस्पेक्टर जनरल NS बुंदेला के मुताबिक, करीब 70 NDRF जवान मौके पर राहत और बचाव अभियान में लगे हुए हैं। डॉग स्क्वाड की मदद भी ली जा रही है।
रेस्क्यू ऑपरेशन में डायमंड चेन सॉ, हाइड्रोलिक जैक, कॉम्बी कटर, कटर और प्लाज्मा कटर जैसे उपकरणों का इस्तेमाल किया जा रहा है। मलबे में फंसे लोगों का पता लगाने के लिए लाइफ डिटेक्टर और खोजी कुत्तों की भी मदद ली जा रही है।
CM रेखा गुप्ता ने घायलों से की मुलाकात
मुख्यमंत्री रेखा गुप्ता घटनास्थल पर पहुंचीं और राहत-बचाव अभियान का जायजा लिया। इसके बाद उन्होंने AIIMS पहुंचकर घायलों से मुलाकात की।
मुख्यमंत्री ने कहा कि हादसे के लिए जो भी जिम्मेदार पाया जाएगा, उसके खिलाफ सख्त कार्रवाई की जाएगी। उन्होंने कहा कि सरकार की प्राथमिकता मलबे में फंसे लोगों को सुरक्षित बाहर निकालना है।
PM मोदी ने जताया दुख
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने भी सत्य निकेतन हादसे पर दुख जताया है। उन्होंने हादसे में जान गंवाने वाले लोगों के परिवारों के प्रति संवेदना व्यक्त की और घायलों के जल्द स्वस्थ होने की कामना की।
राहुल गांधी ने भी जताई चिंता
कांग्रेस नेता राहुल गांधी ने हादसे पर चिंता जताते हुए NDRF, दिल्ली फायर सर्विस और अन्य बचाव दलों से घायलों को सुरक्षित बाहर निकालने की अपील की। उन्होंने कहा कि कांग्रेस और NSUI के कार्यकर्ता मौके पर मौजूद हैं और हर संभव मदद के लिए तैयार हैं।
PG में रहते हैं बड़ी संख्या में छात्र
सत्य निकेतन के आसपास रहने वाले छात्रों के मुताबिक, इलाके के कई PG में एक कमरे में कई छात्र रहते हैं। छात्रों के अनुसार, एक मंजिल पर करीब चार कमरे और लगभग 10 बेड तक होते हैं।
दिल्ली विश्वविद्यालय ने भी सत्य निकेतन हादसे पर दुख जताया है और घायलों के जल्द स्वस्थ होने की कामना की है। फिलहाल प्रशासन और बचाव एजेंसियां घटनास्थल पर राहत एवं बचाव अभियान में जुटी हुई हैं।



