SIR के खिलाफ INDIA गठबंधन का सुप्रीम कोर्ट तक मार्च, CJI से मिलने की मांग; अखिलेश यादव भी होंगे शामिल

SIR और मुख्य निर्वाचन आयुक्त ज्ञानेश कुमार के खिलाफ INDIA गठबंधन सोमवार को सुप्रीम कोर्ट तक मार्च निकालेगा। अखिलेश यादव भी शामिल होंगे, CJI को ज्ञापन सौंपने की तैयारी।

INDIA गठबंधन मार्च, अखिलेश यादव, राहुल गांधी, ज्ञानेश कुमार, मुख्य निर्वाचन आयुक्त, सुप्रीम कोर्ट मार्च, CJI सूर्यकांत, SIR विवाद, वोट चोरी का आरोप, विपक्ष का प्रदर्शन

नई दिल्ली। मुख्य निर्वाचन आयुक्त ज्ञानेश कुमार और मतदाता सूची के विशेष गहन पुनरीक्षण (SIR) के खिलाफ विपक्षी दलों का विरोध प्रदर्शन सोमवार को एक नए चरण में पहुंचेगा। INDIA गठबंधन के नेता दिल्ली के इंडिया गेट से सुप्रीम कोर्ट तक मार्च निकालेंगे और भारत के प्रधान न्यायाधीश (CJI) जस्टिस सूर्यकांत से मुलाकात का समय मांगेंगे। विपक्षी नेताओं का कहना है कि वे चुनाव प्रक्रिया से जुड़े मुद्दों पर ज्ञापन सौंपकर न्यायालय से हस्तक्षेप की मांग करेंगे।

समाजवादी पार्टी के अध्यक्ष अखिलेश यादव भी इस मार्च में शामिल होंगे। इससे पहले वह विपक्ष के पिछले दो मार्च में शामिल नहीं हुए थे। कांग्रेस महासचिव केसी वेणुगोपाल ने लोकतंत्र और संविधान में विश्वास रखने वाले लोगों से प्रदर्शन में भाग लेने की अपील की है।

राहुल गांधी बोले- ‘डरो मत, कल पूरा देश सुप्रीम कोर्ट तक मार्च करेगा’

कांग्रेस नेता राहुल गांधी ने सोशल मीडिया मंच एक्स पर पोस्ट कर कहा कि विपक्षी दल पार्टी, जाति, धर्म, समुदाय और राज्य की सीमाओं से ऊपर उठकर मार्च करेंगे। उन्होंने युवाओं, विपक्षी दलों, नागरिक समाज संगठनों और संविधान में विश्वास रखने वाले लोगों से इसमें शामिल होने की अपील की।

राहुल गांधी ने कहा कि विपक्ष का उद्देश्य कथित ‘वोट चोरी’ के खिलाफ आवाज उठाना, SIR की प्रक्रिया रोकने और मुख्य निर्वाचन आयुक्त ज्ञानेश कुमार के इस्तीफे की मांग को आगे बढ़ाना है। उन्होंने अपने संदेश में ‘डरो मत’ का नारा भी दिया।

CJI को ज्ञापन सौंपने की तैयारी

कांग्रेस महासचिव केसी वेणुगोपाल के मुताबिक, INDIA गठबंधन के सांसद, नेता, कार्यकर्ता और अन्य नागरिक विरोध मार्च में शामिल होंगे। विपक्ष के वरिष्ठ नेताओं का एक प्रतिनिधिमंडल प्रधान न्यायाधीश को ज्ञापन सौंपने का प्रयास करेगा।

विपक्ष का आरोप है कि देशभर में मतदाता सूची के विशेष गहन पुनरीक्षण की प्रक्रिया को लेकर गंभीर सवाल हैं। इसी मुद्दे पर मुख्य निर्वाचन आयुक्त के खिलाफ भी विरोध प्रदर्शन किया जा रहा है। हालांकि, ये विपक्षी दलों के आरोप और मांगें हैं।

दिल्ली में प्रदर्शन और सुरक्षा व्यवस्था को लेकर तनाव

इससे पहले दिल्ली में विरोध प्रदर्शनों के दौरान सुरक्षा व्यवस्था कड़ी किए जाने और प्रदर्शनकारियों को रोके जाने को लेकर राजनीतिक विवाद हुआ था। राहुल गांधी ने आरोप लगाया कि शनिवार को शांतिपूर्ण प्रदर्शन कर रहे युवाओं के साथ पुलिस और भाजपा समर्थकों ने मारपीट की। उन्होंने कहा कि इस तरह की कार्रवाई देश के लोकतांत्रिक मूल्यों के अनुरूप नहीं है।

विपक्षी दलों ने सोमवार के मार्च को चुनाव प्रक्रिया की निष्पक्षता और लोकतांत्रिक अधिकारों से जुड़े सवालों को उठाने का माध्यम बताया है। अब सबकी नजर इस बात पर रहेगी कि विपक्षी प्रतिनिधिमंडल की प्रधान न्यायाधीश से मुलाकात हो पाती है या नहीं और उसकी मांगों पर आगे क्या कार्रवाई होती है।

Related Articles

Back to top button