International News: पुतिन-शी मुलाकात से दुनिया को बड़ा संदेश! चीन ने अमेरिका पर साधा निशाना, ईरान युद्ध रोकने की अपील
बीजिंग में पुतिन का भव्य स्वागत, शी जिनपिंग बोले- “युद्ध तुरंत रुकना चाहिए
International News: वैश्विक तनाव और पश्चिम एशिया में बढ़ते युद्ध जैसे हालात के बीच चीन और रूस एक बार फिर दुनिया के सामने एकजुट दिखाई दिए। चीन के राष्ट्रपति शी जिनपिंग ने बुधवार को बीजिंग में रूस के राष्ट्रपति व्लादिमीर पुतिन का बेहद भव्य स्वागत किया। दोनों नेताओं की इस मुलाकात को केवल द्विपक्षीय बैठक नहीं, बल्कि अमेरिका को दिया गया बड़ा रणनीतिक संदेश माना जा रहा है।
बैठक के दौरान शी जिनपिंग ने अंतरराष्ट्रीय हालात पर चिंता जताते हुए परोक्ष रूप से अमेरिका की नीतियों पर निशाना साधा। उन्होंने कहा कि दुनिया “उथल-पुथल और बदलाव” के दौर से गुजर रही है और “एकतरफा वर्चस्ववादी प्रवृत्तियां” लगातार बढ़ रही हैं। राजनीतिक विश्लेषकों का मानना है कि यह टिप्पणी सीधे तौर पर अमेरिकी विदेश नीति और वैश्विक दबदबे की ओर इशारा थी।
ईरान युद्ध पर चीन का बड़ा बयान
चीनी राष्ट्रपति ने ईरान को लेकर भी अहम टिप्पणी की। ईरान और अमेरिका-इजरायल तनाव के बीच शी जिनपिंग ने कहा कि युद्ध का “जल्द अंत” होना बेहद जरूरी है, क्योंकि इससे वैश्विक ऊर्जा सप्लाई, व्यापार और सप्लाई चेन पर गंभीर असर पड़ रहा है।
उन्होंने साफ कहा—
“युद्ध को पूरी तरह रोकना जरूरी है। इसमें कोई देरी नहीं होनी चाहिए। बातचीत जारी रखना सबसे महत्वपूर्ण है।”
चीन का यह बयान ऐसे समय आया है जब पश्चिम एशिया में तनाव लगातार बढ़ रहा है और अमेरिका-इजरायल की सैन्य गतिविधियों को लेकर दुनिया भर में चिंता बनी हुई है।
रूस-चीन रिश्तों को बताया “स्थिरता की ताकत”
बैठक में व्लादिमीर पुतिन ने भी चीन-रूस संबंधों को “अभूतपूर्व ऊंचाई” पर बताया। उन्होंने कहा कि दोनों देश अंतरराष्ट्रीय मंच पर “स्थिरता लाने वाले प्रमुख कारक” बन चुके हैं।
पुतिन ने शी जिनपिंग के साथ अपने निजी संबंधों का भी जिक्र किया और कहा कि दोनों नेता 40 से ज्यादा बार मुलाकात कर चुके हैं। उन्होंने एक चीनी कहावत का इस्तेमाल करते हुए कहा—
“एक दिन की दूरी भी तीन पतझड़ों जितनी लंबी लगती है।”
ट्रंप के बाद पुतिन की एंट्री, चीन का शक्ति प्रदर्शन
इस मुलाकात की टाइमिंग भी बेहद अहम मानी जा रही है। कुछ ही दिनों पहले चीन ने अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप की मेजबानी की थी और अब पुतिन के स्वागत में भी वही भव्यता दिखाई गई।
बीजिंग के ‘ग्रेट हॉल ऑफ द पीपल’ के बाहर सैन्य सम्मान, बंदूकों की सलामी और दोनों देशों के झंडों के बीच हुई यह मुलाकात दुनिया को यह संदेश देती नजर आई कि रूस और चीन अब खुलकर रणनीतिक साझेदारी को मजबूत कर रहे हैं।
क्यों अहम है यह मुलाकात?
विशेषज्ञ मानते हैं कि यूक्रेन युद्ध, ईरान संकट और अमेरिका-चीन तनाव के बीच रूस और चीन का करीब आना वैश्विक राजनीति को नया मोड़ दे सकता है। दोनों देश लंबे समय से पश्चिमी देशों के प्रभाव वाली विश्व व्यवस्था का विरोध करते रहे हैं और अब उनका गठबंधन और मजबूत होता दिख रहा है।
Written By: Ekta Verma



