Politics : दिल्ली में पेलेट गन मामले पर सियासी घमासान, राहुल गांधी के धरने के बाद 31 दिन बाद FIR दर्ज
Politics : राहुल गांधी और कांग्रेस नेताओं के धरने के बाद दिल्ली पुलिस ने पेलेट गन मामले में 31 दिन बाद FIR दर्ज की। जानिए पूरा मामला, पुलिस की कार्रवाई और कांग्रेस की मांग।
Politics : कांग्रेस नेता राहुल गांधी और पार्टी नेताओं के धरने के बाद दिल्ली पुलिस ने पेलेट गन मामले में FIR दर्ज कर ली है। यह मामला 20 जुलाई को जंतर-मंतर पर NEET परीक्षा में कथित गड़बड़ी के खिलाफ हुए प्रदर्शन के दौरान लोचब को पेलेट लगने से जुड़ा है। घटना के करीब 31 दिन बाद FIR दर्ज होने के बाद कांग्रेस ने इसे न्याय की दिशा में पहला कदम बताया है।
राहुल गांधी गुरुवार को पीड़ित लोचब के साथ दिल्ली के पार्लियामेंट स्ट्रीट थाने पहुंचे थे। उन्होंने पुलिस से FIR दर्ज करने और जांच अधिकारी का नाम बताने की मांग की। शिकायत पर कार्रवाई नहीं होने के बाद राहुल गांधी, प्रियंका गांधी वाड्रा, जयराम रमेश समेत कांग्रेस के कई नेता थाने में धरने पर बैठ गए।
FIR दर्ज होने तक धरने पर डटे रहे राहुल गांधी
राहुल गांधी ने स्पष्ट किया था कि FIR दर्ज होने तक वह थाने से नहीं हटेंगे। कांग्रेस नेताओं और पुलिस अधिकारियों के बीच इस दौरान तीखी बहस भी हुई। करीब सात घंटे तक चले धरने के बाद दिल्ली पुलिस ने शिकायत के आधार पर FIR दर्ज की, जिसके बाद राहुल गांधी ने धरना समाप्त किया।
पुलिस ने भारतीय न्याय संहिता (BNS) की धारा 118 और 125 के तहत मामला दर्ज किया है। धारा 118 खतरनाक हथियार या साधन से जानबूझकर चोट पहुंचाने अथवा गंभीर चोट पहुंचाने से संबंधित है, जबकि धारा 125 दूसरों की जान या व्यक्तिगत सुरक्षा को खतरे में डालने से जुड़ी है।
लोचब ने पेलेट लगने का लगाया था आरोप
कांग्रेस के मुताबिक, 20 जुलाई को जंतर-मंतर पर हुए प्रदर्शन के दौरान लोचब की आंख और पेट में पेलेट लगी थी। इसके बाद उन्हें AIIMS ट्रॉमा सेंटर में इलाज के लिए भर्ती कराया गया, जहां उनकी सर्जरी हुई।
राहुल गांधी ने मेडिकल रिकॉर्ड का हवाला देते हुए दिल्ली पुलिस के उस दावे पर सवाल उठाया कि प्रदर्शन के दौरान पुलिस ने पेलेट गन का इस्तेमाल नहीं किया था। राहुल गांधी के मुताबिक, मेडिकल रिपोर्ट में आंख में तीन पेलेट मिलने की बात सामने आई है।
पहले भी पुलिस को दी गई थी शिकायत
जानकारी के मुताबिक, लोचब ने 14 अगस्त को अपने वकीलों के साथ पुलिस को लिखित शिकायत दी थी। आरोप है कि शिकायत के बावजूद FIR दर्ज नहीं की गई। इसके बाद 17 अगस्त को ईमेल और फोन के जरिए भी मामले को आगे बढ़ाने की कोशिश की गई, लेकिन कोई कार्रवाई नहीं हुई।
इसके बाद राहुल गांधी पीड़ित के साथ पुलिस स्टेशन पहुंचे और FIR दर्ज करने की मांग को लेकर धरने पर बैठ गए। कांग्रेस ने पुलिस पर मामले में कार्रवाई में देरी का आरोप लगाया है।
पुलिस अधिकारियों पर कार्रवाई की मांग
कांग्रेस नेताओं ने पेलेट गन के इस्तेमाल और घटना के लिए जिम्मेदार पुलिस अधिकारियों के खिलाफ भी कार्रवाई की मांग की है। राहुल गांधी का कहना था कि उनकी मांग केवल FIR दर्ज कर निष्पक्ष जांच शुरू करने की है।
FIR दर्ज होने के बाद अब जांच में यह स्पष्ट होना बाकी है कि प्रदर्शन के दौरान पेलेट किस हथियार से चली और इसके लिए कौन जिम्मेदार था। मामले की जांच के दौरान मेडिकल रिपोर्ट और घटना से जुड़े अन्य साक्ष्यों को भी महत्वपूर्ण माना जा रहा है।



