Ayodhya News : राम मंदिर ट्रस्ट में फिर बदले फैसले, पुराने कर्मचारियों की होने लगी वापसी; नोटिस भी निष्प्रभावी
Ram Mandir Trust: राम मंदिर ट्रस्ट में नए महासचिव गोविंद देव गिरि के आने के बाद पूर्व फैसलों में बदलाव शुरू हुए हैं। कुछ पुराने कर्मचारियों की बहाली और नोटिस वापस लेने की प्रक्रिया चर्चा में है।

Ayodhya News : राम मंदिर में चढ़ावे से जुड़े कथित चोरी के मामलों के बाद श्री राम जन्मभूमि तीर्थ क्षेत्र ट्रस्ट में किए गए प्रशासनिक बदलाव अब एक नई दिशा में जाते दिखाई दे रहे हैं। ट्रस्ट के नए पूर्णकालिक महासचिव स्वामी गोविंद देव गिरि के कार्यभार संभालने के बाद पूर्व अंतरिम महासचिव कृष्ण मोहन के कार्यकाल में लिए गए कुछ फैसलों में बदलाव किए जा रहे हैं।
इन बदलावों के तहत कुछ ऐसे कर्मचारियों की दोबारा नियुक्ति की जा रही है, जिन्हें शिकायतों के बाद जिम्मेदारियों से हटाया गया था। वहीं, कई कर्मचारियों को जारी किए गए कारण बताओ नोटिस को वापस लेने या निष्प्रभावी करने के निर्देश भी दिए गए हैं।
पुराने कर्मचारियों की फिर हो रही वापसी
ट्रस्ट से जुड़े सूत्रों के मुताबिक, शिकायतों के बाद हटाए गए कुछ कर्मचारियों को उनके पुराने पदों या जिम्मेदारियों पर वापस नियुक्त किया जा रहा है। इनमें केडी तिवारी, बजरंग पाठक और संदीप गुप्ता के नाम सामने आए हैं।
नए महासचिव के आने के बाद ट्रस्ट की प्रशासनिक व्यवस्था में किए गए पहले के कुछ बदलावों की समीक्षा शुरू हुई है। इसके तहत कर्मचारियों के दायित्व और पटल परिवर्तन से जुड़े आदेशों में भी बदलाव किया जा रहा है।
शिकायतों के बाद कृष्ण मोहन ने किए थे कई बदलाव
राम मंदिर में चढ़ावे से जुड़े मामले सामने आने के बाद ट्रस्ट की कार्यप्रणाली में बदलाव किए गए थे। इसके बाद कृष्ण मोहन को अंतरिम महासचिव की जिम्मेदारी दी गई थी।
अपने कार्यकाल के दौरान कृष्ण मोहन ने कर्मचारियों के खिलाफ मिली शिकायतों के आधार पर कई प्रशासनिक कदम उठाए। कुछ कर्मचारियों को उनके पदों से हटाया गया, कई को कारण बताओ नोटिस जारी किए गए और कुछ के पटल बदल दिए गए।
अब नए महासचिव गोविंद देव गिरि के आने के बाद इन फैसलों की समीक्षा की जा रही है।
2 सितंबर की बैठक के बाद गोविंद देव को मिली जिम्मेदारी
ट्रस्ट की 2 सितंबर को हुई बैठक के बाद स्वामी गोविंद देव गिरि को पूर्णकालिक महासचिव की जिम्मेदारी सौंपी गई। इसके बाद उन्होंने पूर्व में लिए गए कुछ प्रशासनिक फैसलों में बदलाव शुरू किया।
इसी क्रम में गोपाल राव के करीबी माने जाने वाले सोमेश अलंदी को तीर्थ क्षेत्र पुरम से वापस राम मंदिर में तैनात करने का आदेश दिए जाने की बात सामने आई है।
केडी तिवारी और बजरंग पाठक की बहाली
कृष्ण मोहन के कार्यकाल में कई कर्मचारियों को जारी किए गए कारण बताओ नोटिस को वापस लेने अथवा निष्प्रभावी करने का निर्देश दिया गया है। इसके अलावा कुछ कर्मचारियों को उनकी पुरानी जिम्मेदारियों के साथ बहाल किया गया है।
इनमें केडी तिवारी और बजरंग पाठक की बहाली चर्चा में है। ट्रस्ट से जुड़े प्रशासनिक फैसलों में हुए इन बदलावों को पुराने और नए प्रबंधन के बीच कार्यप्रणाली में अंतर के तौर पर देखा जा रहा है।
विदेशी महिला की शिकायत के बाद हटाए गए थे संदीप गुप्ता
संदीप गुप्ता को तीर्थ यात्री सेवा केंद्र में लॉकर व्यवस्था की जिम्मेदारी दी गई थी। एक विदेशी महिला की ओर से लॉकर में सामान रखने को लेकर हुए विवाद के बाद ट्रस्ट में शिकायत की गई थी।
शिकायत के आधार पर तत्कालीन अंतरिम महासचिव कृष्ण मोहन ने संदीप गुप्ता से जवाब मांगा था। जवाब से संतुष्ट नहीं होने की स्थिति में उन्हें जिम्मेदारी से हटा दिया गया था।
बाद में उनके परिवार की आर्थिक स्थिति और शहीद कारसेवक के परिजन होने को ध्यान में रखते हुए उन्हें दोबारा राम मंदिर में काम देने की सिफारिश की गई। नए महासचिव गोविंद देव गिरि के कार्यभार संभालने के बाद संदीप गुप्ता को फिर से बहाल कर पुरानी जगह नियुक्त किए जाने की जानकारी सामने आई है।
कारण बताओ नोटिस और पटल परिवर्तन के आदेश में भी बदलाव
ट्रस्ट के स्तर पर दर्जनों कर्मचारियों को जारी किए गए कारण बताओ नोटिस को वापस लेने या उन्हें निष्प्रभावी करने की प्रक्रिया शुरू की गई है। इसके साथ ही कर्मचारियों के पटल परिवर्तन और दायित्व बदलने से जुड़े कुछ पुराने आदेशों की भी समीक्षा की जा रही है।
इन बदलावों में केडी तिवारी को पुरानी जिम्मेदारी सौंपना भी महत्वपूर्ण माना जा रहा है। ट्रस्ट की ओर से प्रशासनिक व्यवस्था में किए जा रहे इन बदलावों का उद्देश्य क्या है, इसे लेकर आधिकारिक तौर पर विस्तृत जानकारी सामने आना बाकी है।
राम मंदिर ट्रस्ट में हालिया प्रशासनिक फैसलों से संकेत मिलता है कि नए महासचिव के नेतृत्व में कर्मचारियों और व्यवस्थाओं से जुड़े पूर्व निर्णयों की व्यापक समीक्षा की जा रही है।



