Sonbhadra News: खनन पट्टे में फर्जीवाड़े के आरोपी पूर्व सपा नेता इश्तियाक खान मुंबई से गिरफ्तार
Sonbhadra News: Former SP leader Ishtiyaq Khan, accused of fraud involving a mining lease, arrested in Mumbai.
Sonbhadra News:बिल्ली मारकुंडी खनन पट्टे से जुड़े धोखाधड़ी के मामले में वांछित पूर्व सपा नेता और खनन कारोबारी इश्तियाक खान को सोनभद्र पुलिस ने मुंबई से गिरफ्तार किया है। पुलिस ने आवश्यक कानूनी प्रक्रिया पूरी करने के बाद आरोपी को न्यायालय में पेश किया, जहां से उसे 14 दिन की न्यायिक अभिरक्षा में जिला कारागार भेज दिया गया।
मुंबई में घेराबंदी कर हुई गिरफ्तारी
पुलिस के अनुसार, पुलिस अधीक्षक सोनभद्र अभिषेक वर्मा के निर्देशन, अपर पुलिस अधीक्षक मुख्यालय अनिल कुमार के मार्गदर्शन और क्षेत्राधिकारी ओबरा प्रभात राय के पर्यवेक्षण में ओबरा पुलिस, एसओजी और सर्विलांस की संयुक्त टीम ने कार्रवाई की।
प्रभारी निरीक्षक सर्विलांस/एसओजी नागेश कुमार सिंह, उप निरीक्षक अमित कुमार सिंह और कांस्टेबल सत्यम पांडेय की टीम ने मुखबिर की सूचना पर 9 सितंबर को दोपहर करीब 3:15 बजे मुंबई के चूनाभट्टी थाना क्षेत्र स्थित प्रियदर्शनी बस स्टॉप के पास घेराबंदी कर इश्तियाक खान को गिरफ्तार किया।
पुलिस के मुताबिक गिरफ्तार आरोपी इश्तियाक खान पुत्र सुल्तान खान, निवासी GF-5 सिग्नेचर स्क्वायर, शिवनगर कॉलोनी, ओबरा, उम्र करीब 50 वर्ष है।
पत्नी के नाम स्वीकृत था खनन पट्टा
मामले में वादी सुधीर कुमार श्रीवास्तव ने ओबरा थाने में तहरीर दी थी। आरोप है कि उनकी पत्नी रिंकी श्रीवास्तव के नाम ग्राम बिल्ली मारकुंडी में गिट्टी/बोल्डर (डोलोस्टोन) का 10 वर्षीय खनन पट्टा स्वीकृत है, जिसकी अवधि 7 अक्टूबर 2023 से 6 अक्टूबर 2033 तक बताई गई है।
तहरीर के मुताबिक पट्टे से संबंधित विभागीय कार्यों की जिम्मेदारी इश्तियाक खान को दी गई थी।
फर्जी हस्ताक्षर और दस्तावेज इस्तेमाल करने का आरोप
शिकायत में आरोप लगाया गया कि इश्तियाक खान ने मेसर्स राधिका इंडस्ट्रीज के नाम से काम संचालित करते हुए सरकारी विभागों और बैंकों में रिंकी श्रीवास्तव के कथित फर्जी हस्ताक्षर, कूटरचित शपथ पत्र और आवेदन का इस्तेमाल किया।
इसके अलावा मोबाइल नंबर और ओटीपी के कथित दुरुपयोग, हिसाब-किताब में हेराफेरी और धन के गबन के आरोप भी लगाए गए हैं। शिकायतकर्ता का आरोप है कि विरोध करने पर गाली-गलौज और धमकी भी दी गई।
इस मामले में ओबरा थाने में मुकदमा अपराध संख्या 153/2025 के तहत बीएनएस की विभिन्न धाराओं में केस दर्ज किया गया था।
कोर्ट ने 14 दिन की न्यायिक अभिरक्षा में भेजा
पुलिस ने गिरफ्तारी के बाद आरोपी को सोनभद्र न्यायालय में पेश किया। सिविल जज सीनियर डिवीजन (एफटीसी) की अदालत में दोनों पक्षों की दलीलें सुनी गईं। इसके बाद अदालत ने रिमांड प्रार्थना पत्र स्वीकार करते हुए आरोपी को 14 दिन की न्यायिक अभिरक्षा में जिला कारागार भेजने का आदेश दिया।
अदालत में बताया गया कि मामले की विवेचना अभी जारी है।
पहले भेजी गई थी क्लोजर रिपोर्ट
अधिवक्ता विकास शाक्य के अनुसार, इस मामले में पुलिस की ओर से पहले क्लोजर रिपोर्ट भेजी गई थी, जिसे न्यायालय ने स्वीकार नहीं किया और पुनः विवेचना के आदेश दिए थे। मामला उच्च न्यायालय तक भी पहुंचा, जहां से मॉनिटरिंग के निर्देश दिए गए।
वहीं अधिवक्ता संजीत चौबे ने कहा कि विवेचना के दौरान साक्ष्य सामने आने के बाद पुलिस ने आरोपी की गिरफ्तारी की है।
पुलिस के अनुसार, मामले में आगे भी जांच जारी है और विवेचना के दौरान सामने आने वाले तथ्यों एवं साक्ष्यों के आधार पर आवश्यक कानूनी कार्रवाई की जाएगी।
रिपोर्ट: अमित मिश्रा, सोनभद्र



