UCC: UCC पर NDA में अलग-अलग राय, अमित शाह के ऐलान के बाद सहयोगी दलों के रुख आए सामने
UCC: अमित शाह के बयान के बाद NDA में UCC पर बहस तेज, कुछ दलों ने समर्थन किया तो कुछ ने शर्तों के साथ अपनी राय रखी।
UCC: यूनिफॉर्म सिविल कोड (UCC) को लेकर केंद्र सरकार की पहल के बाद राष्ट्रीय जनतांत्रिक गठबंधन (NDA) के भीतर नई राजनीतिक चर्चा शुरू हो गई है। केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह ने हाल ही में कहा कि 2029 के लोकसभा चुनाव से पहले NDA शासित सभी राज्यों में UCC लागू करने की दिशा में काम किया जाएगा। इस बयान के बाद सहयोगी दलों की प्रतिक्रियाएं सामने आने लगी हैं।
TDP और शिवसेना ने दिया समर्थन
आंध्र प्रदेश की सत्तारूढ़ पार्टी TDP ने UCC के विचार का समर्थन किया है। पार्टी नेताओं का कहना है कि समान नागरिक कानून देश में एकरूपता और समान अधिकारों की दिशा में महत्वपूर्ण कदम हो सकता है। वहीं शिवसेना ने भी इसे अपनी पुरानी वैचारिक सोच के अनुरूप बताते हुए सरकार के प्रयासों का समर्थन किया है।
हिंदुस्तानी आवाम मोर्चा (HAM) ने भी अमित शाह के बयान का स्वागत करते हुए UCC के पक्ष में अपना रुख स्पष्ट किया है।
बिहार में JD(U) ने जताई अलग राय
NDA की प्रमुख सहयोगी जनता दल (यूनाइटेड) ने इस मुद्दे पर अलग रुख अपनाया है। पार्टी नेताओं का कहना है कि राष्ट्रीय स्तर पर चर्चा हो सकती है, लेकिन बिहार में UCC लागू करने के सवाल पर व्यापक सहमति जरूरी है। JD(U) ने संकेत दिए हैं कि इस विषय पर बीजेपी नेतृत्व से बातचीत की जाएगी।
LJP ने रखा संतुलित रुख
लोक जनशक्ति पार्टी (रामविलास) ने फिलहाल अंतिम फैसला सुरक्षित रखा है। पार्टी का कहना है कि UCC का मसौदा सामने आने के बाद उसके प्रावधानों और प्रभावों का अध्ययन किया जाएगा, तभी कोई स्पष्ट राय दी जाएगी।
बंगाल में भी बढ़ सकती है राजनीतिक हलचल
पश्चिम बंगाल में बीजेपी ने संकेत दिए हैं कि राज्य में UCC लागू करने की दिशा में आगे बढ़ा जा सकता है। पार्टी नेताओं का दावा है कि राज्य में इस विषय को लेकर सकारात्मक माहौल बन रहा है। हालांकि कुछ सहयोगी दलों ने अभी इस पर अंतिम निर्णय नहीं लिया है।
सरकार के लिए क्यों अहम है सहयोगियों का समर्थन?
लोकसभा और राज्यसभा में NDA के कई सहयोगी दलों की महत्वपूर्ण भूमिका है। ऐसे में UCC जैसे संवेदनशील और व्यापक प्रभाव वाले मुद्दे पर सहयोगी दलों का समर्थन सरकार की रणनीति के लिए काफी महत्वपूर्ण माना जा रहा है।
फिलहाल UCC को लेकर NDA के भीतर एकमत स्थिति नहीं दिख रही है। कुछ दल खुलकर समर्थन कर रहे हैं, जबकि कुछ पार्टियां विस्तृत प्रस्ताव और व्यापक चर्चा के बाद ही अंतिम फैसला लेने की बात कह रही हैं।



