adevertisment Adevertiisment banner

यूपी: विधानसभा उपाध्यक्ष का चुनाव आज, 2007 से अब तक खाली थी यह कुर्सी

लखनऊ। विधानसभा में उपाध्यक्ष की कुर्सी बीते 14 साल से इस बात का इंतजार कर रही है कि उसे कोई सुशोभित करे। क्योंकि 14 साल तक प्रदेश की तीन सरकारों ने इस खाली पद को भरने की कोई चेष्टा नहीं की। बसपा और सपा का पूरा कार्यकाल बीत गया तो भाजपा सरकार को भी कार्यकाल के अंतिम दौर में इस पद की याद आई है।

विधानसभा के अंतिम पदासीन उपाध्यक्ष भाजपा विधायक राजेश अग्रवाल थे। अगस्त 2003 में बनने वाली मुलायम सिंह यादव ने 11 महीने बाद 30 जुलाई 2004 को इस पद पर चुनाव कराया था। राजेश अग्रवाल का कार्यकाल 13 मई 2007 को समाप्त हुआ था। उसके बाद से यह कुर्सी खाली रही। 2007 में बनी मायावती सरकार और 2012 में बनी अखिलेश सरकार ने इस पद पर चुनाव ही नहीं कराया। 19 मार्च 2017 को योगी सरकार आई तो उम्मीद जागी कि शायद यह पद भरा जाए, लेकिन यह सरकार भी उदासीन ही बनी रही। हालांकि अब जब इस सरकार के चार वर्ष 211 दिन पूरे हो चुके है तो वह नया उपाध्यक्ष देने जा रही है।

विधानसभा में परंपरा अनुसार अध्यक्ष सत्तारूढ़ दल और उपाध्यक्ष विपक्ष से चुना जाता रहा है। यह सिलसिला भी राजेश अग्रवाल के साथ ही समाप्त होता नजर आ रहा है। क्योंकि जिन नितिन अग्रवाल के उपाध्यक्ष चुने जाने की प्रबल संभावना है। वे भले ही तकनीकी रूप से सपा के सदस्य हैं, लेकिन उन्हें भाजपा सरकार चुनाव मैदान में उतार रही है। विपक्ष से सपा अपना प्रत्याशी मैदान में ले ही आई है।

अब तक बने उपाध्यक्षों का कार्यकाल

क्रम संख्या नाम कार्यकाल

  1. राजेश अग्रवाल 30.07.2004 से 13.05.2007
  2. डा. वकार अहमद शाह 14.11.2003 से 26.07.2004
  3. डा. अम्मार रिजवी 28.09.2001 से 20.01.2002
  4. राम आसरे वर्मा 28.02.1992 से 06.12.1992
  5. सुरेन्द्र सिंह चौहान 07.03.1990 से 04.04.1991
  6. त्रिलोक चन्द्र 05.09.1985 से 29.11.1989
  7. हुकुम सिंह 14.09.1984 से 10.03.1985
  8. यादवेन्द्र सिंह उर्फ लल्लनजी 05.09.1980 से 14.12.1982
  9. जगन्नाथ प्रसाद 13.05.1978 से 17.02.1980
  10. शिवनाथ सिंह कुशवाहा 21.02.1975 से 30.04.1977
    (नोट- समस्त आंकड़े विधानसभा की वेबसाइट से लिया गया)

Related Articles

Back to top button