India US Deal : ‘भारत-अमेरिका अहम खनिज समझौते के करीब’, अमेरिकी राजदूत सर्जियो गोर ने किया दावा
India US Deal : भारत और अमेरिका अहम खनिजों के समझौते को अंतिम रूप देने के करीब हैं। अमेरिकी राजदूत सर्जियो गोर ने कहा कि उन्नत तकनीक और ऊर्जा सप्लाई चेन को मजबूत करने के लिए जल्द बड़ी घोषणा हो सकती है।
India US Deal : भारत और अमेरिका के बीच अहम खनिज (Critical Minerals) को लेकर बड़ा समझौता जल्द हो सकता है। भारत में अमेरिका के राजदूत Sergio Gor ने कहा कि दोनों देश इस समझौते को अंतिम रूप देने के बेहद करीब हैं और आने वाले महीनों में इसकी औपचारिक घोषणा की उम्मीद है।
नई दिल्ली में आयोजित India Today Conclave में बोलते हुए गोर ने कहा कि यह समझौता उन्नत विनिर्माण, ऊर्जा प्रणालियों और उभरती प्रौद्योगिकियों के लिए आवश्यक वैश्विक आपूर्ति श्रृंखलाओं को सुरक्षित करने में अहम भूमिका निभाएगा।
उन्होंने कहा कि भारत-अमेरिका साझेदारी में अभूतपूर्व संभावनाएँ हैं और दोनों देश इस संबंध को “ऐतिहासिक ऊँचाइयों” तक ले जा सकते हैं।
व्यापार और तकनीक में बढ़ रहा सहयोग
राजदूत गोर के मुताबिक हाल के महीनों में दोनों देशों के बीच कई अहम क्षेत्रों में प्रगति हुई है। इनमें व्यापार, तकनीकी सहयोग और रणनीतिक समन्वय शामिल हैं।
उन्होंने कहा कि दोनों देशों की अर्थव्यवस्थाओं का विशाल आकार, प्रतिभाशाली मानव संसाधन और उद्यमशीलता की ऊर्जा इस साझेदारी को वैश्विक स्तर पर बेहद प्रभावशाली बना सकती है।
गोर ने कहा कि भारत और अमेरिका अब केवल अवसरों की बात नहीं कर रहे, बल्कि उन्हें ठोस नतीजों में बदलने की दिशा में तेज़ी से आगे बढ़ रहे हैं।
अंतरिम व्यापार समझौते से बढ़ी रफ्तार
भारत और United States ने 7 फरवरी को पारस्परिक रूप से लाभकारी अंतरिम व्यापार समझौते के लिए एक रूपरेखा पर सहमति जताई थी। इस फ्रेमवर्क के तहत दोनों देशों ने भविष्य में व्यापक द्विपक्षीय व्यापार समझौते (BTA) पर बातचीत जारी रखने का निर्णय लिया है।
इस संभावित समझौते का उद्देश्य बाज़ार तक पहुँच बढ़ाने के साथ-साथ महत्वपूर्ण संसाधनों और सप्लाई चेन को सुरक्षित करना है, जो आने वाली वैश्विक अर्थव्यवस्था में महत्वपूर्ण भूमिका निभाएंगे।
अमेरिकी टैरिफ भी रहेगा असर
इस बीच अमेरिका ने Executive Order 14257 के तहत भारत से आयात होने वाले कुछ उत्पादों पर 18% पारस्परिक टैरिफ लागू करने का फैसला किया है।
इनमें कपड़ा और परिधान, चमड़ा, जूते-चप्पल, प्लास्टिक-रबर उत्पाद, ऑर्गेनिक केमिकल, हस्तशिल्प और कुछ मशीनरी शामिल हैं।
विशेषज्ञों का मानना है कि अहम खनिजों पर प्रस्तावित समझौता दोनों देशों के आर्थिक और रणनीतिक संबंधों को और मजबूत कर सकता है।



