UP Panchayat Election 2026: UP में पंचायत चुनाव पर ब्रेक! OBC आरक्षण और वोटर लिस्ट ने बढ़ाई मुश्किल
OBC आयोग की रिपोर्ट और फाइनल वोटर लिस्ट में देरी के कारण मई-जून में चुनाव होना मुश्किल माना जा रहा है। मामले को लेकर इलाहाबाद हाईकोर्ट ने सरकार और चुनाव आयोग से जवाब मांगा है।
UP Panchayat Election 2026: उत्तर प्रदेश में होने वाले त्रिस्तरीय पंचायत चुनाव की तारीख को लेकर असमंजस की स्थिति बनी हुई है। राज्य में मई-जून के दौरान पंचायत चुनाव कराए जाने थे, लेकिन कई प्रशासनिक और कानूनी अड़चनों के कारण चुनाव टलने की आशंका बढ़ गई है। इस मामले में अब सबकी निगाहें इलाहाबाद हाईकोर्ट की सुनवाई पर टिकी हुई हैं।
दरअसल, पंचायत चुनाव को समय पर कराने में सबसे बड़ी बाधा अंतिम मतदाता सूची और पिछड़ा वर्ग आयोग (OBC Commission) का गठन बताया जा रहा है। अभी तक अंतिम वोटर लिस्ट पूरी तरह तैयार नहीं हो पाई है। मुख्य निर्वाचन अधिकारी ने संकेत दिए हैं कि विशेष गहन पुनरीक्षण (SIR) की प्रक्रिया पूरी होने के बाद 10 अप्रैल तक फाइनल वोटर लिस्ट जारी की जा सकती है।
इसके अलावा, पंचायत चुनाव में आरक्षण तय करने के लिए पिछड़ा वर्ग आयोग की रिपोर्ट बेहद जरूरी है। बिना OBC आयोग की रिपोर्ट के ग्राम प्रधान, क्षेत्र पंचायत और जिला पंचायत की सीटों का आरक्षण तय नहीं किया जा सकता। आयोग के गठन और सर्वे प्रक्रिया में देरी होने के कारण चुनाव कार्यक्रम घोषित करने में कठिनाई आ रही है।
इधर, इलाहाबाद हाईकोर्ट ने राज्य निर्वाचन आयोग से यह भी पूछा है कि क्या वह तय समय सीमा के भीतर चुनाव करा पाएगा या नहीं। अदालत ने इस मामले में सरकार और चुनाव आयोग से जवाब मांगा है। यदि समय पर चुनाव नहीं हो पाए, तो पंचायतों में प्रशासक नियुक्त करने की स्थिति भी बन सकती है।
गौरतलब है कि उत्तर प्रदेश में ग्राम पंचायतों का कार्यकाल 26 मई 2026 से समाप्त होना शुरू हो जाएगा, जबकि क्षेत्र और जिला पंचायतों का कार्यकाल जुलाई तक खत्म होगा। ऐसे में यदि सभी प्रक्रियाएं समय पर पूरी नहीं हुईं, तो पंचायत चुनाव कुछ महीनों तक टल सकते हैं या विधानसभा चुनाव 2027 के आसपास कराए जाने की संभावना भी जताई जा रही है।
Written By: Kalpana Pandey



